पैरेंट्स दाखिले के लिए काट रहे हैं चक्कर:आश्वासन की घुट्टी पिलाकर अफसर टरकाते रहे, नहीं लिया कोई एक्शन

हिसार11 दिन पहले
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नियम 134 ए के तहत दाखिला पाने के लिए बच्चे और अभिभावक पिछले 24 दिन से भटकने को मजबूर - Dainik Bhaskar
नियम 134 ए के तहत दाखिला पाने के लिए बच्चे और अभिभावक पिछले 24 दिन से भटकने को मजबूर
  • शिक्षा विभाग के अधिकारियों का हास्यास्पद तर्क- दाखिले ऑनलाइन अपडेट करने की नहीं थी सटीक जानकारी

नियम 134 ए के तहत दाखिला पाने के लिए बच्चे और अभिभावक पिछले 24 दिन से भटकने को मजबूर हैं। इसके बावजूद उन्हें दाखिला लेने के लिए सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। जहां स्कूल संचालक छाेटी-छोटी गलती निकाल कर उन्हें शिक्षा अधिकारियाें के पास भेज देते हैं, वहीं दूसरी ओर अधिकारी आश्वासन की घुट्टी पिलाकर अभिभावकाें वापिस भेजते रहे हैं। एडमिशन में हुई देरी के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी पूरी जानकारी न होने की आड़ लेकर खुद का बचाव करते नजर आ रहे हैं। हैरत की बात यह है कि कई अधिकारियों का एडमिशन की प्रक्रिया से कई बार सामना हो चुका है। उसके बाद नियमों की जानकारी होने की बात कहना हास्यास्पद ही लगता है।

शुक्रवार काे हुई निदेशालय के साथ मीटिंग में शिक्षा अधिकारियाें के नियम 134-ए की पूर्ण जानकारी देने के बाद विभाग जागा है और पाेर्टल पर दाखिलाें की संख्या अपडेट करने की जानकारी लेने के बाद एकदम से दाखिलाें की संख्या बढ़ी है। 5 काे जिले में हुए दाखिलाें की संख्या 476 थी। वहीं शुक्रवार काे 1137 की संख्या अपडेट हुई है। अब डीईओ के आदेश के बाद सभी खंड अधिकारी सही तरीके से बच्चाें के हुए दाखिलाें की संख्या कैसे अपडेट करें। उसकी जानकारी देंगे।

निदेशालय ने दिए थे ये निर्देश

  • यदि किसी स्थित में निजी स्कूल संचालक चयनित बच्चे काे तुच्छ आधार पर यानि की नाम के अक्षर में गलती, पिछले स्कूल का अलग यूडीआईएसई काेड जैसी गलती पर दाखिला नहीं देता है ताे अभिभावक खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में लिखित शिकायत दे सकता है और अभिभावक से मिलने के बाद बीईओ काे 72 घंटे के भीतर शिकायत का समाधान करना हाेगा।
  • यदि शिकायत ब्लाॅक स्तर पर हल नहीं हाेती है ताे जिला शिक्षा कार्यालय में भेजी जाएगी और डीईओ काे 48 घंटे करना निपटान करना हाेगा।
  • पाेर्टल पर खंड अधिकारी और शिक्षा अधिकारी काे 24 दिसंबर से पहले सभी निजी स्कूलाें में हुए दाखिला की पूरी स्थिति स्पष्ट करनी हाेगी।
  • निजी स्कूल में किसी चयनित बच्चे काे छाेटी माेटी गलती के कारण दाखिला नहीं दिया जाता है, ताे खंड अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी काे उस अस्वीकृत बच्चे को ट्रैक करना हाेगा और स्कूल से स्पष्टीकरण मांगना हाेगा।

ये भी हैं कारण : हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यावान कुंडू ने बताया कि निजी स्कूल संचालकाें काे गरीब बच्चाें काे दाखिला देने में काेई आपत्ति नहीं है, मगर सरकार ने 2019 से लेकर अब तक का दूसरी से लेकर 8वीं का एक पैसा तक भी नहीं दिया है। इसके साथ 2015 से 2018 तक कुछ स्कूलाें काे ही कुछ राशि मिल पाई है। साथ सरकार अभी तक 9वीं से 12 कक्षा में पढ़ रहे बच्चाें की फीस निर्धारित नहीं कर पाई है। निजी स्कूलाें काे वह बच्चे फ्री में पढ़ाने पड़ रहे हैं। विभाग अभी तक 2015 से 2021 तक अभियार्थियाें के आय प्रमाण पत्र की जांच नहीं करा पाया है।

दाखिलाें की सही तरीके से पाेर्टल पर जानकारी अपडेट करने के सभी बीईओ काे आदेश दे दिए हैं। वह सभी स्कूल संचालकाें काे इसकी जानकारी देंगे। पहले जिले में 3280 बच्चाें काे निजी स्कूलाें में दाखिला दिया जाना था। मगर वैरिफिकेशन के बाद कुछ बच्चाें के आय प्रमाण पत्र और अन्य कमियाें के कारण उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया है। अब 3137 बच्चाें काे दाखिला दिया जाएगा। -कुलदीप सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार।

शिक्षा विभाग के अधिकारी ने ये दिए जवाब

  • जिन बच्चाें के नाम, यूडीआईएसई काेड जैसी गलती आ रही थी। उसके लिए डीईईओ ने लिस्ट बनाकर खंड अधिकारियाें काे साैंप दी थी। इसके बाद उन्हाेंने स्कूल संचालकाें काे वेरिफाई करा कर बच्चाें को दाखिला दिलाने के लिए निर्देश दिए थे। दूसरी ओर बीईओ हिसार-1 प्रदीप नरवाल ने बताया हमारे पास एेसी शिकायतें 6 से 7 बच्चाें की ही आई थी।
  • सभी शिकायतें ब्लाॅक स्तर पर निवारण कर दी थी और जाे अभिभावक कार्यालय में आ रहे हैं। उनकी समस्या सुन स्कूल संचालकाें से बातचीत कर दाखिले करा रहे है।
  • 24 दिसंबर से पहले सभी निजी स्कूलाें में हुए दाखिला की पूरी स्थिति स्पष्ट करनी थी, मगर उसका स्पष्ट डेटा नहीं था। लेकिन अब सभी बीईओ और स्कूलाें काे डेटा अपडेट करने के आदेश दिए हैं। पाेर्टल पर हुए दाखिलाें की संख्या कैसे अपडेट करनी है। उसके बारे में हमें सही तरीके सेे पता नहीं था। 7 जनवरी को मीटिंग हाेने के बाद सही जानकारी मिली है। अब सभी स्कूलाें काे बीईओ के माध्यम से डेटा अपडेट करने की जानकारी दी जा रही है और 15 जनवरी तक सभी बच्चाें काे पूर्ण रूप से दाखिला दे दिया जाएगा।
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