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ब्लैक फंगस:तीन और मरीजों ने तोड़ा दम मृतकों का आंकड़ा 27 पहुंचा, अग्रोहा मेडिकल में 144 इंजेक्शन पहुंचे

अग्रोहाएक महीने पहले
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महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज अग्रोहा में सर्जरी होने के बाद मरीजों ने ली राहत की सांस। ब्लैक फंगस वार्ड में मरीजों से हालचाल पूछते नोडल अधिकारी डॉ. राजीव चौहान। - Dainik Bhaskar
महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज अग्रोहा में सर्जरी होने के बाद मरीजों ने ली राहत की सांस। ब्लैक फंगस वार्ड में मरीजों से हालचाल पूछते नोडल अधिकारी डॉ. राजीव चौहान।
  • शनिवार को 10 मरीजों की हुई सर्जरी, अब तक 46 का हो चुका ऑपरेशन
  • तीन और मरीजों ने तोड़ा दम मृतकों का आंकड़ा 27 पहुंचा

महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज अग्रोहा में ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले सप्ताह से ब्लैक फंगस के इंजेक्शन व दवाइयों का भारी टोटा चल रहा था। जिसके कारण मरीजों की सर्जरी करने में दिक्कतें आ रही थी। पिछले 24 घंटे में तीन लोगों की मौत हो गई। ब्लैक फंगस से अब तक 27 लोगों की मौतें हो चुकी हैं।

शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने 144 इंजेक्शन व दवाइयां भेजीं। दवाएं मिलने के बाद ब्लैक फंगस वार्ड प्रभारी डॉ. प्रवीण रेवड़ी, ईएनटी के प्रभारी डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. राहुल मेडा के नेतृत्व में टीम ने 10 मरीजों की सर्जरी की। इसके चलते मरीजों व डॉक्टरों ने राहत की सांस ली है।

नोडल अधिकारी डॉ. राजीव चौहान एवं डॉ. प्रवीण रेवड़ी ने बताया कि अभी तक ब्लैक फंगस के कुल 133 मरीज आ चुके हैं। 9 मरीजों काे उपचार के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है और 46 मरीजों की सर्जरी की जा चुकी है। इंजेक्शन आने के बाद शनिवार को 10 मरीजों की सर्जरी हो चुकी है। रविवार को भी सर्जरी की जाएंगी।

खास बात यह है कि कोरोना से पीड़ित 105 जबकि 91 मरीज डायबिटीज व स्टेरॉयड दवाइयों के चलते ब्लैक फंगस होने के मिले हैं।

जानिए- अब तक 133 मरीज ब्लैक फंगस के आ चुके, जिनमें से 105 काेराेना से पीड़ित रह चुके, वहीं 91 पेशेंट की डायबिटीज और स्टेरॉयड दवा की हिस्ट्री मिली

किस जिले के कितने पेशेंट

  • 50 मरीज हिसार जिले के भर्ती हो चुके हैं। जिनमें से 10 की मौत हो चुकी है।
  • 24 मरीज भिवानी के भर्ती हो चुके। 4 मौतें हो चुकी।
  • 19 रोगी फतेहाबाद जिले के भर्ती हो चुके, जिनमें से 5 मरीजों की मौत हो चुकी है।
  • 27 मरीज सिरसा जिले के भर्ती हो चुके हैं जिनमें से 4 मरीजों की मौत हो चुकी है।

6 मरीज जींद जिले के भर्ती हुए। एक की मौत हुई। पानीपत के 1 रोगी की मौत हुई। 1-1 पंजाब व राजस्थान के मरीज की मौत हो चुकी है।

जिनकी सर्जरी की उनकी हालत में सुधार

शनिवार को ब्लैक फंगस के 144 इंजेक्शन आए हैं। जिसके पहुंचते ही चिकित्सकों की टीम ने ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीजों की सर्जरी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग शीघ्र ही और इंजेक्शन व दवाइयां भेज रहा है। सभी मरीजों की सर्जरी की जाएगी। ब्लैक फंगस कोई ज्यादा गंभीर बीमारी नहीं है। मेडिकल में उपचार संभव है। चिकित्सकों की टीम उपचार में लगी है। अभी तक जिन लोगों की सर्जरी की है सभी की हालत में सुधार है।'' डॉ. गीतिका दुग्गल, डायरेक्टर, मेडिकल काॅलेज, अग्रोहा।

मरीजों के परिजन बोले थैंक्यू भास्कर

मेडिकल काॅलेज में ब्लैक फंगस का इलाज करा रहे मरीज दवाओं की कमी को लेकर परेशान थे। भास्कर ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। इसके बाद दवाएं पहुंचीं। इस पर मरीजों और उनके परिजनों ने दैनिक भास्कर का धन्यवाद किया है। मरीजों के तीमारदार मुकेश, विद्या देवी, सतीश सहित अनेक परिजनों ने कहा कि भास्कर ने उनकी पीड़ा काे समझते हुए दवाइयाें की कमी के मुद्दे काे उठाया, इसके बाद अस्पताल में दवाइयां का प्रबंध हाे सका।

निजी अस्पतालों में ब्लैक फंगस के 65 रोगी भर्ती

हिसार, ब्लैक फंगस बीमारी पैर पसारने लगी है। हिसार जिले के विभिन्न अस्पतालों में करीब 185 रोगी उपचाराधीन हैं। इनमें से निजी अस्पतालों में 65 रोगी दाखिल हैं। अब डिमांड अनुसार अस्पतालों को एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन मुहैया होने लगे हैं।

सीएमओ डॉ. रतना भारती ने बताया कि ब्लैक फंगस ग्रस्त रोगियों के इलाज में एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन कारगर है। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में निजी अस्पतालों से करीब दो गुना अधिक मरीज दाखिल हैं। इनके लिए इंजेक्शन उपलब्ध होने लगे हैं, जिससे मरीजों का इलाज व सर्जरी दोनों ही चल रहे हैं।

डॉ. भारती के अनुसार कोरोना संक्रमित ओरल हाइजिन का विशेष ध्यान रखें। इसके अलावा नियमित मास्क बदलें और ऑक्सीजन सिलेंडर पर लगे फ्लो मीटर का पानी बदलवाएं व सफाई करवाएं। इन बातों का विशेषज्ञ ध्यान रखें। अगर मुंह या दांतों में दर्द, आंखों के आसपास कालापन व सूजन, दिखना बंद होना इत्यादि लक्षण हैं तो तुरंत ईएनटी, दंत व आई सर्जन से संपर्क करें। इलाज में लापरवाही बिल्कुल न बरतें।

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