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बाल आरोपियों के फरार होने का मामला:रोहतक के आरोपी ने बनाया था फरार होने का प्लान 15 दिनों तक कर्मियों की लापरवाही करता रहा नोटिस

हिसार11 दिन पहले
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हिसार की जिला उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी व अन्य मामले की जानकारी लेते हुए।

आब्जर्वेशन होम मामले में पकड़े गए करनाल स्थित नीलोखेड़ी वासी अपराधी ने 2 दिन के पुलिस रिमांड के दौरान चौंकाने वाला खुलासा किया है। इसने बताया कि फरार होने का प्लान हत्या मामले में संलिप्त रोहतक स्थित गांव बैंसी के रहने वाले आरोपी ने बनाया था। इसने किसी का कत्ल करना है, इसलिए वहां से बाहर निकलने के लिए प्रयासरत था।

करीब 15 दिनों से योजना बनाकर अंजाम देने का मौका तलाश रहा था। रोजाना वहां के कर्मियों की लापरवाही नोटिस करता था। निहत्थे कर्मी अंदर के गेटों को खुला छोड़ देते थे। यह लापरवाही उसके लिए अन्य बंदियों के साथ फरार होने का जरिया बन गई। ऐसा हुआ भी। जिस वक्त खाने का टाइम था, तब कर्मियों ने लापरवाही बरतते हुए गेटों को खुला छोड़ा हुआ था।

यह देखकर सभी ने मिलकर योजना को अंजाम देने के लिए कर्मियों पर झुंड में हमला करके मुख्य गेट की चाबी व मोबाइल छीनकर वहां से फरार हो गए थे। आरोपी ने रिमांड के दौरान बताया कि फरार होने के बाद जिसे जहां रास्ता दिखा उस ओर भाग लिए थे। कौन कहां गया किसी को जानकारी नहीं थी। ऐसे में पुलिस ने रिमांड खत्म होने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से सेंट्रल जेल भेज दिया है। जांच अधिकारी सत्यनारायण ने बताया कि रोहतक स्थित गांव बैंसी के रहने वाले आरोपी ने फरार होने का प्लान बनाया था।

अब पांच-पांच के ग्रुप में ही बैरकों से बाहर निकाल रहे

आब्जर्वेशन होम के सुपरिटेंडेंट कुलदीप के अनुसार अब बैरकों से 5-5 के ग्रुप में खाना खाने इत्यादि कामों के लिए आरोपियों को निकाला जाता है। उनकी नियमित काउंसलिंग हाे रही है। इसके अलावा माह में एक बार सीपीओ की विजिट होती है। लॉक डाउन में काउंसलिंग, वोकेशनल ट्रेनिंग की सुविधाओं को रोका हुआ था जोकि पुन: शुरू करवाई हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग की भूमिका पर सवाल

आब्जर्वेशन होम महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन आता है। ऐसे में चौंकाने वाली बात यह कि अगर लंबे समय से आब्जर्वेशन होम में किसी प्रकार की काउंसलिंग, वोकेशनल कोर्स ट्रेनिंग या फिर शिक्षा संबंधित सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा था तो संबंधित विभाग ने संज्ञान क्यों नहीं लिया। वर्ष 2017 की घटना के बाद सुरक्षा क्यों नहीं बढ़ाई।

वारदात में इस्तेमाल डंडा बरामद किया

आब्जर्वेशन होम मामले में रिमांड के दौरान आरोपी से वारदात में इस्तेमाल एक डंडा बरामद किया है। इसके अलावा 17 आरोपियों के खिलाफ मुकदमें में हत्या प्रयास की धारा जोड़ी है। दो कर्मियों के सिर में गहरी चोटें लगी है। इन पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसके चलते धारा 307 को जोड़ा है।

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