नगर निगम की किरकिरी:बिना एनओसी निगम ने मेयर से वाइडनिंग का कराया शुभारंभ, बीएंडआर ने रुकवाया काम

हिसार9 महीने पहलेलेखक: राजेश सैनी
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हिसार बीकानेर चौक से रेलवे स्टेशन की तरफ जाने वाला रोड। जिस रोड पर होने वाला काम रुकवा दिया। - Dainik Bhaskar
हिसार बीकानेर चौक से रेलवे स्टेशन की तरफ जाने वाला रोड। जिस रोड पर होने वाला काम रुकवा दिया।
  • रेलवे रोड पर शुक्रवार को नारियल फोड़कर किया था काम शुरू, अगले दिन ही ब्रेक
  • बीएंडआर अफसर बोले- हमारा रोड है, नगर निगम यहां कैसे करा रहा काम

नगर निगम में राेज अनाेखे कारनामे सामने आ रहे हैं। नया मामला रेलवे राेड की वाइडनिंग से जुड़ा है। दरअसल, शुक्रवार काे नगर निगम के अफसराें ने रेलवे राेड वाइडनिंग के जिस काम का शुभारंभ मेयर गाैतम सरदाना और भाजपा नेताओं काे बुलवा कर करवाया था, उस काम काे शनिवार काे बीएंडआर के अफसराें ने रुकवा दिया। बीएंडआर अफसराें का कहना है यह राेड ताे हमारा है।

नगर निगम इस पर काम कैसे करवा रहा है। माैके पर काम करवा रहे एजेंसी के सुपरवाइजर ने काफी देर तक काम बंद नहीं किया ताे अधिकारियाें ने एफआईआर कराने की धमकी दी तब जाकर काम रुका।

यह नगर निगम का पहला मामला नहीं है। नगर निगम ने कई ऐसे राेड निर्माण किए हैं जाे नगर निगम के हैं ही नहीं, उनका निर्माण या राेड वाइडनिंग का काम कर दिया जाता है। वह भी बिना एनओसी के। साथ ही जनता के पैसे की बर्बादी भी हाे रही है। जिम्मेदारों की लापरवाही से सिस्टम को किरकिरी झेलनी पड़ती है। बड़ा सवाल यह है कि आखिर नगर निगम के अफसर बिना एनओसी दूसरे विभाग की सड़क पर काम कैसे शुरू करा देते हैं।

समझिए प्राेसेस - जगह की पड़ताल, फिजिबिलिटी एनओसी, एस्टीमेट, अप्रूवल, टेंडर और वर्क ऑर्डर

टेक्निकल विंग को जब काेई कार्य करना होता है ताे पहले देखा जाता है कि यह जमीन किसकी है। और काेई प्राेजेक्ट बनाना संभव हाे पाएगा या नहीं। यानी उसकी फिजिबिलिटी चेक की जाती है। अगर निर्माण संभव है ताे संबंधित विभाग से एनओसी ली जाती है कि क्या यह प्राेजेक्ट बनाया जा सकता है। अगर संबंधित विभाग परमिशन दे उसका एस्टीमेट तैयार किया जाता है। जिसकी टेक्निकल व एडमिनिस्ट्रेटिव अप्रूवल ली जाती है। मंजूरी पर टेंडर की प्रक्रिया के बाद एजेंसी काे वर्क ऑर्डर जारी किया जाता है।

पढ़िए ऐसे ही मामले जिनमें बिना एनओसी के किया गया काम और बाद में हुई निगम की फजीहत, जनता का पैसा हुआ बर्बाद

केस- 1 - हरिदास काॅलाेनी से सेक्टर 13 श्मशान घाट की दीवार के साथ नगर निगम ने सड़क बनाने के लिए टेंडर लगा दिया। यह जमीन रेलवे की थी, जिनसे एनओसी ही नहीं ली गई। निगम ने एचएसवीपी काे एनओसी के लिए लैटर लिखा। जिस पर एचएसवीपी ने कहा कि हमारी जमीन ही नहीं है और ना हमें यहां सड़क बनाने पर काेई आपत्ति है। जब काॅन्ट्रेक्टर सड़क बनाने पहुंचा ताे रेलवे के पत्थर लगे मिले। तब जाकर काम राेका गया। यह टेंडर भी करीब 18 लाख रुपये का था, जिसमें तीन काम थे।

केस -2- दूसरा मामला रेलवे राेड का ही है। इस राेड की वाइडनिंग के लिए नगर निगम ने शुक्रवार काे ही मेयर से शुभारंभ कराया। इस टेंडर में भी चार वर्क थे जाे करीब 50 लाख रुपये से किए जाने हैं। निगम के काॅन्ट्रेक्टर ने जैसे ही काम शुरू किया किसी ने मामले की
सूचना बीएंडआर काे दे दी। बीएंडआर ने काम रुकवा दिया।

केस-3- करीब दाे-तीन साल पहले नगर निगम ने बीएंडअार के बालसमंद राेड पर राेड वाइडनिंग का काम बिना अनुमति कर दिया। बीएंडआर ने इस राेड की फाेरलेन की प्रपाेजल भेजी हुई थी। बीएंडआर ने जब इस काम काे शुरू किया ताे निगम काे चिट्ठी लिखी कि यह राेड वाइडनिंग में लगाई इंटरलाॅकिंग टाइलें उखाड़ ले। जब टेंडर हुआ था ताे यह काम करीब 58 लाख रुपये का था। अब निगम इसे उखड़वाकर ऑटाे मार्केट में या अन्य जगहाें पर रखवा रहा है जाे जनता के पैसे की बर्बादी है।

केस-4- राजगढ़ राेड पर नगर निगम ने पहले फुटपाथ व राेड वाइडनिंग का काम कर दिया। करीब दाे साल पहले राजगढ़ राेड के निर्माण के दाैरान बीएंडआर ने फिर ये इंटरलाॅकिंग टाइलें उखड़वा दी। ऐसे में इन टाइलाें पर किया लाखाें रुपये का खर्च वेस्ट हाे गया। इनमें से कुछ इंटरलाॅकिंग टाइलें निगम ने गाेअभयारण्य में भेज दीं बाकि कुछ चाेरी हाे गई। चाेरी के मामले में खुद तत्कालीन डीसी ने निगम अधिकारियाें काे सूचना दी थी।

सीधी बात- अशाेक कुमार गर्ग, नगर निगम कमिश्नर

Q. रेलवे राेड पर वाइडनिंग का काम शुक्रवार काे शुरू हुअा है, यह जमीन आपकी नहीं है क्या?
A. यह जमीन किसकी है यह ताे टेक्निकल विंग बता सकती है, काम करने से पहले यह देखना उनकी जिम्मेदारी है।
Q. जमीन बीएंडआर की है, संबंधित विभाग ने काम रुकवा दिया है?
A. अगर ऐसा है ताे गलत है, टेक्निकल विंग की लापरवाही है हमें दूसरे विभाग की सड़क बनानी ही नहीं चाहिए।

Q. पहले भी ऐसा हुआ है आप जिम्मेदाराें पर क्या एक्शन लेंगे?
A. पहले का काेई मामला मेरी नाॅलेज में नहीं है। हां, इस मामले में जाे भी जिम्मेदार है उनसे जवाब मांगा जाएगा, मामले की जांच हाेगी। जांच में अगर काेई दाेषी मिला ताे उस पर कार्रवाई की जाएगी।

मुझे भी जानकारी मिली है कि बीएंडअार ने काम रुकवा दिया है। नियम क्या है, इस हिसाब से निगम काे एनओसी लेनी चाहिए थी। जेई काे नाेटिस भेजा है। हालांकि जेई ने कहा कि यह काम कर सकते हैं। हमने उनसे नियमाें की काॅपी मांगी है। यदि कोई गलत है तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखूंगा।'' - गाैतम सरदाना, मेयर, हिसार।

बीएंडआर के राेड की बिना एनओसी नगर निगम राेड वाइडनिंग का काम कर रहा था। हमारी टीम ने माैके पर जाकर काम रुकवा दिया है।'' गाैरव जैन, एसडीअओ, बीएंडआर।

बीएंडआर ने काम रुकवा दिया है। अगर बीएंडआर के अधिकारी बनाने की अनुमति देंगे ताे हम बना देंगे वरना नहीं। मामला उच्च अधिकारियाें के संज्ञान में है जैसे आदेश हाेंगे पालना की जाएगा।'' -प्रवीन चाैहान, जेई, नगर निगम।

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