ग्राउंड रिपोर्ट:अस्पतालों में ऑक्सीजन कटाैती पर हाहाकार, नये मरीज भर्ती करने से इनकार, पुराने काे कर रहे डिस्चार्ज

हिसार6 महीने पहलेलेखक: महबूब अली
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हिसार. सोनी बर्न हॉस्पिटल से रेफर किए गए रोगी सिविल हॉस्पिटल में इंतजार करते हुए। - Dainik Bhaskar
हिसार. सोनी बर्न हॉस्पिटल से रेफर किए गए रोगी सिविल हॉस्पिटल में इंतजार करते हुए।
  • शहर के अस्पतालों का रियल्टी चेक किया ताे सिस्टम की बदहाली और लोगों की बेबसी दिखी
  • तीमारदार बाेले- ऑक्सीजन नहीं हाेने का हवाला दे अस्पताल भर्ती नहीं कर रहे मरीज, आखिर कहां जाएं
  • डॉक्टर बाेले- पूरी ऑक्सीजन ही नहीं मिल रही ताे फिर नए मरीज भर्ती करने का अस्पताल रिस्क कैसे उठाए

कोरोना तेजी से फैल रहा है। अस्पतालों में हालात भयावह होते जा रहे हैं। ज्यादातर अस्पतालों में बेड फुल हैं। मरीजों को लेकर तीमारदार अस्पतालों के दर-दर भटक रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी पर अस्पताल संचालकों ने भी हाथ खड़े करने शुरू कर दिए हैं। सोनी बर्न अस्पताल में ऑक्सीजन न मिलने पर पांच रोगियों की मौत के प्रकरण के बाद अस्पतालों के संचालक रिस्क नहीं उठाना चाहते।

अस्पतालाें में ऑक्सीजन कटाैती के चलते मरीजाें और तीमारदाराें काे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इससे लाेगाें काे निजात दिलाने के ठाेस कदम उठाते नजर नहीं आ रहे।

हिसार के अस्पतालाें की यदि बात की जाए ताे यहां पर करीब आधी कटाैती ऑक्सीजन में की गई है। इसके कारण मरीजाें की सांसें संकट में आ गई हैं। यही नहीं कुछ अस्पतालाें ने ताे पहले से भर्ती मरीजाें काे अपने घर छुट्टी देकर भेजना शुरू कर दिया है। जिले में तीस काेविड और नाॅन काेविड अस्पताल है। जिनमें से छह अस्पतालाें में भास्कर ने पड़ताल की ताे सामने आया है कि अब करीब 55 प्रतिशत ऑक्सीजन ही अस्पतालाें काे मिल पा रही है। इसके कारण भर्ती मरीजाें का ही उपचार हाे पा रहा है।

दाे दिन से हिसार के सेवक सभा, आधार, सर्वाेदय, सपरा आदि अस्पतालाें ने नए पेशेंट काे भर्ती करने से ही इनकार कर दिया है। हिसार के सिविल अस्पताल में जहां प्रतिदिन तीन मैट्रिक टन ऑक्सीजन गैस मिलती थी, अब एक मैट्रिक टन ही मिल पा रही है। नए मरीजाें काे भी भर्ती नहीं किया जा रहा है। पीएमओ का कहना है कि प्रशासन से ऑक्सीजन की डिमांड की गई है। वहीं, आईएमए के जिलाध्यक्ष जेपीएस नलवा का कहना है कि नाॅन काेविड अस्पतालाें में ऑक्सीजन की कटाैती से परेशानी हाे रही है। ऑक्सीजन की कमी के कारण काेविड अस्पताल संचालक भी धीरे धीरे बैकफुट पर आ रही है।

अस्पताल संचालक ये दे रहे तर्क

1. ऑक्सीजन नहीं है तो पेशेंट रखकर क्या करें। 2. ऑक्सीजन है तो डॉक्टर्स को सोनी अस्पताल प्रकरण के बाद डर लगने लगा है। 3. बेड्स व वेंटिलेटर खाली मगर डॉक्टर्स मरीज रखने को तैयार नहीं कि कोई मर गया तो कौन भुगतेगा इन्क्वारी। 4. एक अस्पताल में डॉक्टर्स ने प्रबंधन को कह दिया आप इलाज कर लो, मुझे मत कहो। 5.पेशेंट का सारा लोड अग्रोहा मेडिकल कॉलेज और सिविल अस्पताल पर।

भाजपा नेता संपत सिंह बोले- जागाे सरकार मरीज घुट-घुटकर मर रहे हैं...

हिसार| भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री प्रो. सम्पत सिंह ने काेराेना काल में फैली अव्यवस्था पर सरकार की अनदेखी काे लेकर सवाल उठाए हैं। उन्हाेंने कहा कि जागो मेरी सरकार जागो। उठकर देखो, कैसे ऑक्सीजन न मिलने से देश और प्रदेश में कोरोना मरीज घुट-घुटकर मर रहे हैं। क्या आपको इन मरने वाले परिवारों की चीखें सुनाई नहीं दे रही। मुख्य प्रशासक कह रहे हैं कि अस्पतालों को के लिए ऑक्सीजन का कोटा तय कर दिया है। प्रदेश के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। आप कब और कहां ऑक्सीजन खत्म होगी इसकी ऑनलाइन माॅनिटरिंग करके जरूरत वाली जगह ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने के लिये ऑटोमेटिक सिस्टम क्यों नहीं बनाते।

ऑक्सीजन खत्म होने पर मरीजों की मौत के बाद सोनी बर्न हॉस्पिटल को काेविड केयर सेंटर की सूची से बाहर कर दिया

जानिए बेड्स की स्थिति

इन किस्सों से समझिए मरीज और तीमारदारों की परेशानी

1. ऋषि नगर वासी राजेश ने बताया कि उसके चाचा का शहर के काेविड अस्पताल में उपचार चल रहा है। अब अचानक फिर से उसकी हालत बिगड़ गई। अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन देने से इनकार कर दिया। 6 अस्पताल में जा चुका हूं मगर सिलेंडर की व्यवस्था नहीं हाे पाई।

2. ऑक्सीजन प्लांट पर पहुंचे सेक्टर 1-4 वासी मनीष ने बताया कि शहर के अस्पताल में उसकी पत्नी भर्ती है। अस्पताल प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए हैं कि उनके पास ऑक्सीजन नहीं है। अब ऑक्सीजन सिलेंडर लेने आया हूं। मगर एक घंटे से नंबर ही नहीं आया है।

3. सिविल अस्पताल में पहुंचे ढंढूर के मनाेज ने बताया कि उसके पिता की अचानक ही तबीयत खराब हाे गई। सिविल अस्पताल पहंुचा। मगर पर ऑक्सीजन की कमी और बेड नहीं हाेने की बात कहते हुए भर्ती करने से इनकार कर दिया। अब प्राइवेट अस्पताल में पिता काे लेकर जा रहा हूं।

काेविड केयर सेंटर और बेड की संख्या बढ़ेगी : डीसी

डीसी डाॅ. प्रियंका साेनी का कहना है कि तीनाें बनाए गए जाेन में अब तक एक हजार से ज्यादा की सैंपलिंग कराई जा चुकी है और सैंपलिंग कराई जाएगी। जल्द ही सिचुएशन काबू में आएगी। सिविल अस्पताल में भी बेडाें की संख्या बढ़ाई जा रही है। काेविड केयर सेंटराें काे बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है। काेविड के नाेडल अधिकारी डाॅ. सुभाष खटरेजा ने बताया कि काेराेना की जांच के लिए रोज चार हजार से ज्यादा सैंपलिंग कराई जा रही है। हालांकि पिछले तीन दिन में संक्रमिताें की संख्या भी घटी है। डीआईजी बलवान सिंह राणा ने कहा कि कंटेनमेंट जाेन का नाेडल अधिकारी एएसपी काे बनाया गया है।

हिसार | ऋषि नगर श्मशान घाट में दिल्ली का रहने वाला एक व्यक्ति वीडियो कॉल कर परिजनों को कोविड पेशेंट की मौत के बाद अंतिम संस्कार दिखाता हुआ है। }फोटो: रॉकी कुमार
हिसार | ऋषि नगर श्मशान घाट में दिल्ली का रहने वाला एक व्यक्ति वीडियो कॉल कर परिजनों को कोविड पेशेंट की मौत के बाद अंतिम संस्कार दिखाता हुआ है। }फोटो: रॉकी कुमार
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