आर्ट एंड क्राफ्ट टीचर्स भर्ती को सुप्रीम झटका:फैसला : KUK का डिप्लोमा ITI के डिप्लोमा के बराबर नहीं, 15 साल पुराना हाईकोर्ट का फैसला बदला

हिसार7 महीने पहले
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प्रदेश में आर्ट एंड क्राफ्ट टीचर्स की भर्ती से पहले ही एक और नई उलझन पैदा हो गई है। भर्ती का आखिरी चरण पूरा होने से पहले ही उम्मीदवारों की योग्यता को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के आर्ट एंड क्रफ्ट डिप्लोमा एवं डिग्री को आईटीआई के आर्ट एंड क्राफ्ट डिप्लोमा के समकक्ष नहीं माना है। बुधवार को माननीय सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति अबदुल नाजिर व कृष्णा मुरारी ने दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया कि केयूके का दो वर्षीय आर्ट एंड क्राफ्ट डिप्लोमा एवं डिग्री हरियाणा आईटीआई के दो वर्षीय डिप्लोमा के बराबर मान्यता नहीं रखता है।

माननीय कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले पर कहा कि कोर्ट ने दोनों कोर्स को बराबर रखने की गलती की है। इससे पहले इस केस पर सुनवाई करते हुए 2006 में हाईकोर्ट ने दोनों कोर्स को बराबर बताया था। उसके बाद आईटीआई डिप्लोमा होल्डर्स द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से उन लोगों को झटका लगा है जिन्होने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से दो वर्षीय डिप्लोमा के आधार पर भर्ती में भाग लिया था। जानकारी के अनुसार 816 टीचर्स की भर्ती में केयू से आर्ट एंड क्राफ्ट डिप्लोमा होल्डर्स की संख्या 700 से भी ज्यादा है। इसके अलावा इसी डिप्लोमा के आधार पर 1000 से ज्यादा गेस्ट टीचर्स प्रदेश में कार्यरत हैं। हालांकि कोर्ट ने कहा कि भर्ती में योग्यता का फैसला राज्य सरकार का अधिकार है। कोर्ट भर्ती के लिए ना तो योग्यता में छूट दे सकती है और ना ही योग्यता की समानता तय कर सकती है।

कोर्ट ने इन प्वाइंटस के आधार पर केयू व आईटीआई के कोर्स को अलग-अलग बताया

इस मामले में देवेंद्र भास्कर व अन्य की तरफ से हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका के अनुसार आईटीआई का डिप्लोमा पूर्णत प्रैक्टिकल आधारित टीचर ट्रेनिंग कोर्स है जबकि केयू का डिप्लोमा दूरवर्ती और स्वरोजगार से जुड़ा कोर्स है। केयू का डिप्लोमा करने वाला किसी अन्य को इसकी शिक्षा नहीं दे सकता है। इसके अलावा समय-समय पर खुद केयू की तरफ से भी यह स्पष्टीकरण जारी किया जाता रहा है कि उनका यह कोर्स सरकारी टीचर्स की भर्ती के समकक्ष नहीं है। इसके अलावा इससे पहले शिक्षा बोर्ड व शिक्षा सचिव द्वारा भी इन कोर्स को अलग-अलग बताया गया था। केयू के कोर्स में किसी भी तरह की मैरिट योग्यता, सीट, आरक्षण आदि का प्रावधान नहीं है। यह सिर्फ एक डिग्री के समकक्ष कोर्स है ना कि इसमें टीचर्स ट्रेनिंग उद्देश्य है।