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कोरोना की तीसरी लहर में पहली मौत:जीबी सिंड्रोम से ग्रस्त तारा नगर की युवती ने अग्रोहा में तोड़ा दम, कोरोना टेस्ट में रिपोर्ट आई पॉजिटिव

हिसार16 दिन पहले
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हिसार के टीबी अस्पताल में वैक्सीन लगवाने के लिए लगी लाइन। - Dainik Bhaskar
हिसार के टीबी अस्पताल में वैक्सीन लगवाने के लिए लगी लाइन।
  • जिले में 38 नये रोगी मिले, आईडीएसपी इंचार्ज की अपील- कोविड प्रोटोकॉल अपनाएं, वैक्सीन लगवाएं

कोरोना महामारी तेजी से फैलने के साथ कहर बरपाने लगी है। शुक्रवार को 38 नये रोगी मिलने के अलावा संक्रमण से पहली मौत होने का मामला अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में सामने आया है। यहां सेक्टर 9-11 के पास तारा नगर की रहने वाली 20 वर्षीय युवती जीबी सिंड्रोम के चलते दाखिल हुई थी। इसने देर शाम 5 बजे अंतिम सांस ली है। इसका कोविड सैंपल लेकर जांच करने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

युवती के पिता ने बताया कि मेरा एक बेटा व एक बेटी है। बेटी राजकीय कॉलेज में पढ़ती थी। वह पुलिस में भर्ती होकर देश सेवा करने का सपना संजोए थी। इसने पुलिस भर्ती परीक्षा दी थी, जिसने फाइनल पेपर भी क्लियर कर लिया था। उसमें 70 फीसद नंबर आए थे। अब उसका फिजिकल टेस्ट होना था। कोरोना से बचाव के लिए एक टीका लगवा रखा था। तबीयत खराब होने पर जिंदल अस्पताल में दाखिल करवाया था।

वहां पता चला कि जीबी सिंड्रोम की दिक्कत है। तब तक कोरोना संक्रमित होने की बात सामने नहीं आई। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में दाखिल करवाने के कुछ घंटों बाद बेटी ने दम तोड़ दिया। डॉक्टर्स ने बताया कि कोविड सैंपल लिया था, जिसकी जांच में वह कोविड संक्रमित मिली है।
बता दें कि अगस्त 2021 में कोरोना संक्रमित 2 रोगियों की मौत हुई थी। इसके 4 माह बाद यानी जनवरी में कोरोना से पहली मौत हुई है। डॉ. खतरेजा ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि कोविड प्रोटोकॉल अपनाएं। मास्क पहनें, वैक्सीन लगवाएं, भीड़ से दूरी बनाकर रखें और हाथों को धोते रहें।
मौत की सूचना मिली है, डेथ समरी का ऑडिट होगा

आईडीएसपी इंचार्ज डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज से कोविड पेशेंट की मृत्यु होने की सूचना मिली है। प्रारंभिक जानकारी मिली है कि मृतका जीबी सिंड्रोम से ग्रस्त थी। परिवार ने पहले जिंदल अस्पताल में दाखिल करवाया था। यहां से शुक्रवार को ही अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया था। शाम 5 बजे उसने दम तोड़ दिया था। कोविड सैंपल जांचने पर संक्रमण की पुष्टि हुई है। हालांकि जीबी सिंड्रोम बीमारी में श्वसन और सांस संबंधी परेशानियां ज्यादा होती हैं। शरीर लकवाग्रस्त हो जाता है। डेथ समरी का ऑडिट किया जाएगा।

नगर निगम की अधिकारी, डीएसपी, डॉक्टर्स, एचसीएस ऑफिसर संक्रमित

हिसार/अग्रोहा | आईडीएसपी इंचार्ज डॉ. सुभाष खतरेजा के अनुसार जिले में 38 नये रोगी मिले हैं। इनमें नगर निगम की अधिकारी, डीएसपी, कोविड जेल में बंदी, हिसार कैंट में बंदी, हुडा विभाग में कर्मी, सिविल अस्पताल के 2 डॉक्टर व वार्ड ब्वॉय, सैन्य कर्मी, साइकलोजिस्ट, शांति नगर में एचसीएस ऑफिसर, निजी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के अलावा मोहना मंडी, सेक्टर-14, ग्लोबल स्पेस सहित अन्य एरिया में संक्रमित मिले हैं। इनके अलावा तीन रोगी अनट्रेस हैं, जिनकी तलाश जारी है। वहीं महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज अग्रोहा में कोरोना से पीड़ित 5 मरीज भर्ती हैं। जिनमें से चार पॉजिटिव मरीज एमबीबीएस बैच 2017 की छात्राएं हैं। मेडिकल कॉलेज के नोडल अधिकारी और डीएमएस डॉ. राजीव चौहान ने बताया कि दो महिलाएं हिसार के निजी अस्पतालों से रेफर होकर आई हैं। उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया। एक महिला की हालत चिंताजनक बनी है।

कोविड से मौत के मामले में दिवंगत के परिजनों को मिलेगी 50 हजार रुपए की सहायता राशि

िहसार| डीसी डॉ. प्रियंका सोनी के अनुसार राज्य सरकार द्वारा कोरोना महामारी से हुई मृत्यु के मामलों में दिवंगत के परिजनों/आश्रितों को 50 हजार रुपए की अनुग्रह राशि दी जा रही है। कोरोना से हुई मृत्यु के मामलों में दिवंगत के परिजन/आश्रित अनुग्रह सहायता राशि के लिए अंत्योदय सरल पोर्टल www.saralharyana.gov.in पर ऑनलाइन या आपदा प्रबंधन विभाग, कार्यालय उपायुक्त, प्रथम तल, लघु सचिवालय हिसार में एसके ब्रांच में आवेदन जमा करवा सकते हैं।

आवेदन के लिए मानदंड निर्धारित किए हैं। आवश्यक दस्तावेज जमा करने के 30 दिनों के अंदर सभी दावों का निपटारा किया जाएगा। आधार से जुड़े हर लाभ हस्तांतरण प्रक्रियाओं के माध्यम से अनुग्रह सहायता वितरित की जाएगी। आवेदक दिवंगत के मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रति और कोविड-19 पॉजिटिव रिपोर्ट की प्रति के साथ अपना आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।

मौत के 1141 आंकड़े से अलग 200 फाइलें ऑडिट कर रिपोर्ट्स मुख्यालय भेजी, 131 को स्टेट डेथ ऑडिट कमेटी ने स्वीकारा

सुप्रीम काेर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग जागे थे

हिसार.जिले में कोरोना से जान गंवाने वाले रोगियों का आंकड़ा बढ़ सकता है। कारण, उन दिवंगतों की फाइलों का अब ऑडिट पूरा होना है जिनकी मौत पर संदेह के चलते पहले कोरोना से होना नहीं माना था। ऐसी भी फाइलों का ऑडिट जारी है, जिनमें टेस्टिंग, ट्रीटमेंट व डेथ समरी रिपोर्ट विभिन्न अस्पतालों ने देरी से मुहैया करवाई है।

इसके कारण मृत्यु का आंकड़ा पोर्टल पर अपलोड व अपडेट नहीं हुआ था। करीब 200 इन फाइलें हैं, जिनमें से अधिकांश फाइलों की ऑडिट पूरी होने पर रिपोर्ट्स को स्टेट डेथ ऑडिट कमेटी के पास भेजा था। अभी तक 131 दिवंगतों की रिपोर्ट्स को कमेटी ने स्वीकार कर लिया है। बाकी फाइलों का ऑडिट जल्द पूरा करके स्टेट कमेटी को रिपोर्ट भेजी जाएगी।

बता दें कि सरकारी आंकड़ों में कोरोना की पहली व दूसरी लहर में जान गंवाने वाले रोगियों की संख्या 1141 है लेकिन इन 200 दिवंगतों का आंकड़ा जुड़ने पर संख्या बढ़कर 1341 हो सकती है। दरअसल, राज्य सरकार व स्वास्थ्य विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश जारी होने के बाद उक्त फाइलों पर संज्ञान लिया है। इनमें ऐसे भी रोगी थे जिन्होंने अपने घर, अस्पताल के गेट या फिर एंबुलेंस में तक में ऑक्सीजन व बेड नहीं मिलने पर दम तोड़ दिया था। इन दिवंगतों को 50 हजार रुपए अनुग्रह राशि मिलेगी।

आईडीएसपी इंचार्ज ने अस्पतालों को दिए निर्देश

आईडीएसपी इंचार्ज डॉ. सुभाष खतरेजा के अनुसार करीब 200 मृतकों की फाइलों का ऑडिट किया है। इसमें अग्रोहा मेडिकल कॉलेज व जिला स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों का सहयोग लिया है। ऐसी फाइलें हैं जिनमें किसी में चेस्ट एचआरसीटी की रिपोर्ट है मगर आरटीपीसीआर की नहीं। रेपिड टेस्ट की है मगर कोविड से डेथ की रिपोर्ट नहीं।

वे फाइलें भी हैं जो अस्पतालों की तरफ से काफी देरी से मिली थीं। इनका ऑडिट करवाकर स्टेट कमेटी के पास भिजवा रहे हैं ताकि दिवंगतों के आश्रितों को 50 हजार रुपए अनुग्रह राशि मिल सके। सभी अस्पतालों को निर्देश दिए कि कोविड डेथ केस में मृतकों की सीआइएफ, उनके टेस्ट, ट्रीटमेंट, डेथ समरी की हार्ड कॉपी शीघ्र उपलब्ध करवाएं। वे नागरिक भी हार्ड कॉपी देकर आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने अपने परिजनों को कोरोना महामारी से खोया है।

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