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ये गलत है:टीबी अस्पताल में बलगम जांच के लिए आई अत्याधुनिक सीबी-नेट मशीन कार्ट्रिज नहीं मिलने से फांक रही धूल

हिसार10 दिन पहले
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  • इस मशीन में दो घंटे में एक साथ 10-12 सैंपल जांच सकते हैं, अब एक या दो ही जांच पा रहे

जिले के एकमात्र सबसे बड़े सरकारी टीबी अस्पताल में बलगम जांच के लिए आईं अत्याधुनिक सीबी-नेट मशीनें धूल फांक रही हैं। कारण, कार्ट्रिज उपलब्ध नहीं होना है। इस वजह से करीब 50 लाख से ज्यादा कीमत की सीबी-नेट मशीन अभी तक इंस्टॉल तक नहीं की है। इससे पहले चार सैंपल एक साथ जांचने वाली मशीन भी कार्ट्रिज के अभाव में बंद है। अब काम चलाने के लिए दूसरे हेल्थ सेंटर से छोटी मशीन मंगवा ली मगर उसमें एक सैंपल जांचने में दो घंटे का समय लग रहा है।

इससे सैंपल्स का पेंडेंसी बढ़ती जा रही है। जिले के सभी सरकारी व निजी अस्पतालों से टीबी आशंकित मरीजों का स्वैब या बलगम जांच के लिए टीबी अस्पताल ही भेजा जाता है। नई मशीन इंस्टॉल होती है तो दो घंटे में 12 सैंपल तक जांच संभव है। पर, कार्ट्रिज नहीं मिलने से जांच प्रभावित हो रही है। इस समय जिले में 4 हजार से अधिक टीबी मरीज हैं जिनका इलाज चल रहा है।

अन्य सेंटरों पर ट्रूनेट मशीन मगर कामयाब नहीं

अन्य सरकारी हेल्थ सेंटरों में ट्रूनेट मशीनें हैं मगर उनमें सैंपल जांच की क्षमता इक्का-दुक्का है। जिसमें 2-2 घंटे तक जांच में लग जाते हैं। कार्ट्रिज की दिक्कत से न सिर्फ हिसार बल्कि अन्य जिलों के स्वास्थ्य केंद्रों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। लगातार कार्ट्रिज की डिमांड को लेकर स्वास्थ्य मुख्यालय को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी टीबी के सस्पेक्टेड रोगियों को उठानी पड़ रही है।

कंडम बिल्डिंग में चल रहा अस्पताल
कहने को जिला का सबसे बड़ा टीबी अस्पताल हैं लेकिन इसकी बिल्डिंग कंडम हो चुकी है। यह कभी भी ढह सकता है। जोखिम के बावजूद यहां अस्पताल का संचालन हो रहा है। इस अस्पताल की बिल्डिंग को ढहाने तक का एस्टीमेट तैयार हो चुका था लेकिन अभी तक मामला अधर में अटका हुआ है। यह बिल्डिंग तोड़कर मल्टी स्टोरी व मल्टीस्पेशिलिटी अस्पताल बनाया जा सकता है।

काफी सैंपल पेंडिंग पड़े हैं, हो रही है परेशानी : डॉ. डाबला
पहले सेंट्रल लेवल पर कार्ट्रिज की खरीद होती थी। अब स्टेट को जिम्मेदारी सौंप रखी है। लगातार कार्ट्रिज की डिमांड कर रहे हैं, ताकि मशीनों का संचालन कर सकें। काफी सैंपल पेंडिंग पड़े हैं। इससे परेशानी होना लाजिमी है।''-डॉ. कुलदीप डाबला, इंचार्ज टीबी अस्पताल, हिसार।

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