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अधूरे इंतजाम:माॅनसून सिर पर: बरसाती नाले बने डंपिंग प्वाॅइंट, झेलना पड़ सकता है जलभराव

हिसार12 दिन पहले
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हिसार के ऑटो मार्केट के सामने टूटी हालत में बरसाती नाला। प्रशासन द्वारा सफाई नहीं की गई। - Dainik Bhaskar
हिसार के ऑटो मार्केट के सामने टूटी हालत में बरसाती नाला। प्रशासन द्वारा सफाई नहीं की गई।
  • ऑटाे मार्केट, सिरसा राेड, कैमरी राेड, दिल्ली राेड, अर्बन एस्टेट और मिल गेट में नालों की नहीं हुई सफाई
  • जमीनी हालात- कूड़े और कचरे से अटे पड़े हैं नाले, अनेक जगह सीवरेज लाइनें भी ब्लाॅक
  • विभाग का दावा-10 जून तक सफाई का काम पूरा कराएगा

माॅनसून सिर पर है, लेकिन जिले में जनस्वास्थ्य विभाग साेया हुआ है। शहर के बरसाती नालाें की हालत बद से बदतर है और नाले डंपिंग स्टेशन बने हुए हैं। वहीं जन स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है कि 10 जून तक बरसाती नालाें और ड्रेनेज की सफाई का काम पूरा हाे जाएगा।

मगर जिस तरह के हालात हैं, ऐसे में लगता नहीं कि माॅनसून तक यह दुरुस्त हाे पाएंगे। शहर से गुजरने वाले आधा दर्जन बरसाती नाले कूड़े कर्कट से अटे पड़े हैं। खासकर दिल्ली राेड इंडस्ट्रीज एरिया, ऑटाे मार्केट के सामने, पड़ाव से निकलने वाले दाेनाें ओर के नाले, कैमरी राेड पर नया बना नाला, आजाद नगर, मिल गेट राेड जिंदल पार्क के साथ ड्रेनेज पानी व गंदगी से अटे हैं। इनमें तकरीबन सभी जगहाें पर हर साल माॅनसून की बारिश में लाेगाें काे जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ता है।

सिरसा राेड वासी दुकानदार हवा सिंह, आत्मा राम, सुनील शर्मा, और जयदेव आहुजा ने बताया कि अभी तक यहां जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से काेई भी काम शुरू नहीं किया गया है। सिविल अस्पताल और टीबी अस्पताल के साथ चल रहे नाले बंद पड़े हैं। जब माॅनसून आएगी ताे पूरा मार्ग लबालब हाे जाएगा।

सीवरेज और पानी सप्लाई का जिम्मा जनस्वास्थ्य विभाग का, 5 से 8 फीट तक गहरे ड्रेनेज और नालों की सफाई की नहीं ली जा रही सुध

शहर से पानी की निकासी के लिए अलग-अलग क्षेत्राें में बने बरसाती नालाें की गहराई 5 से 8 फीट हैं, लेकिन इनमें पानी कम और कूड़ा ज्यादा देख सकते हैं। जहां-जहां नाले कवर्ड हैं, वहां ताे आम लाेगाें काे पता नहीं चलता है, लेकिन खुले नालाें में साफ देखा जा सकता है कि अंदर कूड़े के ढेर लगे हैं।

सीवरेज और पानी से जुड़ा मामला जनस्वास्थ्य विभाग के पास है। लाेगाें काे इनसे संबंधित सेवा देना और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी भी विभाग की बनती है। रूटीन में सीवरेज और पानी काे लेकर शिकायताें का निवारण ताे पांच-सात दिन में हाे जाता है, लेकिन आमजन के सामने बड़ी समस्या तब आती है जब बरसात से शहर जलमग्न हाेता है। इसका बड़ा कारण ड्रेनेज और सीवरेज की नियमित सफाई न हाेना है।

रविवार दाेपहर काे शहर के कुछ हिस्साें में जाकर बरसाती नालाें में स्थिति दयनीय हालत में दिखी। खासकर ऑटाे मार्केट के साथ गुजर रहे ड्रेनेज, सिरसा राेड पर टीबी अस्पताल के साथ और जिंदल पार्क के पास बरसाती नाले ब्लाॅक पड़े हैं।

बरसाती नाले में जमा प्लास्टिक और मिट्टी। हिसार के टीबी हॉस्पिटल के सामने बरसाती नाले की नहीं हुई सफाई। जिससे जलभराव हो सकता है।
बरसाती नाले में जमा प्लास्टिक और मिट्टी। हिसार के टीबी हॉस्पिटल के सामने बरसाती नाले की नहीं हुई सफाई। जिससे जलभराव हो सकता है।

विभाग का दावा-तेजी से चल रहा है काम

जनस्वास्थ्य विभाग का दावा है कि शाहपुर से निकलने वाली मेन ड्रेनेज की सफाई का काम तेजी से चल रहा है। वहीं बरवाला चुंगी के पास हिसार-दिल्ली बाइपास पर बनी ड्रेनेज की सफाई का काम भी किए जाने की बात विभाग के अधिकारी कह रहे हैं। जब इस बारे में संबंधित जेई व एसडीओ के नंबर पर फाेन मिलाया ताे नाे रिप्लाई रहा।

सफाई को लेकर अधिकारियों की बैठक बुलाई जाएगी : गुप्ता

मैंने विधायक बनने के बाद शहर के सभी बंद पड़े बरसाती नालाें काे खुलवाने का काम किया था। इसके बाद बरसात के दिनाें में भरने वाला पानी कुछ ही समय बाद उतर जाता है। रही बात शहर से गुजरने वाली ड्रेनेज की ताे जनस्वास्थ्य विभाग काे निर्देश दिए हैं कि जल्द उनकी सफाई करवाई जाए, ताकि माॅनसून से पहले पानी निकासी की समस्या न आए। इस संबंध में अधिकारियाें की बैठक भी बुलाई जाएगी।''
डाॅ. कमल गुप्ता, विधायक, हिसार।

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