UP पुलिस को चकमा देकर लखीमपुर पहुंचे चढ़ूनी:ऐसे भेष बदला कोई पहचान ही नहीं पाया; हिंसा पीड़ितों से मिलकर बात सुनी; अंतिम संस्कार वाली जगह पर जाकर श्रद्धांजलि दी

हिसार20 दिन पहले
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लखीमपुर हिंसा पीड़ितों से मिलते गुरनाम सिंह चढ़ूनी। - Dainik Bhaskar
लखीमपुर हिंसा पीड़ितों से मिलते गुरनाम सिंह चढ़ूनी।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के बाद प्रशासन ने हरियाणा-पंजाब के लोगों को पीड़ितों से मिलने से रोक दिया है। बकायदा सचिव ने आदेश जारी किए हैं कि इन दो राज्यों से आने वाले लोगों को लखीमपुर जाने से रोका जाए। बावजूद इसके भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह चढ़ूनी पीड़ित परिवारों तक पहुंच गए और उनका हालचाल जाना। जबकि गुरनाम सिंह चढ़ूनी को रोकने के लिए भी पुलिस ने पुख्ता तैयारियां की हुई थीं व उनकी पहचान के बारे में सब जगह पर अलर्ट भेजा हुआ था।

गुरनाम सिंह चढ़ूनी, जिन्हें असली समझकर यूपी पुलिस ने हिरासत में लिया।
गुरनाम सिंह चढ़ूनी, जिन्हें असली समझकर यूपी पुलिस ने हिरासत में लिया।

लेकिन गुरनाम सिंह चढ़ूनी अपना हुलिया बदलकर पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहे। अकसर सफेद-कुर्ता पायजामा व केसरिया पगड़ी में दिखने वाले गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने लखीमपुर जाने के लिए हाफ बाजू की शर्ट, पैंट व पगड़ी की जगह सफेद रुमाल बांधा हुआ था। पैरों में भी हवाई चप्पल पहने होने के कारण वह किसी की पहचान में नहीं आ सके। पुलिस ने एक दूसरे गुरनाम सिंह को हिरासत में लिया, जिनके कपड़े, पगड़ी का रंग व कद-काठी बिलकुल अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी जैसी थी।

वहीं लखीमपुर से लौटने के बाद गुरनाम संह चढ़ूनी ने बताया कि उनको भी आते समय रात को 1.30 बजे यूपी पुलिस ने रोका था, लेकिन उस दौरान जाने की बजाय वह वापस लौट रहे थे, इस कारण से पुलिस ने उनको जाने दिया। लखीमपुर में गुरनाम सिंह ने हिंसा में घायल हुए किसानों से मुलाकात की व मारे गए किसानों के परिजनों से भी मिले। इसके अलावाा किसानों को उनके अंतिम संस्कार वाली जगह पर जाकर श्रद्धांजलि दी।