परिजनों का फैसला:मोटर चोरी के शक में मीरकां में तीन दलित भाइयों को खेत में ले जाकर किया टॉर्चर, एक की मौत, दो घायल

हिसारएक महीने पहले
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मृतक विनोद के परिजन विलाप करते हुए - Dainik Bhaskar
मृतक विनोद के परिजन विलाप करते हुए

मीरकां गांव में पानी की मोटर चोरी के शक में दलित युवक विनोद की पीटकर हत्या करने सहित 2 अन्य चचेरे भाइयों को प्रताड़ना देने की वारदात के बाद परिजनों अौर दलित संगठनों में रोष है। हालांकि इस मामले में पुलिस ने घायल संदीप के बयान पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए हैं। मृतक के भाई सुनील ने बताया कि परिजनों ने फैसला लिया है सिविल अस्पताल की मोर्चरी से शव तभी उठाएंगे जब हत्यारोपी पकड़ लिए जाएंगे। विभिन्न दलित संगठनों ने भी पीड़ित परिवार से संपर्क किया है। बुधवार को सिविल अस्पताल में संगठनों के पदाधिकारी व सदस्य इकट्ठे होकर पीड़ित पक्ष के साथ मीटिंग करके और भी फैसले ले सकते हैं। इधर, माहौल तनावपूर्ण देखते हुए गांव मीरकां में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात कर दिया है। गांव की प्रत्येक गली में पीसीआर गश्त जारी है।

सिविल अस्पताल में मृतक विनोद के परिजन विलाप करते हुए। वहीं इस घटना का पता चलने पर नेशनल अलायंस फॉर दलित ह्यूमन राइट्स के कोर्डिनेटर रजत कल्सन ने सिविल अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। परिजनों से बातचीत के बाद कल्सन ने बताया कि शव को आरोपियों की अरेस्ट के बाद उठाने, मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाने व पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाने, पीड़ित परिवार वे प्रत्यक्षदर्शियों को सुरक्षा प्रदान की जाए।

सरपंच के साथ गया था, तीनों को घेरकर पीट रहे थे : सुनील

भाई विनोद, चचेरे भाई संदीप व भाल सिंह को मोटर चोरी के शक में पीटने का पता चला था। मैं निवर्तमान सरपंच धर्मबीर के साथ खेत में पहुंचा था। वहां पर जाकर देखा तो तीनों भाइयों को घेरकर पीटा जा रहा था। हमने कहा कि इन्हें मत मारो। आपको शक है तो पुलिस थाना में शिकायत देकर जांच करवा लो। पुलिस सच्चाई का पता लगा लेगी। उन्होंने हमारी बात को नहीं माना। पुलिस मौके पर आकर भाइयों को साथ लेकर गई थी। बाद में पता चला कि उनमें से विनोद की मौत हो गई है। मेरा भाई शादीशुदा था, जिसका एक साल का लड़का है। वह रात आठ बजे के बाद घर से बाहर नहीं निकला था।'' जैसा कि मृतक के भाई सुनील ने बताया।

पहले मुझे बुलाया था और फिर पुलिस को बुला सौंपे थे : धर्मबीर

खेत में मौजूद एक व्यक्ति ने फोन कर मामले से अवगत करवाया था। मैं मौके पर गया था। वहां तीनों चचेरे भाइयों को बैठा रखा था। मैंने उन्हें कहा कि इन्हें मारने-पीटने की बजाय पुलिस को सौंप दो। अगर मोटर चोरी की है तो पुलिस पता लगा लेगी। तब उन्होंने मेरी बात नहीं मानी थी। वहां से लौटते वक्त मृतक विनोद का भाई सुनील मिल गया था। वह मुझे अपने साथ खेत में लेकर गया था।

तब किसी ने पुलिस को मौके पर बुला लिया था। पुलिस पहुंची और तीनों चचेरे भाइयों को पुलिस के सुपुर्द करने के बाद थाने में मोटर चोरी की शिकायत दे आए थे। बाद में पता चला कि मारपीट में घायल विनोद की मौत हो गई है।'' - जैसा कि निवर्तमान सरपंच धर्मबीर ने बताया।

आरोप - इतना पीटा कि विनोद की मौत हो गई, 6 नामजद सहित 4-5 अन्य पर केस

पुलिस को दिए बयान में संदीप ने बताया कि मुझसे पहले ताऊ के लड़के भाल सिंह व विनोद को पकड़कर खेत में कोठरे के बाहर बैठा रखा था। संदीप सहारण, सुनील सहारण, गोलू उर्फ राहुल, दीपा, संजय, विजय के खिलाफ चार-पांच अन्य लोगों ने मिलकर हमें बुरी तरह पीटा था। बार-बार बोल रहे थे कि तुमने खेत से पानी की मोटर सहित अन्य उपकरण चोरी किए हैं। आरोप है कि हमें जातिसूचक अपशब्द बोलते हुए पीटा था। इतना मारा कि विनोद की मौत हो गई थी।

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