सपनों का आशियाना / बारिश में टपकती थी छत, 40 साल बाद पक्के घर का सपना पूरा, कोई सपना पूरा करने में जुटा

Roof was dripping in rain, dream of a pucca house fulfilled after 40 years
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Roof was dripping in rain, dream of a pucca house fulfilled after 40 years

  • प्रधानमंत्री आवास योजना में नगर निगम 350 लोगों को घर बनाने की मंजूरी दे जा चुका और राजीव गांधी आवास योजना में 350 अावेदन किए जा चुके स्वीकृत

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

हिसार. 40 साल पहले कड़ी वाला कच्चा घर बनाया था। बारिश, गर्मी और सर्दी के मौसम परेशानियों का सामना करना पड़ता था। पार्षद से हमें राजीव गांधी आवास योजना की जानकारी मिली और नगर निगम के कर्मचारियों ने आवेदन से लेकर पैसा जारी करने में हर कदम कदम पर मदद की। आज मेरा पक्का घर बनाने का सपना पूरा हो गया है। अब बारिश में छत गिरने या पानी टपकने का डर नहीं सताता है। मकान बनने की बेहद खुशी है। राजीव गांधी आवास योजना के अंतर्गत पक्का घर बनाने वाले सातरोड खुर्द के नरेश ने यह बात कही।  

सातरोड खास वासी भानू राम ने कहा कि 35 साल पहले मेरे पिता ने कच्चा मकान बनाया था। दो साल पहले तक कच्चे मकान में ही गुजर बसर करते थे। हमें राजीव गांधी आवास योजना की जानकारी मिली और आवेदन करने पर योजना का लाभ मिला। सरकार से मिले 2 लाख 70 हजार रुपए से मैं अपना पक्का मकान बना पाया। सरकार से सहायता नहीं मिलती तो जिंदगी भर पक्का मकान नहीं बना पाता। बीमार रहता हूं और मेरा बेटा छोटी सी दुकान करता है। ऐसे में पक्का मकान बनाना मेरे बस की बात नहीं थी। मैं प्रदेश सरकार व निगम अधिकारियों को आभारी हूं, जो इस योजना का लाभ मुझे दिया। वहीं फ्रेंड्स इन्कलेव की सुनीता देवी ने कहा कि लोन लेकर खरीदा था। उसके बाद दो कच्चे कमरे बनाकर गुजर-बसर करने लगे। 

हमें किसी ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के बारे में जानकारी दी। हमने आवेदन किया और नगर निगम की मदद से योजना के तहत ढाई लाख रुपए की सहायता राशि मिली। आज मेरा पक्का मकान बनकर तैयार है। दो लाख रुपए मुझे नगर निगम से प्राप्त हो चुके हैं। कुछ इसी प्रकार की कहानी, राजीव आवास योजना व प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों की है। जो अपना पक्का घर बनाने का सपना पूरा कर पाए हैं। आज सभी सरकार को दोनों स्कीमों के तहत पैसा देने पर धन्यवाद करते नहीं थकते हैं।

पीएमएवाई में 2494 लाेगों ने किए आवेदन 

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी का लाभ भी गरीब व जरूरतमंद लोगों को मिल रहा है। आंकड़ों के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 2494 आवेदन सरकार से मंजूर हो चुके हैं। नगर निगम 350 लोगों को घर बनाने की मंजूरी दे जा चुका है। वहीं 31 लोगों ने अपने मकान बना लिये हैं और उन्हें जल्द ही तीसरी या फाइनल किश्त जारी कर दी जाएगी। इस योजना के अंतर्गत अब तक 200 लोग को प्रथम किश्त और 177 लोग को दूसरी किश्त प्राप्त कर चुके हैं।

योजना का इस प्रकार मिलता है लाभ :

नया मकान बनाने के लिए  - लाभार्थी को ढाई लाख रुपए सरकार की ओर से दिए जाते हैं। तीन किश्तों में यह पैसा जारी होता है। पहली किश्त एक लाख रुपए, दूसरी किश्त एक लाख रुपए व तीसरी किश्त 50 हजार रुपए दिये जाते हैं।

मकान की मरम्मत व विस्तार करने के लिए  : डेढ़ लाख रुपए सरकार की ओर से दिए जाते हैं। पहली किश्त व दूसरी किश्त 60 -60 हजार रुपए की होती है, जबकि तीसरी किश्त के रूप 30 हजार रुपए दिये जाते हैं।

राजीव गांधी आवास योजना में 1508 फार्म आए

राजीव गांधी आवास योजना के आंकड़ों के अनुसार 1508 लोगों को मकान के आवेदन पास किए गए थे। इनमें से 814 लोगों को आवास बनाने की मंजूरी मिल चुकी है। इसका लाभ प्राप्त करते हुए 578 लाभार्थी अपना मकान बनाने का काम पूरा कर चुके हैं। 798 लाभार्थियों को प्रथम किश्त व 796 लाभार्थियों को दूसरी किश्त जारी की जा चुकी हैं।
ऐसे मिलता है योजना का लाभ :  लाभार्थी को 2 लाख 70 हजार रुपए सरकार की ओर से दिए जाते हैं। पहली किश्त 70 हजार रुपए व दूसरी और तीसरी किश्त में एक - एक लाख रुपए दिए जाते हैं।

^प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी व राजीव गांधी आवास योजना का लाभ गरीब व जरूरतमंद लोगों को मिल रहा है। हमारा प्रयास है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ शहरवासियों को मिले। योजनाएं जनता तक पहुंचाने में कर्मचारी निरंतर लगे हैं।''
अशोक कुमार गर्ग, निगम आयुक्त।

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