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फंगस की फांस:अग्रोहा में जबड़े का सर्जन नहीं, 12 मरीजों को सर्जरी का इंतजार, रोहतक रेफर करने का बनाया जा रहा दबाव

अग्रोहा21 दिन पहले
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मेडिकल कॉलेज अग्रोहा में ब्लैक फंगस  से पीड़ित मरीजों के उपचार में लगी स्टाफ की टीम। - Dainik Bhaskar
मेडिकल कॉलेज अग्रोहा में ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीजों के उपचार में लगी स्टाफ की टीम।
  • मेडिकल काॅलेज में भर्ती ब्लैक फंगस के 1 और मरीज की मौत
  • कॉलेज की डायरेक्टर बोलीं, जबड़े का सर्जन जल्द भर्ती करने का सरकार की तरफ से मिला है आश्वासन

महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या अभी भी बढ़ रही है। पिछले 24 घंटे में ब्लैक फंगस से एक मरीज की मौत हुई जिसके साथ ही मरने वालों की संख्या 28 हो गई है। मेडिकल काॅलेज के वार्ड में ब्लैक फंगस से पीड़ित 82 मरीज उपचार करवा रहे हैं। इनमें आधा दर्जन लोगों की हालत गंभीर बनी है।

मेडिकल कॉलेज में अभी तक 143 भर्ती मरीजों में 94 डायबिटीज से पीड़ित पाए गए हैं। इधर मेडिकल काॅलेज में जबड़े के सर्जन नहीं है। इसलिए ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं। सरकार ने सर्जन जल्द अप्वाॅइंट किए जाने का आश्वासन दिया है।

जबड़े के ऑपरेशन के लिए 12 मरीज पिछले पिछले 20 दिनों से ऑपरेशन का इंतजार कर रहे हैं। मेडिकल काॅलेज प्रशासन मरीजों पर रोहतक रेफर किए जाने का दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि राहत की बात है कि ब्लैक फंगस के इंजेक्शन व दवाइयां आ जाने के बाद मरीजों की सर्जरी हो रही है। रविवार को नौ मरीजों की सर्जरी की गई।

दवाएं-इंजेक्शन मिले तो हर मरीज होगा ठीक : रेवड़ी

नोडल अधिकारी डॉ. राजीव चौहान, ब्लैक फंगस वार्ड के प्रभारी डॉ. प्रवीण रेवड़ी, मीडिया प्रभारी डाॅ. अनूप ग्रोवर ने बताया कि अभी तक ब्लैक फंगस के 55 मरीजों की सर्जरी हो चुकी है। इंजेक्शन व दवाई आने के बाद लगातार सर्जरी की जा रही है। चिकित्सकों की टीम उपचार में 24 घंटे लगी है।

केवल कुछ दवाइयों के अभाव के कारण सर्जरी में देरी हो रही है। समय पर दवाइयां मिलती रहीं तो सभी लोगों को स्वस्थ करके घर भेजा जाएगा। रविवार को केवल एक मरीज की मौत हुई जो पहले से ही बहुत गंभीर हालत में आया था।

रोगी के परिजन से जानें, क्याें हाे रही सर्जरी में देरी

नाथूसरी कला के राजाराम ने बताया कि उसकी पत्नी को 23 अप्रैल को कोरोना हुआ था। उसे सिरसा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां पर वह ठीक हो गई। लेकिन 15 मई को उसकी पत्नी को जबड़े में सूनापन की समस्या हुई। उसे अग्राेहा मेडिकल कॉलेज मेें भर्ती कराया।

चिकित्सकों ने ब्लैक फंगस पीड़ित बताते हुए कहा कि जबड़े की सर्जरी होगी। लेकिन सर्जन के अभाव में आज तक सर्जरी नहीं हो पाई है। उसकी पत्नी को रोहतक रेफर करने की सलाह दे रहे हैं। यहां पर करीब 12 मरीज हैं जिन्हें सर्जन का अभाव बता रेफर करने की लिए दबाव बनाया जा रहा है।

रविवार को कॉलेज में 60 इंजेक्शन और पहुंचे

रविवार को ब्लैक फंगस से पीड़ित 9 मरीजों की सर्जरी की गई। लगातार दो दिनों से स्वास्थ्य विभाग इंजेक्शन व दवाइयां उपलब्ध करवा रहा है। जजबड़े के मरीजों के ऑपरेशन न होने के पीछे सर्जन अभाव है। इसको लेकर रविवार को सरकार से बात हुई। सरकार से जल्द सर्जन अप्वाॅइंट किए जाने का आश्वसन मिला है। मरीजों से भी कहा कि गया कि वह रोहतक जाना चाहें तो मेडिकल प्रशासन उन्हें एंबुलेंस मुहैया कराएगा। रविवार को सरकार से 60 और इंजेक्शन काॅलेज पहुंचे। '' डॉ. गीतिका दुग्गल, डायरेक्टर, महाराजा मेडिकल कालेज अग्रोहा।

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