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  • Suresh Chaudhary Did Not Get Relief, Drug Control Officer Suresh Chaudhary Did Not Get Relief From The Sessions Court, Anticipatory Bail Plea Rejected, The Court Wrote In The 9 page Order That The Crime Is Serious.

रिश्वत प्रकरण, सेशन कोर्ट से ड्रग कंट्रोल ऑफिसर:सुरेश चौधरी को नहीं मिली राहत सेशन कोर्ट से ड्रग कंट्रोल ऑफिसर सुरेश चौधरी को नहीं मिली राहत, अग्रिम जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने 9 पेज के ऑर्डर में लिखा अपराध गंभीर है।

हिसार2 महीने पहले
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  • गिरफ्तारी से पूर्व जमानत दी तो वह भाग सकता है और गवाहों को धमका सकता है

मेडिकल हॉल का लाइसेंस देने के एवज में 40 हजार की रिश्वत के मामले में वांछित आरोपी ड्रग कंट्रोल ऑफिसर सुरेश चौधरी काे अदालत से राहत नहीं मिली।

सेशन कोर्ट ने आरोपी चौधरी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए खारिज कर दिया। अदालत ने 9 पेज के ऑर्डर में लिखा है कि अग्रिम जमानत विशेष परिस्थितियों में दी जा सकती है मगर भ्रष्टाचार के इस मामले में ऐसी कोई विशेष परिस्थितियां नहीं हैं। अपराध की गंभीरता देखते हुए गिरफ्तारी से पूर्व जमानत दी तो वह भाग सकता है और गवाहों को धमका सकता है।

रेड के दौरान आरोपियों से सिर्फ रिश्वत की राशि ही बरामद नहीं हुई थी बल्कि कार से तीन और फाइलें भी बरामद हुई थी, जबकि लाइसेंस देने की प्रक्रिया ऑनलाइन है मगर फिजिकल एविडेंस बरामद हुए हैं। ऐसे में रिश्वत मांगने की संभावनाएं हैं। इसके अलावा अन्य दस्तावेज भी मौके पर बरामद हुए थे। इसलिए अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती है।

पढ़िए ... दोनों पक्षों ने कोर्ट में क्या-क्या दलील पेश कीं

बचाव पक्ष : चौधरी को लाइसेंस देने की पावर नहीं पैसे क्यूं मांगेगा

अदालत में सुनवाई के दौरान डीसीओ सुरेश चौधरी के बचाव में वरिष्ठ वकील पीके संधीर ने दलील पेश करते हुए कहा कि चौधरी को मामले में गलत फंसाया है। उसका इस केस से कोई लेना-देना ही नहीं है। न तो उसके पास लाइसेंस देने की पावर है और न ही उसने इंस्पेक्शन की ऑनलाइन डेट दे रखी थी। न तो उसने रूपयों की डिमांड की और न उससे रिकवरी हुई। तो ऐसे में पैसे किस बात के लेने थे। वॉयस सैंपलिंग के लिए तैयार हैं।

कंप्लेनेंट पक्ष : चौधरी ने फाइल को अपने पास रखा जो रेड के वक्त कार में मिली

कंप्लेंनेंट रामबिलास के वरिष्ठ वकील प्रवीर आर्य ने कहा कि चौधरी के पास सत्यापन व इंस्पेक्शन के लिए सीनियर ड्रग कंट्रोल ऑफिसर ने फाइल मार्क करके भेजी थी। इस फाइल को काफी दिन तक चौधरी ने अपने पास रखा।

विजिलेंस की रेड के दौरान चौधरी का चपरासी व निजी ड्राइवर जिस कार में आए थे, उसमें 3 फाइलें मिली थीं। उनमें से एक रामबिलास की थी। यह फाइल वहां कैसे पहुंची, जब सारा काम ऑनलाइन होना था। सी. ड्रग कंट्रोल ऑफिसर ने स्टेटमेंट में फाइल वापस कार्यालय में नहीं आने की बात कही है। भ्रष्टाचार का गंभीर मामला है, जिसमें चौधरी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सेशन जज ने आरोपी सुरेश चौधरी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

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