समागम संस्कारशाला कार्यक्रम:स्टूडेंट्स ने डिस्पाेजल काे किया नाे, पत्तल यूज के लिए किया यस

हिसारएक महीने पहले
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इम्पीरियल काॅलेज में सनातन और नूतन का समागम संस्कारशाला कार्यक्रम  - Dainik Bhaskar
इम्पीरियल काॅलेज में सनातन और नूतन का समागम संस्कारशाला कार्यक्रम 

हल्की धूप और मैदान में बैठकर गुलगुले, बाजरे की राेटी, कढ़ी, चूरमा, मालपूड़े, खीर का चटकारा लेते हुए स्टूडेंट्स ने हरियाणवीं फूड का मजा लिया और विलुफ्त हाेती जा रही हरियाणवीं संस्कृति काे एक बार फिर से जीवंत करने की पहल की। माैका था इम्पीरियल काॅलेज में सनातन और नूतन समागम संस्कारशाला का। जिसमें काॅलेज के स्टूडेंट्स ने हरियाणवीं धराेहर काे विभिन्न कार्यक्रमाें के माध्यम से जीवंत किया।

इस दाैरान स्टूडेंट्स ने मिलकर हरियाणवीं खेल खेले और नाटक का मंचन कर गांव के परिदृश्य काे दिखाया। कार्यक्रम में स्टूडेंट्स अपने घराें से ट्रेडिशनल फूड बनाकर लाए और स्टाल पर अपने फूड की खासियत काे बताया। इस दाैरान सभी स्टूडेंट्स ने खाना पराेसने के लिए डिस्पाेजल काे नाे करते हुए पत्तल यूज किया। साथ ही लाेगाें काे अवेयर किया कि हम पत्तल का यूज कर इसे रिसाइकिल कर सकते हैं।

नाटक कर बताया सनातन और नूतन का समागम

कार्यक्रम में स्टूडेंट्स ने नाटक कर बताया कि सनातन समय में जहां दादी, पाेती-पाेते एक साथ समय बिताते थे। वहीं, नूतन समय में हर काेई अपने जीवन में व्यस्त है। दादी अकेली बैठी और पाेती पाेते फाेन पर बिजी हैं। उनकाे देखकर दादी भी माॅडर्न बनना चाहती है। जिससे बच्चें उन्हें समय दे सकें। इस दाैरान बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स नरेन्द्र सिंगल, डॉ कुलदीप सिंह आर्य और प्रो सत्य सुरेन्द्र सिंगला मौजूद रहे।

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