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सुधार की कवायद:सिविल अस्पताल को कायाकल्प के मानकों पर परखने के लिए पहुंची टीम, कहा- सुधार है...थोड़ा और सुधार कीजिए

हिसार8 दिन पहले
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कायाकल्प के तहत सिविल अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंची टीम। - Dainik Bhaskar
कायाकल्प के तहत सिविल अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंची टीम।
  • नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड के तहत रेनोवेशन का काम जारी है, जिनका टीम ने निरीक्षण किया

सिविल अस्पताल को कायाकल्प के मानकों पर परखने के लिए राज्य स्तरीय टीम पहुंची। सीएमओ भिवानी डॉ. सपना के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने अस्पताल को स्वच्छता, गुणवत्ता, आधारभूत-मूलभूत एवं स्वास्थ्य सेवाओं की कसौटी पर परखा। अस्पताल में पहले से नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड के तहत रेनोवेशन का काम जारी है, जिनका भी टीम ने निरीक्षण किया।

इस दौरान अस्पताल कायाकल्प के मानकों पर कुछ हद तक खरा भी उतरता दिखा। पर, टीम ने संकेत दिया कि सुधार दिख रहा है मगर और सुधार की अभी जरूरत है। बता दें कि ओपीडी के खत्म होने तक टीम सदस्यों ने निरीक्षण जारी रखा था। सभी ओपीडी, ओटी, माइनर ओटी, डिस्पेंसरी, इमरजेंसी वार्ड में सुविधाएं-सेवाएं सहित इंफ्रास्ट्रक्चर व इंफेक्शन कंट्रोल की दिशा में उठाए कदमों को नंबर दिए जाएंगे। ये टीम अपनी फाइनल रिपोर्ट तैयार करके मुख्यालय को भेजेगी।

बकायदा कहां क्या कमियां रहीं, कहां सुधार की जरूरत है, क्या कर सकते हैं और क्या नहीं इत्यादि को हाईलाइट करके अपने नंबर देगी।अगर 75 प्लस नंबर मिले तो अस्पताल को कायाकल्प सर्टिफिकेशन के साथ लाखों रुपए फंड भी मिलेगा। इससे पूर्व भी टीम अस्पताल का निरीक्षण करके गई थी।

कोविड में अटके काम शुरू हुए, पूरे होने से पहले टीम विजिट
सिविल अस्पताल को कायाकल्प ही नहीं बल्कि नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड का दर्जा दिलवाने के लिए करोड़ों रुपयों का फंड उपलब्ध हुआ है। इसके चलते अस्पताल में रेनोवेशन सहित मरीजों की सुविधाओं के साथ संक्रमण नियंत्रण, क्राउड मैनेजमेंट सहित ओपीडी की दशा में सुधार का काम जारी है। यह काम काफी पहले ही पूरा हो जाता लेकिन कोरोना काल के कारण सभी काम अटक गए थे जोकि अब दोबारा शुरू हुए हैं।

अभी इमरजेंसी वार्ड के सामान को खुले में रखा हुआ है जिसे सुव्यवस्थित रखने के लिए कक्ष निर्माण का इंतजार है। स्त्री रोग ओपीडी का रेनोवेशन शुरू हो चुका है। वार्ड पांच के शौचालय का निर्माण धीमी गति से चल रहा है, इसके कारण वहां के सीवरेज की दुर्गंध वार्ड के मरीजों व नर्सिंग स्टाफ को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसके अलावा मुख्य काउंटर पर क्राउड मैनेजमेंट नहीं दिखता है। बार-बार कर्मियों को चिल्लाकर कहना पड़ता है कि एक-दूसरे से दूरी बनाकर अपनी-अपनी लाइन में खड़े हो जाएं। पर, कोई सुनता ही नहीं। इसके अलावा वेटिंग करने के लिए परिसर में कुर्सियों की काफी कमी है।

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