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  • The Roof Of The House Collapsed At 12:45 Pm, 6 Family Members Injured, Neighbors Removed The Stone In 20 Minutes And Took Them To The Hospital, Two Referees

मिलगेट के 50 फुट रोड का मामला:रात 12:45 बजे मकान की छत गिरी, परिवार के 6 सदस्य घायल, पड़ोसियों ने 20 मिनट में पत्थर हटा अस्पताल पहुंचाया, दो रेफर

हिसार9 दिन पहलेलेखक: भूपेश मथुरिया
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मिलगेट एरिया के 50 फुट रोड पर मंगलवार रात करीब करीब पौने एक बजे एक मकान छत अचानक भरभराकर गिर गई। - Dainik Bhaskar
मिलगेट एरिया के 50 फुट रोड पर मंगलवार रात करीब करीब पौने एक बजे एक मकान छत अचानक भरभराकर गिर गई।

मिलगेट एरिया के 50 फुट रोड पर मंगलवार रात करीब करीब पौने एक बजे एक मकान के गाटर की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में घर के अंदर सो रहे रिक्शा चालक के परिवार के 6 सदस्य मलबे के नीचे दबने से घायल हो गए। छत के मलबे के नीचे दबने से 38 वर्षीय सतनाम, 32 वर्षीय अंजलि, 12 वर्षीय यशपाल, 10 वर्षीय गुरमीत, 8 वर्षीय देवेंद्र और 6 वर्षीय शीतल घायल हो गए।

छत गिरने से हुए जोरदार धमाका की आवाज सुनकर आस-पड़ोस के लोग पहुंचे और परिवार के लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। वहां मौजूद लोगों ने डायल 112 पर संपर्क किया जिसके बाद पुलिस और एंबुलेंस की गाड़ी भी मौके पर पहुंची। जिसके बाद सभी के संयुक्त प्रयास से मलबे के नीचे दबे परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला। एंबुलेंस और पीसीआर वैन में घायलों को हिसार के सिविल अस्पताल में पहुंचाया। वहीं एंबुलेंस में टेक्निकल स्टाफ नहीं था। चिकित्सकों ने अंजलि और गुरमीत की गंभीर हालत के चलते दोनों को रेफर कर दिया।

सतनाम बोला... मुझे कुछ भी हो जाए परिवार को कुछ नहीं होना चाहिए

सिविल अस्पताल में उपचाराधीन रिक्शा चालक सतनाम ने बताया कि रात को सारा परिवार कमरे में अलग-अलग सोया हुआ था। रात को करीब पौने एक बजे कमरे की छत अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। हमने वहां से निकलने का प्रयास किया इतने में आस-पड़ोस के लोग आ गए और उन्होंने काफी मशक्कत के बाद हमें बाहर निकाला। सतनाम ने कहा कि मुझे चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन मेरे परिवार को कुछ नहीं होना चाहिए। मेरा परिवार ही मेरा सब कुछ है।

और इधर लापरवाही : इधर, स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भी सामने आई है। हादसे के बाद पहुंची एंबुलेंस में इमजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन नहीं था।

प्रत्यक्षदर्शी... महिला के चिल्लाने की आवाज सुनकर मैं और भाई मदद को दौड़े, दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे

मैं और मेरा भाई रोबिन डीसीएम मिल से रात 11 बजे की शिफ्ट करके लौटे थे। खाना खाकर छत पर सोने चले गए थे। हमारा घर सतनाम के घर से करीब 100 मीटर दूर है। करीब पौने एक बजे किसी महिला के चिल्लाने की आवाजें आईं तो मैं और मेरा भाई रोबिन भागकर वहां पहुंचे। दूसरे लाेगों को भी मदद के लिए बुलाया। रोबिन, अमन, कालिया गुर्जर और मिट्‌ठू वहां पहुंचे। घर का दरवाजा अंदर से बंद था। हम छत गिरे मकान का दरवाजा तोड़कर अंदर गए तो देखा कि महिला के हाथ पर पत्थर गिरने से चोट लगी थी। हमने पत्थरों को हटाना शुरू किया। तब तक पुलिस और एंबुलेंस भी पहुंच गई थी। 15-20 मिनट की मशक्कत के बाद परिवार के सदस्यों को छत के गार्टर और पत्थरों के नीचे से निकाला। मकान लगभग 50 साल पुराना है।''-जैसा कि पड़ोसी नवीन ने बताया

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