मानसून सीजन:मच्छर और जलजनित रोगों का खतरा, पानी उबालकर गुनगुना कर पीएं

हिसारएक वर्ष पहले
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  • जुलाई में संक्रमण के पीक पर पहुंचने से पहले स्वास्थ्य विभाग की तैयारी
  • जलभराव न होने दें, बच्चों को डायरिया और एनीमिया मुक्त करने के लिए आशा वर्कर घर-घर बांट रही जिंक टेबलेट, ओआरएस पैकेट और आयरन सिरप

मानसून सीजन में मच्छर व पानी जनित बीमारियाें का खतरा बढ़ जाता है। दूषित पेयजल को पीने से डायरिया यानि उल्टी व दस्त हो सकते हैं। बच्चों को इससे बचाने के लिए एनएचएम ने इंटेंसिफाइड डायरिया कंट्रोल फोर्टनाइट प्रोग्राम (आईडीसीएफपी) शुरू किया है। आशा वर्कर हर घर जाकर उल्टी व दस्त से ग्रस्त पीड़ित बच्चों की पहचान कर जिंक टेबलेट और ओआरएस के पैकेट बांट रही है। साथ ही 6 माह से 5 साल तक के बच्चों में खून की कमी या एनीमिया मुक्त करने के लिए आयरन सिरप भी साथ-साथ बांटने शुरू किए हैं।

एनएचएम के डिस्ट्रिक्ट नोडल ऑफिसर डॉ. जितेंद्र शर्मा की देखरेख में प्रोग्राम शुरू हुआ है। हर बच्चे तक आशा वर्कर की पहुंच के लिए डिस्ट्रिक्ट आशा कोर्डिनेटर को विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं। इसको लेकर आशा वर्कर प्रतिदिन दवा वितरण के बाद अफसरों को रिपोर्टिंग कर रही हैं। बता दें कि 2 लाख 76 हजार ओआरएस के बड़े पैकेट और जिंक टेबलेट की 1.45 लाख टेबलेट आशा वर्करों को डिस्ट्रीब्यूट किए हैं।

डेंगू-मलेरिया से निपटने के लिए 27 टीमें मुस्तैद, घर-घर सर्वे शुरू
बारिश के मौसम में मच्छर जनित बीमारियां यानी डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया भी पनपते हैं। इस बार मलेरिया विभाग का लक्ष्य है एक भी मच्छर जनित रोग ग्रस्त रोगी न मिले। इसको लेकर कोविड-19 की रोकथाम में जुटी हेल्थ टीमों को एक्टिव सर्वे करने के दिशा-निर्देश जारी हुए हैं।

विभाग की डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. जया गोयल ने शहर की 27 टीमों सहित प्रत्येक खंड की टीमों को एंटी लारवा एक्टिविटी चलाते हुए डोर टू डोर सर्वे के लिए कहा है। इसके साथ ही जहां जलभराव है वहां टेमीफोस दवा डालें ताकि मच्छर न पनप सकें। इसके अलावा जहां भी टीमें सर्वे के लिए पहुंचती हैं बुखार पीड़ित मिलने पर ब्लड स्लाइड्स बनाएंगी साथ ही लोगों को डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया के लक्षण, बचाव एवं रोकथाम की जानकारी देकर जागरूक बनाएं।

हर सप्ताह करें सफाई
मलेरिया सहित अन्य मच्छर जनित बीमारियों को खत्म करने के लिए सभी को अपने स्तर पर प्रयास करने चाहिए। हर सप्ताह ड्राई डे मनाकर पानी से भरे कूलर, बर्तन, सकोरे, गमले, पानी की टंकियों सहित अन्य खुले जल स्त्रोतों की सफाई करें।

मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया 
मलेरिया रोग मादा एनाफिलीज और डेंगू एवं चिकनगुनिया का रोग एडीज मच्छर से फैलता है। साफ पानी में यह मच्छर पनपता है। जैसे खुली टंकी (जमीन छत पर), कूलर, टूटे मटके, टायरों में, खड्डों इत्यादि। इन्हीं में मच्छर पैदा होते हैं। इन्हीं मच्छरों के काटने से बुखार होता है। मच्छरों से बचने के लिए रात के समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। पूरी बाजू का कुर्ता पायजामा पहन कर सोएं।

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