कोरोना इफेक्ट / सिरसा में कुछ यूं निकली अंतिम यात्रा, कोरोना के चलते मास्क से ढका दिखा हर चेहरा

स्वतंत्रता सेनानी रतिराम गोदारा की धर्मपत्नी हरदेई की अंतिम यात्रा के दौरान मास्क पहले लोग। स्वतंत्रता सेनानी रतिराम गोदारा की धर्मपत्नी हरदेई की अंतिम यात्रा के दौरान मास्क पहले लोग।
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स्वतंत्रता सेनानी रतिराम गोदारा की धर्मपत्नी हरदेई की अंतिम यात्रा के दौरान मास्क पहले लोग।स्वतंत्रता सेनानी रतिराम गोदारा की धर्मपत्नी हरदेई की अंतिम यात्रा के दौरान मास्क पहले लोग।

  • स्वतंत्रता सेनानी रतिराम की धर्मपत्नी हरदेई ने ली अंतिम सांस
  • शव यात्रा में पहुंचे तहसीलदार व गांव के गणमान्य लोग

दैनिक भास्कर

Mar 26, 2020, 05:54 PM IST

सिरसा। कोरोनावायरस का असर हर जगह नजर आ रहा है। गुरुवार को स्वतंत्रता सेनानी रतिराम गोदारा उर्फ जयहिंद की पत्नी हरदेई की अंतिम यात्रा में हर शख्स मास्क पहने नजर आया। यूं तो तहसीलदार से लेकर पुलिसकर्मी व गांव के गणमान्य लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए लेकिन हर कोई मास्क पहने था और एक उचित दूरी भी बनाए हुए था।

हर कोई मास्क पहने आया नजर। 

 
92 वर्षीय हरदेई की गुरुवार को मौत हो गई थी। हरदेई देवी के पति रतिराम गोदारा 16 दिसंबर 1940 को ब्रिटिश फौज में भर्ती हुए और उन्हें दूसरे महायुद्ध के समय सिंगापुर में लड़ने के लिए भेजा गया था। सन् 1942 में ब्रिटिश फौजों ने जापान के सामने आत्मसमर्पण कर दिया आपको दूसरे साथियों के साथ बंदी बना लिया गया। 

हरदेई देवी के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि देते हुए। 

15 फरवरी 1942 को आईएनए की स्थापना की गई तो आप उसमें शामिल हो गए। जून 1943 में जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस जर्मनी से जापान आए और आईएनए को दोबारा तरजीब दी गई तो आपको सुभाष बिग्रेड में शामिल किया गया। सन् 1945 में जापान के पतन के कारण आईएनए ने भी आत्मसमर्पण कर दिया और आपको फिर गिरफ्तार करके युद्ध बंदी बना लिया गया और कैंप जगर गच्छा में रखा गया, समझौता होने पर रिहा कर दिया गया।

हरदेई देवी को सलामी देते हुए पुलिसकर्मी। 

रतिराम गोदारा ने 3 मार्च 1946 को रिटायरमेंट ले ली। सिरसा के गांव ओढां में इसके अलावा 3 स्वतंत्रता सेनानी मुंशीराम , बचन सिंह व हरदम सिंह हुए। स्वर्गीय रतीराम गोदारा को लोग नाम से नहीं जय हिंद के नाम से जानते है।

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