बठिंडा रिफाइनरी की पाइपलाइन पंक्चर कर तेल चोरी का प्रयास:नारनौंद में चोरों ने 10 फीट का गड्‌ढा खोद पाइप पर लगाए 2 वॉल्व, लीकेज रह जाने से खेतों में बहा कई हजार लीटर तेल

हिसार2 महीने पहले
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खेत में खोदा गया गड्‌ढा। - Dainik Bhaskar
खेत में खोदा गया गड्‌ढा।

नारनौंद एरिया के खेतों में बठिंडा रिफाइनरी की पाइपलाइन को काटकर तेल चोरी का प्रयास किया गया। लाइन को काट देने से आसपास के खेतों में कई हजार लीटर तेल बिखर गया। सुबह गश्त पर निकले गार्ड ने तेल बिखरा देखा तो कंपनी और पुलिस को सूचना दी। फिलहाल खेतों में बिखरे तेल को टैंकरों में डालने का काम जारी है। एहतियात के तौर पर फायर ब्रिगेड मौके पर तैनात की गई है। नारनौंद एरिया में तेल की पाइपलाइन को पंक्चर करने की यह दूसरी घटना है।

टैंकरों में तेल भरते हुए कर्मचारी
टैंकरों में तेल भरते हुए कर्मचारी

जानकारी के अनुसार बठिंडा से बहादुरगढ़ प्लांट तक लोहे की 24 इंच चौड़ी पाइपलाइन बिछाई गई है। शनिवार देर रात इस लाइन को नारनौंद के पास मोठ से बुडाना रोड के नजदीक पंक्चर करके उसमें 2 वॉल्व लगाए गए। तेल चोरों ने इसके लिए सड़क से 10 फीट दूर कपास के खेत में जमीन खोदकर लाइन को पंक्चर किया। मौका ए हालात देखकर लग रहा है कि जेसीबी की सहायता से दस फीट गहरा गड्‌ढा खोदा गया और उसके बाद वैल्डिंग मशीन के जरिए पाइपलाइन में छेद कर उस पर दो वॉल्व लगाकर वैल्ड किए गए। किसी को पता न चले इसलिए गड्‌ढे की मिट्‌टी को वापस समतल कर दिया गया और ऊपर घास डाल दिया गया। मगर वॉल्व में लीकेज रह जाने से तेल पाइपलाइन से रिसकर आसपास के खेतों में जमा हो गया। सुबह जब पाइपलाइन की निगरानी करने वाले गार्ड रूटीन गश्त पर निकले तो उन्होंने खेतों में तेल जमा देखकर कंपनी को सूचना दी। मौके पर पहुंचे कंपनी के अधिकारियों ने कुछ भी कहने से मना कर दिया।

बड़ा सवाल ये भी है कि पाइपलाइन पंक्चर किए जाने के बावजूद प्लांट पर किसी तरह का मैसेज नहीं पहुंचना बड़ा सवाल है। इससे पहले 27 अगस्त 2018 को यहां से करीबन दस फीट दूर इसी तरीके से तेल चोरी का प्रयास किया गया था। नारनौंद पुलिस की निगरानी में खेतों में बिखरे तेल को वापस टैंकरों में भरना शुरू कर दिया गया।

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