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सात करोड़ रुपये का चावल घोटाला:शैलर मालिक और उसके तीन गारंटरों पर करोड़ों रुपये के सरकारी चावल के गबन व धोखाधड़ी का केस दर्ज

रतियाएक महीने पहले
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  • चेकिंग के समय राइस मिलर दिल्ली, यूपी और बिहार से सस्ता चावल मंगवाकर दिखा देते हैं स्टॉक

शहर पुलिस ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक सुखमिंद्र सिंह की शिकायत पर गांव नथवान के शैलर मालिक सहित 5 लोगों पर करोड़ों रुपयों के चावल घोटाले व धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपियों में खोखर राइस मिल नथवान के मालिक वार्ड 9 निवासी सियासत सिंह, गारंटर वार्ड 1 निवासी दलबीर सिंह, वार्ड 2 निवासी सतगुरु सिंह, दिल्ली के साउथ खिजराबाद की फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी नरेश कुमार का नाम शामिल हैं।

गारंटरों ने शैलर मालिक के पक्ष में स्टॉक को लेकर गवाही दी हुई है। विभाग के अनुसार शैलर से 2676.53632 मिट्रिक टन चावल लेना है। निरीक्षक सुखमिंद्र सिंह ने कहा कि विभाग की जिला मिलिंग कमेटी की तरफ से नथवान स्थित खोखर राइस मिल को साल 2020-21 के लिए धान की सीएमआर के लिए 7029.03750 एमटी पैडी अलॉट की थी। फरवरी मास की भौतिक जांच के करने उपरान्त 16.34150 एमटी धान कम पाई गई।

जानिए... 9 जून को भौतिक सत्यापन करने पर हुआ खुलासा
मिलर द्वारा अब तक भारतीय खाद्य निगम को 2021.97 एमटी सीएमआर की डिलीवरी की गई है और अब 2676.53632 एमटी सीएमआर की डिलीवरी करनी बकाया है। निगम द्वारा चावल के भुगतान की अंतिम तिथि 30 जून 2021 तक बढ़ा दी गई है। लेकिन 9 जून को वे सहायक निरीक्षक कुलदीप सिंह के साथ भौतिक जांच के लिए आए तो जांच के दौरान राइस मिल में धान व चावल का स्टॉक शून्य पाया गया।

मिल में 2676.53632 एमटी चावल कम मिला। कम पाए गये चावल के संदर्भ में 10 जून को नोटिस भेजकर मिलर व गारंटरों को दिनांक 14 जून तक स्थिति स्पष्ट करने के लिए सर्कल कार्यालय मे बुलाया गया था। लेकिन राइस मिलर व गारंटरों ने कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया। नोटिस भेजा तो नोटिस लेने से इंकार कर दिया। राइस मिलर द्वारा न तो स्टाक पूरा किया गया है और न ही चावल की डिलीवरी दी है । जो चावल गायब है, उसकी कीमत 7 करोड़ की है।

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