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शिक्षा:नौवीं से बारहवीं के लिए प्रबंधन स्कूल खोलने को तैयार, आदेश का इंतजार

हिसार8 महीने पहले
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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।
  • अभिभावक और विद्यार्थी दुविधा में, सीबीएसई स्कूल के चल रहे मिड-टर्म एग्जाम

शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए 15 अक्टूबर से स्कूल खोलने की घोषणा कर चुके हैं। हालांकि स्कूल खोलने के बारे अभी कोई लिखित अधिसूचना जारी नहीं हुई। ऐसे में क्लासिस शुरू करने की पूरी तैयारी नहीं की जा सकी है। वहीं स्कूल प्रबंधन अभी असमंजस में है। स्कूल संचालक डीएसई के लिखित आदेशों का इंतजार कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में मिड टर्म एग्जाम चल रहे हैं, जोकि 25 अक्टूबर तक चलेंगे। ऐसे में वे स्कूल अभी क्लासिस लगाने के लिए सहमत नहीं हैं। स्कूल संचालक अभिभावकों के रुझान को देखते हुए अभी थोड़ा समय और लेना चाह रहे हैं। हालांकि एहतियातें बरतने की तैयारी है।

ज्यादातर स्कूल प्रबंधन का जवाब- अभी अभिभावक नहीं चाहते बच्चों को भेजना

  • डीपीएस की प्रिंसिपल मंजू सुधाकर ने बताया कि अभी स्कूल में मिड टर्म एग्जाम करवाए जा रहे हैं। जिसके कारण 23 अक्टूबर तक क्लासिस संभव नहीं है। अभिभावकों से भी राय ली जाएगी।
  • प्रिसिडियम स्कूल की प्रिंसिपल निशी भटनागर ने बताया कि स्कूल खोलने पर अभिभावक अभी खास रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अभी स्कूल नहीं खोला जाएगा। परिस्थिति सामान्य होने व अभिभावकों की इच्छा को देखकर फैसला लेंगे।
  • लाहौरिया स्कूल प्रबंधन ने बताया कि 9 से 12 तक के विद्यार्थी अभी स्कूल में परामर्श के लिए आ रहे हैं।
  • हॉली एंजल स्कूल के प्रिंसिपल दिनेश मेहता ने बताया कि जब तक डीएसई आधिकारिक आदेश जारी नहीं करता तब तक स्कूल खोलने का फैसला नहीं लिया जाएगा। अगर आदेश आता है तो 21 अक्टूबर के बाद क्लासिस के लिए स्कूल खोला जाएगा।
  • ठाकुरदास भार्गव स्कूल प्रिंसिपल डॉ. कुरुनेश चतुर्वेदी ने बताया कि विभाग के आदेश के बाद स्टाफ से डिस्कस किया जाएगा। अगर स्कूल खोला जाता है तो 36 सीट पर 18 बच्चों को बैठाया जाएगा।
  • जैन गर्ल्स सीसी स्कूल के प्रबंधन ने बताया कि अभी तक अभिभावकों ने स्कूल खोलने को लेकर खास रुचि नहीं दिखाई है।

स्कूल खोलने को लेकर अभी आधिकारिक रूप से किसी प्रकार की अधिसूचना जारी नहीं हुई है। राजकीय स्कूल प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों के स्वास्थ को ध्यान में रखते हुए हर तरह की एतिहात बरती जाएगी। डीएसई द्वारा एसओपी जारी होने पर सभी नियमों का पालन किया जाएगा। -अनिल शर्मा, डीईओ, हिसार।

सरकार को अब स्कूल खोल देने चाहिए। इसके साथ ही निजी स्कूलों के लिए भी सैनिटाइजिंग व अन्य उपकरणों की सहायता देनी चाहिए। ताकि विद्यार्थियों के हित में सभी कार्य हो सकें व उनकी पढ़ाई अब और अधिक बाधित न हो। ऑनलाइन पढ़ाई केवल एक हद तक ही सही हो सकती है। स्कूल खुलने पर उनके स्वभाव में सकारात्मक परिवर्तन होगा।-सत्यवान कुंडू, प्रदेशाध्यक्ष, एचपीएसएस।

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