दशहरे पर महंगाई की मार:कुंभकर्ण और मेघनाथ को खा गई महंगाई डायन, रावण का कद भी रह गया आधा

हिसार2 महीने पहले
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रावण का पुतला बनाने में जुटा क� - Dainik Bhaskar
रावण का पुतला बनाने में जुटा क�

लगातार बढ़ रही महंगाई का असर अब त्योहारों पर भी दिखना शुरू हो गया है। हर साल मनाए जाने वाले दशहरे पर भी इसका सीधा असर हुआ है। इस बार दशहरे पर लोगों को तीन की बजाय सिर्फ एक रावण के पुतले का ही दहन देखने को मिल सकेगा, बाकि कुंभकर्ण और मेघनाथ को महंगाई डायन ने निगल लिया है। रावण का पुतला भी इस बार बीते सालों की अपेक्षा आधा ही दिखाई देगा। इस बार रावण का पुतला सिर्फ 25 फीट ऊंचा होगा और इसमें नाममात्र की आतिशबाजी लगाई गई है। महंगाई के कारण इस बार कारीगरों को भी कम ही आर्डर मिल पाए हैं जिनके कारण उनकी आर्थिक हालत भी बिगड़ गई है। पुतले बनाने वाले कारीगर प्रमोद के अनुसार वह पिछले 39 वर्ष से पुतले बनाने का काम कर र‌हा ‌है। हर साल उसके पास दस जगहों से पुतले बनाने के लिए आर्डर आते थे। इस बार सिर्फ कटला रामलीला कमेटी की ओर से व गंगवा की रामलीला कमेटी की तरफ से ही ऑर्डर आए हैं और इन्होने भी सिर्फ एक-एक पुतला ही बनवाया है।

प्रमोद ने कहा कि पहले 50 फीट ‌तक के पुतले बनाने के लिए ऑर्डर आते थे। इस बार 25 फीट तक के पुतलों के लिए ही ऑर्डर आए हैं। उन्होंने बताया कि पहले रावण, मेघनाद, कुंभकरण के पुतले फूंके जाते थे। इस बार केवल रावण का ही पुतला फूंका जाएगा।‌ हर वर्ष पुतले बनाने के लिए बुलंदशहर से कारीगर सबदीर खान को बुलाया जाता था। इस बार बिहार से लक्ष्मण, सत्यनारायण, वरुण, सत्यम कारीगरों को बुलाया गया है। प्रमोद ने कहा कि पुतलों में इस बार पटाखे भी नहीं भरे गए। पहले पुतलों में करीब 75 हजार पटाखे भरे जाते थे। इस बार नाममात्र पटाखे भरे गए हैं। प्रमोद ने बताया कि पुतले बनवाने वाली कमेटियों की ओर से इस बार कम खर्च किया जा रहा है। जिस कारण उसे भी परेशानी हो रही है। प्रमोद का कहना है कि उसे इस कार्य में अपने साथ लगे अन्य कारीगरों की भी दिहाड़ी देनी है। जिस कारण इस बार मुनाफे का सौदा नहीं हुआ।

कटला रामलीला कमेटी ‌सदस्य तिलक जैन ने बताया कि दो वर्ष से कोरोना महामारी के चलते सभी त्योहार फीके पड़ गए थे। इस बार कोरोना केस कम आने पर कुछ छूट के साथ दशहरा पर्व मनाया जा रहा है। जिसको लेकर लोगों में भी काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बार ‌कोरोना के नियमों का पालन करते हुए ही इस बार रावण दहन होगा। उन्होंने बताया कि कटला रामलीला मैदान में रावण दहन देखने के लिए इस बार लोगों को सीमित संख्या में ही मैदान में प्रवेश की अनुमति होगी। ऐसा कदम भीड़ को रोकने के लिए उठाया गया है।

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