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कोरोना काल में लापरवाही:23 सितंबर को संक्रमित आया था लेक्चरर, 11 अक्टूबर को चला पता

हिसार8 महीने पहले
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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।
  • लेक्चरर ने कहा-मैं जागरूक हूं मगर हेल्थ टीम की लापरवाही से मैंने फील्ड में आइसोलेशन पीरियड गुजार दिया, न जाने कितनों के संपर्क में रहा

कोरोना को फैलने से रोकने के लिए गठित रेपिड रिस्पोंस टीम की एक बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। यह मामला है जहाजपुल स्थित सरकारी स्कूल के 48 वर्षीय एक लेक्चरर का, जोकि सेक्टर 14 में रहते हैं। इन्होंने 2 बार कोविड जांच करवाई थी। 21 सितंबर को आरटीपीसीआर टेस्ट करवाया था। 22 सितंबर को रेपिड एंटीजेन टेस्ट करवाया था। इसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी, लेकिन कोविड पोर्टल पर पॉजिटिव अपडेट (इससे भी अनजान) किया हुआ है।

पर, मौखिक रूप से निगेटिव की जानकारी मिलने पर लेक्चरर बेफिक्र होकर पहले की भांति दिनचर्या में व्यस्त हो गए। 23 सितंबर को आरटीपीसीआर सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई थी। यह जानकारी किसी भी तरह से रोगी यानी लेक्चरर तक नहीं पहुंचाई गई। हालांकि कुछ दिन बाद लेक्चरर ने खुद हेल्थ वर्कर को फाेन कर रिपोर्ट के बारे पूछा था। जवाब मिला था कि एक सप्ताह तक आपके पास फोन नहीं आया है तो समझ लें निगेटिव हैं। फिर हुआ भी ऐसा ही।

काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग करने वाली रेपिड रिस्पोंस टीम ने फोन नंबर गलत होने का दावा करके केस को अनट्रेस लिस्ट में डाल दिया। हैरत की बात यह कि स्कूल में टेस्टिंग हुई थी, वहां जाकर भी हेल्थ टीम ने रोगी के बारे पता करने की कोशिश नहीं की। खुद के संक्रमित होने से अनजान लेक्चरर निरंतर स्कूल आता-जाता रहा। परिजनों और परिचितों तक के संपर्क में रहा। 11 अक्टूबर को हेल्थ वर्कर का सही नंबर डायल हुआ और लेक्चरर से संपर्क होने पर बताया कि आप पॉजिटिव हैं।

यह सुनकर उनके होश उड़ गए। यह सोचकर परेशान हो गए कि मैं तो स्कूल के करीब 70 से अधिक स्टाफ, परिजनों, परिचितों व अनजान लोगों के संपर्क में आया होंगा। मेरी वजह से न जाने कितनाें पर संक्रमण का खतरा हुआ हाेगा। अगर समय पर जानकारी मिल जाती तो खुद को आइसोलेट कर लेता। बीईओ ऑफिस, स्कूल या मेरे घर आकर भी जानकारी दे सकते थे। ऐसा नहीं किया, जोकि लापरवाही है।

पोर्टल पर रिपोर्ट ठीक करने को लिखा

आईडीएसपी इंचार्ज डॉ. जया गोयल ने बताया कि लेक्चरर का मामला संज्ञान में आया है। इनकी रेपिड एंटीजेन टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव थी लेकिन पोर्टल पर पॉजिटिव दर्शा रखी है। आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव थी लेकिन फोन नंबर गलत होने पर अनट्रेस लिस्ट में रिपोर्ट डाल दी थी। हालांकि समय पर केस को ट्रेस करना चाहिए था। कोविड पोर्टल पर रिपोर्ट पॉजिटिव दर्शाने के मामले व इसे ठीक करने के लिए आईसीएमआर को पत्र लिखा है।

रिपोर्ट पॉजिटिव थी तो समय पर संपर्क करके बता देना चाहिए था : प्राचार्य, जहाजपुल स्कूल

लेक्चरर स्कूल में आते रहे हैं। इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव थी तो समय पर संपर्क करके बता देना चाहिए था। हमसे भी किसी ने संपर्क नहीं किया। स्कूल में काफी संख्या में टीचिंग, नॉन टीचिंग स्टाफ है। उनकी भी कुछ दिनों पहले टेस्टिंग हुई थी। उनमें से कुछ संक्रमित भी मिले थे। - अश्वनी काठपाल, प्राचार्य, गवर्नमेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल जहाजपुल चौक।

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