दो भाइयों के 7 हत्यारों की सजा पर फैसला टला:2017 में रंजिशन गोली मारकर मौत के घाट उतारा था, सोमवार को कोर्ट ने दिया था दोषी करार

हिसारएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

हरियाणा के हिसार जिले में ठंडी सड़क पर वाल्मीकि बस्ती निवासी सचिन व उसके भाई सुनील की हत्या के मामले में दोषी 7 लोगों को सजा पर फैसला टल गया है। फैसला अब 9 दिसम्बर वीरवार को आएगा। एडीजे अजय तेवतिया की कोर्ट ने हत्या केस पर सुनवाई करते हुए 7 आरोपियों को दोषी करार दिया था। मामले में शहर थाने में 4 अगस्त 2017 को मृतक सचिन के भाई अजय की शिकायत पर हत्या का केस दर्ज किया गया था।

सोमवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने ठंडी सड़क पर स्थित वाल्मीकि बस्ती निवासी शंकर, शंकर उर्फ छोटा, विक्की उर्फ बोरी, महावीर कॉलोनी निवासी अभिषेक, बड़वाली ढाणी निवासी प्रवीण सैनी, ठंडी सड़क निवासी रमेश और सागर को दोषी करार दिया था। पुलिस को दी शिकायत में अजय ने बताया था कि वाल्मीकि बस्ती निवासी शंकर व बड़वाली ढाणी निवासी प्रवीण सैनी गांजा बेचते हैं।

दोनों आरोपी उनके परिवार से रंजिश रखते हैं। अजय ने बताया था कि दोनों आरोपी उन्हें धमकी भी दे चुके थे। इसी बीच घर के पास उसका भाई सुनील व विनोद बैठे थे, वह गली में चारपाई पर लेटा हुआ था। उसी दौरान शंकर व प्रवीण सैनी हथियार लेकर पहुंचे। उनके साथ छोटा शंकर, विक्की उर्फ बोरी, सागर, पंडित, रमेश उर्फ बल्ली व रोहतक निवासी अभिषेक रोहतक भी थे।

सभी आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। इसी बीच उसका भाई सचिन भी मौके पर पहुंच गया। आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। हमले में सुनील, सचिन व विनोद को गोलियां लगी। तीनों को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में ले जाते समय सचिन ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था। सुनील की भी अस्पताल में मौत हो गई थी।