पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • Hisar
  • The Beneficiaries Sitting In The Open Kept Chilling In The Cold; Social Distancing Was Not Seen, The Room Was Tight, Vaccination And Monitoring Rooms Were Not Separate

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

काे-वैक्सीन ड्राई-रन-ड्रिल:खुले में बैठे लाभार्थी ठंड में ठिठुरते रहे; सोशल डिस्टेंसिंग नहीं दिखी, रूम था तंग, टीकाकरण और निगरानी कक्ष नहीं थे अलग

हिसार17 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
ड्राई रन ड्रिल के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उपचार का ट्रायल। - Dainik Bhaskar
ड्राई रन ड्रिल के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उपचार का ट्रायल।
  • सेक्टर 1-4 के अर्बन हेल्थ सेंटर में को-वैक्सीन ड्रिल में 25 की बजाय 10 लाभार्थी ही पहुंचे
  • 3 घंटे में 100 लोगों काे टीकाकरण संभव, ड्रिल के दौरान 10 मिनट लगे, 15 जनवरी तक आ सकती हैं वैक्सीन, फिर पहुंचेगी सेंटर पर

कोरोना से बचाव काे असली टीका लगने से पहले जिले के छह स्वास्थ्य केंद्रों में ड्राई-रन-ड्रिल हुई। सेक्टर 1-4 के अर्बन हेल्थ सेंटर में ड्रिल के दौरान टीकाकरण के हर स्टैप पर खामियां मिलीं। कोविन एप से मिले मैसेज के चलते सुबह 9 बजे लाभार्थी सेंटर पर पहुंचे। इन्हें ठंड में खुले आसमान के नीचे लोहे की कुर्सियों पर बैठाए रखा।

11 बजे तक रिबन काटने के लिए अफसर नहीं पहुंचे। तब एक-एक लाभार्थी को ड्रिल में बुलाया। हर सेंटर पर 25-25 फ्रंटलाइन लाभार्थियों का टीकाकरण होना था, लेकिन यहां पर 10 ही मौजूद दिखे। आईडी चेक व हाथ सेनिटाइज करवाए और थर्मल स्केनिंग से टेंप्रेचर जांचा लेकिन मेडिकल हिस्ट्री नहीं पूछी। वेंटिंग एरिया में बैठा दिया। फिर ऑब्जर्वेशन रूम के अंदर ही टीकाकरण व मैसेज जांच व पंजीकरण की व्यवस्था मिली, जबकि अलग-अलग रूम होना था। इससे सोशल डिस्टेंसिंग बिगड़ गई। वहीं, टीकाकरण के बाद किसी की तबीयत ज्यादा बिगड़ती है तो उसके लिए एईएफआई मैनेजमेंट रूम तैयार किया गया। यह रूम इतना तंग था कि न सिर्फ मरीज बल्कि डॉक्टर्स व स्टाफ को खड़े होने में परेशानी हो रही थी। इस रूम में व्हील चेयर व स्ट्रेचर तक ले जाना मुश्किल हुआ।

सेक्टर 1-4 के हल्थ सेंटर में डीजीएचएस करवा रहे थे बीपी चेक, मशीन के बदलने पड़े सेल
ड्रिल का निरीक्षण करते डीजीएचएस डॉ. जेएस ग्रेवाल ऑब्जर्वेशन रूम में पहुंचे। यहां लाभार्थी को टीका लगने की स्टेज पर बीपी में उतार-चढ़ाव महसूस किया। वहीं रखे बेड पर लेट गए। हेल्थ स्टाफ ने मशीन से बीपी जांचना चाहा, लेकिन मशीन ने सही ढंग से परिणाम नहीं दिखाया। इसके चलते डॉ. ग्रेवाल उठकर बेड पर बैठ गए। एक कर्मी नये सेल लेकर आया, जिसे मशीन में डाला।

उसके बाद उनका दोबारा बीपी जांचा। इस दौरान बीपी लेवल ठीक मिला। वहीं ड्रिल के शुभारंभ के लिए गेट पर रेड रिबन लगाया। लगातार चर्चा रही कि डीसी आकर रिबन काटेंगी। सिविल सर्जन डॉ. रतना भारती ने आकर बताया कि किसी काम में व्यस्तता के चलते डीसी नहीं आएंगी। ऐसे में डॉ. ग्रेवाल को बुके भेंट करके उनसे रिबन कटवाकर दीप प्रज्वल्लित करवाया।

जानें टीकाकरण की ये 4 स्टेज

1. हाथ सेनिटाइज करा जाएंगे। मास्क न पहना है तो मास्क मिलेगा। दर्ज अाईडी व मैसेज दिखाना होगा। कर्मी मिलान कर मेडिकल हिस्ट्री जानेगा। स्कैनिंग कर वेटिंग एरिया में भेजेगा।

2. लाभार्थी को नंबर कार्ड देकर वैक्सीनेशन ऑफिसर के पास भेजेगा। एप में दर्ज डिटेल जांचेगा। सही मिलने पर टीके के लिए भेजेगा।

3. पहले एएनएम काउंसिलिंग करेगी। दूसरा टीका 28 दिन बाद लगेगा। हेल्पलाइन नंबर दिया जाएगा। टीका लगने के बाद ऑब्जर्वेशन रूम में भेजा जाएगा।

4. यहां लाभार्थी 30 मिनट तक रहेंगे। दिक्कत न आने पर घर जा सकते हैं। दिक्कत आती है तो वे स्टाफ को बताएंगे। तुरंत एईएफआई मैनेजमेंट रूम में ले जा चेकअप होगा। हालत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया जाएगा।

डॉक्टर बोले- अभी टेबल पर भीड़, असली टीकाकरण में नहीं दिखेगी
सिविल अस्पताल से डिप्टी सीएमओ डॉ. जया गोयल के बाद डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र शर्मा, डॉ. तरूण कुमार और बाद में सिविल सर्जन डॉ. रतना भारती ड्रिल का जायजा लेने पहुंचीं। इस दौरान खामियों को पकड़ने वाले डॉ. तरूण कुमार ने डीजीएचएस डॉ. जेएस ग्रेवाल सहित अन्य अफसरों को टीकाकरण का असली तरीका समझाया। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग नहीं रही। यह देख डॉक्टर ने कहा कि अभी टेबल पर भीड़ है मगर असली टीकाकरण के दौरान लाभार्थी व हेल्थ कर्मी के अलावा कोई और नहीं दिखाई देगा। वहीं डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने ड्राई-रन-ड्रिल का शाम छह बजे निरीक्षण किया। वे सेक्टर 1-4 स्थित अर्बन हेल्थ सेंटर में पहुंचीं। यहां पर उन्हें पुन: टीकाकरण की रिहर्सल करके दिखाई।

ये खामियां होंगी दूर

  • खुले आसमान के नीचे सीटिंग नहीं होगी। टेंट लगवाया जाएगा या फिर अंदर बैठाएंगे।
  • तंग कमरों में टीकाकरण संबंधित काम नहीं होंगे। इसके लिए खुले व व्यवस्था कमरों का प्रयोग होगा।
  • टीकाकरण से पूर्व लाभार्थी की मेडिकल हिस्ट्री पूछनी अनिवार्य है ताकि बाद में दिक्कतें न हों।
  • लाभार्थियों के लिए पीने के लिए गर्म व ठंडे पानी पीने की व्यवस्था होगी।
  • ऑब्जर्वेशन रूम में लाभार्थी का ध्यान टीकाकरण से भटकाने के लिए पढ़ने के लिए किताबें, अखबार इत्यादि मुहैया होगा।
  • टीकाकरण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखेंगे ताकि कोरोना से बचाव संभव हो।

अग्रोहा कॉलेज सहित 10 बड़े अस्पतालों में बनेंगे बूथ
डीआईओ डॉ. जितेंद्र शर्मा ने बताया कि अग्रोहा मेडिकल कॉलेज सहित 10 बड़े निजी अस्पताल हैं, जहां खुद के 100 से ज्यादा फ्रंटलाइन हेल्थ वर्करों का टीकाकरण होना है। जहां बूथ बनेंगे। वहीं 15 जनवरी तक वैक्सीन उपलब्ध हो सकती है। डॉ. तरूण कुमार ने बताया कि ड्राई-रन-ड्रिल में टीकाकरण तक की स्टेज तक की प्रक्रिया में 10 मिनट का समय लगा है। कोशिश है कि 3 घंटे के भीतर टीकाकरण हो सकता है।

ड्राई रन के जरिए यह टेस्ट किया जा रहा कि सरकार ने टीकाकरण का जो प्लान बनाया है, वह कितना प्रभावी है। वैक्सीन के बाद वर्कर को मास्क व सामाजिक दूरी का पालन करने के निर्देश दिए। डॉ. जेएस ग्रेवाल, डीजीएचएस।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- व्यस्तता के बावजूद आप अपने घर परिवार की खुशियों के लिए भी समय निकालेंगे। घर की देखरेख से संबंधित कुछ गतिविधियां होंगी। इस समय अपनी कार्य क्षमता पर पूर्ण विश्वास रखकर अपनी योजनाओं को कार्य रूप...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser