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थाना प्रभारी के बेजुबान दोस्त लालू की दिलचस्प कहानी:SHO का तबादला हुआ तो खाना-पीना छोड़ दिया; मरणासन्न अवस्था में पहुंचा, 5वें दिन इंस्पेक्टर लेने आया और उपचार कराया

हिसार3 महीने पहले
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अपने दोस्त लालू को गाड़ी में लेकर जाता इंस्पेक्टर उदयभान गोदारा। - Dainik Bhaskar
अपने दोस्त लालू को गाड़ी में लेकर जाता इंस्पेक्टर उदयभान गोदारा।

एक बेजुबान कितना प्यार कर सकता है, इसका पता इस खबर को पढ़ने से लग जाएगा। हम आपको सुना रहे हैं, थाना प्रभारी के एक ऐसे बेजुबान दोस्त की कहानी, जिसे अपने दोस्त थाना प्रभारी से इतना प्यार है कि उसका तबादला होने पर उसने खाना-पीना छोड़ दिया और जब थाना प्रभारी को पता चला तो वह पलवल से आकर अपने दोस्त को ले गए। ये दोस्त कोई और नहीं, एक कुत्ता है, जिसका नाम लालू है। वह रोहतक के लाखनमाजरा में रहता है।

SHO उदयभान गोदारा ने बताया कि लालू एक स्ट्रीट डॉग था, जो बीमारी की वजह से मरणासन्न अवस्था में पहुंच गया था। जब उन्होंने लालू की हालत देखी तो उसका उपचार कराया। इसके बाद से लालू उनका पक्का दोस्त बना गया है। इतना पक्का दोस्त कि उसके वियोग में लालू ने खाना-पीना तक छोड़ दिया। जब इस बारे में उन्हें पता चला तो 5वें दिन वह गाड़ी लेकर लाखनमाजरा पहुंचे और लालू को अपने साथ गाड़ी में पलवल लेकर गए। अब वह खा-पी रहा है।

इंस्पेक्टर उदयभान गोदारा
इंस्पेक्टर उदयभान गोदारा

ऐसे शुरू हुई दोस्ती
भिवानी के गुरेरा गांव निवासी इंस्पेक्टर उदयभान गोदारा ने बताया कि अप्रैल 2021 में वह रोहतक के लाखनमाजरा थाने में बतौर प्रभारी तैनात थे। एक दिन उन्होने देखा कि उनके रेस्ट रूम के बाहर एक कुत्ता बहुत ही बीमार हालत में लेटा हुआ है। कुत्ता इतना बीमार था कि कुछ भी खाने-पीने की हालत में नहीं था, आंखें अंदर तक धंस चुकी थीं और उसमें चलने की ताकत नहीं बची थी।

SHO उदयभान के अनुसार, उन्होंने सोचा कि थाने में तो वैसे भी पीड़ित और दुखी लोग ही आते हैं। शायद यह कुता भी फरियादी है, इसलिए लोकसेवक होने के नाते मुझे इसके लिए कुछ करना चाहिए। 20 दिन के इलाज के बाद कुत्ता ठीक हुआ और उन्होंने उसका नाम लालू रख दिया था। लालू का वेटरनरी डॉक्टर सचिन से इलाज करवाया गया और वह पहले जैसे स्वस्थ हो गया।

स्वस्थ होने के बाद लालू उदयभान गोदारा के साथ ही रहने लगा। पूरा दिन वह थाने में उनके साथ घूमता और उनकी कुर्सी के साथ ही बैठा रहता। कई बार तो लालू थाने में आए शिकायतकर्ताओं के साथ खेलकर उनका भी दिल बहलाता।

थाना परिसर में लेटा हुआ SHO का दोस्त लालू
थाना परिसर में लेटा हुआ SHO का दोस्त लालू

तबादले के बाद SHO जाने लगे तो बांह पकड़कर वापस थाने में ले आया

SHO उदयभान गोदारा ने बताया कि उनका लाखनमाजरा से पलवल तबादला हो गया है। जब SHO अपने साथियों से विदा लेकर थाने से जाने लगे तो कुत्ता लालू उनकी गाड़ी के आगे आकर खड़ा हो गया। शायद लालू को भी थाने का माहौल देखकर अहसास हो गया था कि उसका दोस्त अब कहीं दूर जाने वाला है। लालू उनकी बांह पकड़कर वापस थाने में ले आया। जब दोबारा उदयभान ने खिड़की बंद करके वहां से जाने की कोशिश की तो लालू उनकी कार के पीछे लगातार दौड़ता रहा। यह सब देखकर उदयभान को भी समझ आ गया कि लालू उसको जाने नहीं देगा, इसलिए उनको गाड़ी रोकनी पड़ी। जब खिड़की खोली तो लालू उदयभान को फिर से खींचने लगा। उदयभान गाड़ी से उतरकर पैदल ही वापस लालू के साथ थाना में आ गए और दुखी मन से कुत्ते को अपने रेस्ट रूम में बंद करके वहां से पलवल के लिए निकल गए। उदयभान ने बताया कि इस पूरे मामले से उन्हें इतना दुख हुआ कि वह रास्ते भर रोते रहे, लेकिन उनको लगा कि लालू उसको भूल जाएगा और वहीं पर ढल जाएगा।

4 दिन बाद पता चला कि लालू ने खाना-पीना छोड़ दिया

इंस्पेक्टर उदयभान के अनुसार, लाखनमाजरा थाने से फोन आया कि उनके जाने के बाद से कुत्ते ने कुछ भी खाया पिया नहीं है। वह बेसुध एक ही जगह पर लेटा हुआ है। उन्होंने सोचा कि शायद एक दो दिन में उनको भूलकर खाना शुरू कर देगा, लेकिन हालात नहीं बदले। चौथे दिन फिर लाखनमाजरा थाने के कर्मचारियों ने बताया कि कुत्ता चार दिन से एक ही जगह पर लेटा हुआ है और उठ भी नहीं पा रहा है। यह सुनकर उदयभान भी काफी दुखी हुए और गाड़ी लेकर सीधे लाखनमाजरा थाने पहुंचे। वहां पर अपने दोस्त को आया देखकर कुत्ते लालू ने धीरे से आंखें खोली, पूंछ हिलाई और फिर इस तरह से खड़ा हुआ, जैसे उसमें ताकत नहीं बची है। उदयभान ने कुत्ते के लिए दूध ब्रैड मंगवाया तो देखा कि कुत्ता रो रहा है और आंखों से आंसू गिर रहे हैं। कुत्ता अपने दोस्त की तरफ ऐसे देख रहा था, जैसे कह रहा हो मुझे छोड़कर क्यों गए। उदयभान को भी यह देखकर समझ आ गया कि उनका दोस्त बिना कुछ खाए-पिए जान दे सकता है, इसलिए इसको लेकर जाना ही उचित रहेगा।

उदयभान ने जैसे की अपने दोस्त लालू से कहा कि वह उसे लेने के लिए आया है तो लालू खुद ही गाड़ी में जाकर बैठ गया। इस पूरे दृश्य को देखकर लाखनमाजरा थाने का माहौल भी गमगीन हो गया। उदयभान ने बताया कि लालू अब उनके साथ पलवल में रहता है और उसका स्वास्थ्य लगातार ठीक हो रहा है।

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