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3 बार जुर्माना लगा तो चली जाएगी नौकरी!:हरियाणा सेवा अधिकार आयोग के आदेश; 31 अक्टूबर तक निपटा लें 2020 तक की पेंडिंग फाइलें, वरना कड़ी कार्रवाई होगी

हिसार3 महीने पहले
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जनता के काम समय पर पूरा करने की बजाय उन्हें लटकाए रखने वाले सरकारी अफसरों के लिए अब अपनी नौकरी बचानी मुश्किल हो जाएगी। हिसार पहुंचे सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता ने दोटूक शब्दों में कहा कि ऐसे अफसरों को अपनी कार्यशैली बदलनी होगी। फाइलें लटकाने या शिकायतें खारिज करने की जगह उस पर तय समय में काम करने की आदत डालनी पड़ेगी।

गुप्ता ने कहा कि अफसरों को 31 अक्टूबर 2020 तक की सभी पेंडिंग फाइलें तुरंत निपटानी होंगी। अगर कोई फाइल पेंडिंग रहने की शिकायत मिली तो संबंधित अधिकारी से उस पर जवाबतलबी की जाएगी। जो अफसर 546 सेवाओं में किसी भी तरह की अनियमितता बरतने का दोषी पाया गया, उस पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। जिस अफसर पर 3 बार यह जुर्माना लग जाएगा, उसे सरकारी सेवा से अयोग्य मानते हुए उसकी सरकारी सेवाएं खत्म करने की सिफारिश सरकार से कर दी जाएगी।

हिसार में वीरवार को आयोजित मीटिंग में मौजूद सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता, आयुक्त चंद्रशेखर, डीसी डॉ. प्रियंका सोनी और निगमायुक्त अशोक गर्ग।
हिसार में वीरवार को आयोजित मीटिंग में मौजूद सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता, आयुक्त चंद्रशेखर, डीसी डॉ. प्रियंका सोनी और निगमायुक्त अशोक गर्ग।

60 दिन में होने वाले काम 4-4 साल से लटके हैं टीसी गुप्ता ने इस बात पर हैरानी जताई कि वाहन ट्रांसफर और मजदूर किसान की मौत पर दिए जाने वाले मुआवजे का जो काम 60 दिन में हो जाना चाहिए, उसे 4-4 साल लटकाकर रखा जाता है। बिजली निगम, नगर निगम, समाज कल्याण विभाग, मैरिज सर्टिफिकेट और भवन निर्माण से जुड़े काम भी बरसों लटकाए जाते हैं। अब अफसर इस तरह की मनमानी नहीं कर पाएंगे। इसके लिए सेवा अधिकार आयोग ने एक नई शिकायत एप्लीकेशन तैयार की है। अगर किसी कर्मचारी या अधिकारी ने किसी फाइल को निर्धारित समय पर पूरा नहीं किया तो वह फाइल शिकायत एप्लीकेशन से खुद ही अगले स्टेज पर पहुंच जाएगी।

गुप्ता ने कहा कि समय पर काम नहीं करने वाले अफसरों पर जुर्माना लगाकर उनकी सेवा समाप्ति की सिफारिश की जाएगी। इससे जनता को खुद ही पता चल जाएगा कि ये अफसर जनसेवा के लिए सही नहीं थे। अगर वह अफसर ट्रांसफर लेकर किसी दूसरे जिले में चला गया तो तब भी इस कार्रवाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

7 साल में आयोग के पास पहुंची सिर्फ 7 अपील, पेंडिंग फाइलें थीं सवा लाख गुप्ता ने कहा कि सेवा का अधिकार आयोग ने वर्ष 2014 में काम शुरू किया था। उनके इस आयोग का प्रमुख बनने के बाद बीते 7 बरसों में केवल 7 अपील आयोग के पास पहुंची हैं। जबकि विभागों में आम लोगों के काम से जुड़ी सवा लाख शिकायतें पेंडिंग थीं। इससे साफ हो गया कि लोगों की शिकायतें आयोग तक पहुंचाने वाला चैनल ठीक से काम नहीं कर रहा। आज देखा जाए तो प्रदेश में हर रोज 600 शिकायतें सीएम विंडो पर दर्ज होती हैं। इसी को देखते हुए सेवा का अधिकार आयोग में ऐसा सिस्टम बनाया जा रहा है कि अगर सरकारी सेवा समय पर न मिलने से जुड़ी कोई शिकायत सीएम विंडो पर दर्ज होती है तो संबंधित अधिकारी को सीधा नोटिस जारी हो जाए।

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