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  • With The Plowing Of The DSR Machine, There Will Also Be Sowing, The Moisture Of The Land Will Remain, 5 Liters Of Diesel Will Also Be Left In The Plowing Of One Acre.

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तकनीक:डीएसआर मशीन से जुताई के साथ बिजाई भी होगी, जमीन की नमी बनी रहेगी, एक एकड़ की जुताई-िबजाई में 5 लीटर डीजल भी बचेगा

हिसार5 दिन पहलेलेखक: महबूब अली
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  • सातराेड कलां गांव के िकसान ने धान के लिए डेढ़ लाख रुपए में तैयार की िवशेष प्रकार की मशीन
  • 12वीं तक पढ़े राजेंद्र ने पढ़ाई छाेड़ कृषि यंत्र बनाना िकया था शुरू

प्रदेश के किसानाें के लिए खुशखबरी है। अब एक ही डीएसआर मशीन के माध्यम से धान के खेत की जुताई से लेकर बिजाई भी हाे सकेगी। यहीं नहीं जुताई करते समय खेत की नमी भी कम नहीं हाेगी। हिसार के गांव सातराेड कलां के किसान राजेंद्र सिंह पूनिया ने डीएसआर मशीन तैयार की है।

मशीन की खासियत यह है कि अब अलग-अलग मशीनाें से खेत की जुताई व बिजाई करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एचएयू के एबिक सेंटर से किसान कृषि यंत्र बनाने के लिए ट्रेनिंग भी ले रहा है। राजेंद्र पूनिया ने बताया कि उन्हेंं पहले से ही कृषि यंत्राें काे बनाने का शाैक था। अब उन्होंने धान के खेत की बिजाई और जुताई के लिए डीएसआर मशीन तैयार की है।

मशीन के माध्यम से खेत की जुताई के साथ-साथ सुहागा लगाने और धान की बिजाई भी एक साथ हाे सकेगी, जबकि बाजार में बिकने वाली डीएसआर मशीन में पहले जुताई की जाती है, इसके बाद सुहागा लगाया जाता है तथा इसके बाद बिजाई की जाती है। जबकि राजेंद्र द्वारा तैयार डीएसआर मशीन से एक साथ ही तीनाें काम किए जा सकेंगे।

मात्र 40 मिनट में जुताई से लेकर बिजाई तक का काम आसानी से किया जा सकता है। राजेंद्र ने बताया कि वह 12वीं तक ही पढ़े हैं। 1999 में उन्हाेंने पढ़ाई छाेड़कर कृषि यंत्र बनाने का काम शुरू कर दिया था। पिछले साल ही एक राेटावेटर मशीन भी तैयार की थी, जिसकी एचएयू के वैज्ञानिकाें ने भी सराहना की थी।

30 से 40 मिनट तक समय की भी होगी बचत

राजेंद्र ने बताया कि मशीन काे तैयार करने में डेढ़ लाख रुपये का खर्च आया है। एक एकड़ में िबजाई करने पर अन्य मशीन की अपेक्षा इस मशीन से 5 लीटर डीजल बचता है, वहीं 30 से 40 मिनट तक समय की भी बचत हाेती है। एचएयू के कुलपति प्राेफेसर समर सिंह ने बताया कि राजेंद्र पहले भी कई कृषि यंत्र तैयार कर चुका है। एबिक सेंटर के माध्यम से भी राजेंद्र काे ट्रेनिंग दिलाई जा रही है।

ये है मशीन की खासियत

जुताई के लिए राेटावेटर लेकर आते हैं। इसमें अलग से राेटावेटर लाने की जरुरत नहीं हाेती है। मशीन के अंदर ही राेटावेटर फिट हाेता है। जमीन पर समतल करने के लिए सुहागे की आवश्यकता है। इसके लिए रूटर लगाया गया है, जाे मिट्टी काे खुद ही समतल कर देता है। एक एक्सटरा रूटर भी इसमें लगाया गया है, जिससे जमीन नमी नहीं निकलती है तथा पैदावार अधिक हाेती है।

राजेंद्र के अनुसार बाजार में मिलने वाली डीएसआर मशीन में जुताई के लिए अलग से राेटावेटर लगाया जाता है। उनके द्वारा तैयार मशीन में अलग से राेटावेटर लगाने की आवश्यकता नहीं है।

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