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अमरुत याेजना:70 फीसदी काम कर पाई एजेंसी, क्लाॅज टू नाेटिस के बाद भी नहीं किया शुरू, निगम ने टेंडर किया रद्द

हिसार5 दिन पहले
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लाइन नहीं डली, सातराेड में पड़ी कच्ची गली। - Dainik Bhaskar
लाइन नहीं डली, सातराेड में पड़ी कच्ची गली।

अमरुत याेजना के तहत सातराेड समेत शहरी एरिया की 12 काॅलाेनियाें में पेयजल लाइन डालने का काम पूरा न कर पाने पर दिल्ली की एजेंसी का टेंडर कैंसिल कर दिया है। नगर निगम प्रशासन ने क्लाॅज थ्री लगाकर टेंडर कैंसिल किया है। दिल्ली की एजेंसी काे साल 2019 में 131 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाने के लिए टेंडर दिया था। एजेंसी द्वारा अब तक 70 प्रतिशत कार्य ही पूरा किया है।

एजेंसी द्वारा अभी कार्य बंद किया हुआ था। निगम प्रशासन द्वारा पत्राचार करने के बाद भी कार्य शुरू नहीं किया। अब निगम प्रशासन अपने स्तर पर टेंडर लगा कार्य शुरू करवाएगा। जहां पेयजल लाइन बिछाने व अन्य कार्य बाकी हैं, उसका सर्वे करवाया जाए। इसके बाद टेंडर जारी किया जाएगा।

एजेंसी काे लग चुका 3.5 कराेड़ जुर्माना
अमरूत योजना के तहत शहर में पेयजल व सीवरेज लाइन बिछाने के लिए टेंडर जारी किए थे। शहर में पेयजल लाइन बिछाने का 35 करोड़ रुपए में टेंडर दिल्ली की एजेंसी ने लिया था। अब तक एजेंसी 70 प्रतिशत काम पूरा कर सकी है। साल 2021 में क्लोज टू के दो बार नोटिस एजेंसी को कार्य नहीं करने पर दिए गए। एजेंसी पर काम समय पर पूरा न करने पर टाेटल काॅस्ट का दस प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। क्लाॅज टू नाेटिस के बाद एजेंसी पर 3.5 कराेड रुपए जुर्माना लगाया। अब एजेंसी काे फाइनल पेंमेंट पर यह जुर्माना राशि भी काटी जाएगी।

लोग परेशान, धरना भी दिया था
अमरूत प्राेजेक्ट के तहत जिस कंपनी काे काम दिया गया था वह काम नहीं कर रही थी। पार्षद सहित गांव के लाेगाें ने निगम में धरना भी दिया था। परेशान लाेगाें ने भूख हड़ताल तक की। अधिकारियाें ने खुद काे बचाने के चक्कर में आनन फानन में एजेंसी का टेंडर कैंसिल किया है।'' -कर्मवीर, पार्षद प्रतिनिधि वार्ड 11

एजेंसी ने काम को गंभीरता से नहीं लिया: गर्ग
अमरूत के तहत पेयजल लाइन बिछाने का कार्य दिल्ली की एजेंसी को सौंपा गया था। एजेंसी द्वारा कार्य को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई और क्लॉज टू नोटिस देने के बाद एजेंसी ने कार्य शुरू नहीं किया। ऐसे में क्लोज थ्री लगाकर नियमानुसार एजेंसी का टेंडर रद्द कर दिया गया है।'' -अशाेक गर्ग, आयुक्त, नगर निगम, हिसार।

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