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जेल में बंदी ने की आत्महत्या:सेंट्रल जेल-वन में बंदी ने फांसी लगा सुसाइड किया, दुष्कर्म के मामले में जेल में था बंद

हिसार20 दिन पहले
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संदीप की फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
संदीप की फाइल फोटो।

सेंट्रल जेल वन में गांव डोभी के रहने वाले 25 वर्षीय बंदी संदीप ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। यह करीब 2 माह से नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मुकदमे में बंद था। इसका पता चलने पर जेल प्रशासन ने जांच की। इसके बाद मृतक के परिजनों और सिविल लाइन थाना पुलिस को बुला लिया।

इनके सामने शव को फंदे से नीचे उतारकर सिविल अस्पताल पहुंचाया। यहां जेएमआईसी अंतरप्रीत सिंह की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस मामले की न्यायिक जांच होगी।

सदर थाना में 13 फरवरी 2021 को संदीप के विरुद्ध नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने, दुष्कर्म व 6 पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। इसी मुकदमे में वह करीब 2 माह से जेल में बंद था। इसके सहित कई बंदियों का व्यवहार अच्छा होने के कारण उन्हें बैरक से बाहर निकाल दिया जाता था।

इसके अलावा संदीप बिजली के कामों का जानकर था, जिसकी मदद भी जेल प्रशासन लेता था। रोज की तरह उसे शनिवार सुबह 10 बजे बैरक से बाहर निकाला था। अन्य बंदियों के साथ चाय पीने की तैयारी थी। तब संदीप एक स्टोर में चला गया, जहां पंखे से कपड़े का फंदा बांधकर उस पर झूल गया। काफी देर तक बाहर नहीं निकला तो अन्य बंदियों ने गारद को सूचित किया। स्टोर का दरवाजा खोलकर देखा तो शव फंदे से लटका हुआ था। इसके बाद परिजनों व पुलिस को सूचना देकर बुलाया।

पहले भी कर चुका था सुसाइड का प्रयास

मृतक बंदी के चाचा प्रहलाद ने बताया कि जेल में लगे टेलीफोन बूथ के जरिए संदीप से बात होती रहती थी। पर, उसने कभी नहीं बताया कि कोई दिक्कत या परेशानी है। जेल प्रशासन को उसका व्यवहार ठीक लगता था, इसलिए बैरक से बाहर घूमने देते थे। बिजली का काम भी करता था।

हाल ही में जेल से फोन पर अपनी मां से हालचाल जाना था। जेल में गांव का मुलाजिम है। वह बताता था कि संदीप का व्यवहार ठीक है। इसकी कोई शिकायत नहीं है लेकिन उदास रहता है। उसने भी कई बार उदासी का कारण पूछा लेकिन नहीं बताया। मुकदमे से पहले भी वह घर में जहर खाकर सुसाइड का प्रयास कर चुका था।

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