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सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम में सेंध:पोर्टल की आईडी-पासवर्ड चोरी कर अज्ञात गिरोह ने फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र बनाए; रिकॉर्ड से नाम और डिटेल मिलान नहीं

हिसार5 महीने पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • जिला स्वास्थ्य अफसरों ने फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद चीफ रजिस्ट्रार ऑफिसर डेथ-बर्थ को सूचित किया, अन्य जिलों में भी मामले मिले
  • एसीएस हेल्थ ने एफआईआर कराने के लिए पत्र जारी किया

सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) पोर्टल की आईडी-पासवर्ड चोरी कर अज्ञात गिरोह ने फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र जारी कर दिए। ऐसे प्रमाण-पत्रों की संख्या हिसार में 18 और हांसी में 9 हैं। इस तरह का फर्जीवाड़ा अन्य जिलों व राज्यों में भी सामने आया है। खास बात यह कि जिन-जिन लोगों के नाम से प्रमाण-पत्र जारी हुए हैं, उनका कोई पूर्व रिकॉर्ड दर्ज नहीं है। जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद चीफ रजिस्ट्रार ऑफिसर डेथ-बर्थ सहित अन्य उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया।

एससीएस हेल्थ ने मामले में कड़ा संज्ञान लेकर उन सभी जिलों में एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए हैं, जहां फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र जारी हुए हैं। इसके तहत हेल्थ अफसरों ने हिसार व हांसी के एसपी को पत्र लिखकर साइबर सैल से जांच करवाकर संबंधित गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए लिखा है। इस तरह के फर्जी सर्टिफिकेट जारी होने के मामलों से नगर निगम ने भी सिविल सर्जन को अवगत करवाया था। फर्जीवाड़ा राेकने के लिए अब पासवर्ड बदले गए हैं।

27 प्रमाण-पत्र यहां से बनें

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सीएचसी सीसवाल की आईडी-पासवर्ड चोरी कर 11, उकलाना से 5 और अन्य जगह से 2, हांसी सिविल अस्पताल की आईडी से 9 प्रमाण-पत्र जारी हुए हैं। 12 जन्म प्रमाण-पत्र तो 1969 से पहले के बना रखे हैं। उस दौरान का रिकॉर्ड उर्दू में है। पर, हिसार के सिविल अस्पताल स्थित जन्म-मृत्यु शाखा में जारी किसी भी फर्जी सर्टिफिकेट की डिटेल्स का मिलान पूर्व रिकॉर्ड से नहीं हुआ है। बता दें कि पेंशन, खेल, नौकरी, पढ़ाई, संपत्ति रिकॉर्ड बदलवाने सहित अन्य क्षेत्रों एवं कामों में लाभ के लिए प्रमाण-पत्र का प्रयोग किया जाता है।

उम्मीद... साइबर जांच से पटाक्षेप संभव

जिला अतिरिक्त रजिट्रार डॉ. तरूण ने बताया कि हरियाणा जन्म मृत्यु नियमावली 1969 सहित आईटी एक्ट, धोखाधड़ी, जालसाजी सहित अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई बनती है। हिसार व हांसी के 27 फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र हैं। पोर्टल की आईडी-पासवर्ड चोरी कर प्रमाण-पत्र जारी हुए हैं। इस संबंध में एसीएस हेल्थ राजीव अरोड़ा ने कड़ा संज्ञान लेकर पत्र जारी किया है। उसमें लिखा कि रजिस्ट्रार जनरल द्वारा सीआरएस पोर्टल का संचालन होता है। कई जिलों में फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने की सूचनाएं मिली हैं। इस तरह के मामले पलवल, पंचकूला, पानीपत, नूंह, भिवानी इत्यादि जिलों में मिले हैं। वहां के जिला रजिस्ट्रार द्वारा रिपोर्ट भेजी गई है। सभी को एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए हैं।

हिसार के 18 फर्जी सर्टिफिकेट सामने आए

जन्म तारीख नाम
20-8-1960 निर्मला देवी
8-7-1960 फूल कुमार
20-3-1960 शिव कुमार
1-1-1960 सतपाल
5-1-1960 कमलेश
1-1-1962 बिमला
4-1-1992 मिकदर
2-11-2007 शुभम
20-3-1960 दर्शना
8-3-2019 देविक भारद्वाज
1-1-1960 वहमा
8-3-1985 दीप्ति
26-10-1996 राकिब
15-2-1961 राजकुमार
2-6-2008 मोहित
20-3-1961 कमलेश
30-12-2001 संदीप मान
1-1-1960 ओमी देवी

हांसी के 9 फर्जी सर्टिफिकेट

जन्म तारीख नाम
8-8-2008 केजल शकाया
14-7-2011 कृति शकाया
14-2-1983 उपासना धनखड़
26-11-1992 नरेंद्र कुमार
30-7-2005 सन्नी
6-5-2007 सवी
12-3-1961 रमेश
8-12-1996 शिवम सिंघल
10-03-1961 सुरेंद्र कुमार

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