पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • Hisar
  • Sirsa
  • Auspicious Times Of Marriages Were Postponed, Social Programs Were Not Held And Vegetables Grown In The Fields Were Eaten And Distributed, No One In The Villages Got Infected With Corona

गांव छोटे पर सोच बड़ी:शादियों के मुहूर्त टाले, सामाजिक कार्यक्रम नहीं हुए, खेतों में उगाईं सब्जियां मिल बांटकर खाईं, गांवों में कोई नहीं हुआ कोरोना से संक्रमित

सिरसा25 दिन पहलेलेखक: जगसीर शर्मा
  • कॉपी लिंक
  • सिरसा जिले के 5 हजार से कम आबादी वाले 7 गांवों ने कोरोना संक्रमण से बचने को बनाए अपने नियम

जिले के सात गांव ऐसे हैं, जिनमें एक भी कोरोना पॉजिटिव केस नहीं है। इनमें से किसी भी गांव की आबादी 5 हजार से ज्यादा की नहीं है। क्षेत्र और जनसंख्या के लिहाज से बेशक से ये छोटे हैं, लेकिन इन्होंने बड़ी सोच का परिचय दिया है। वो भी ऐसे वक्त में जब प्रदेश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 प्रोटोकोल की सरेआम धज्जियां उड़ाई गईं।

इन गांवों में लोगों ने अपने परिवार ही नहीं पूरे गांवों को सुरक्षित रखा। इन गांवों के लोग दूसरे गांवों में नहीं गए और बाहरी लोगों को अपने गांव में आने नहीं दिया। इतना ही नहीं लोगों ने कोरोनाकाल में शादियों पर पाबंदी लगा दी। कोरोनाकाल में तय शादियां भी लोगों ने निरस्त कर दी।

सामाजिक कार्यक्रम तक नहीं हुए, वहीं किसी बुजुर्ग की नॉर्मल डेथ हुई, तो खुद परिजनों ने अनाउंसमेंट करवा दी कि कोरोनाकाल में कोई उनके बैठने न आए। उनको किसी से कोई गिला शिकवा नहीं है। ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों की वजह से कोरोना की इन गांवों में एंट्री नहीं हुई।

गांव माखा में लोगों ने धैर्य बनाकर रोकी कोरोना की एंट्री

गांव माखा में दो हजार की आबादी है, लेकिन कोई कोरोना रोगी नहीं है। सरपंच वीरपाल कौर ने बताया कि ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों से बाहरी लोगों को बिना मास्क और सैनिटाइज के गांव में नहीं आने दिया गया। लॉकडाउन से पहले ही ग्रामीणों ने बाहर जाना बंद कर दिया था।

हर सप्ताह गांव काे सैनिटाइज किया गया। लॉकडाउन में शादियों के शुभमुहूर्त टाले गए। इतना ही नहीं गांव में किसी बुजुर्ग की नॉर्मल डेथ हुई, तो परिजनों ने खुद अनाउंसमेंट करवाई कि घर कोई बैठन ना आवे। कुछ समय पहले हेल्थ टीम ने लोगों की जांच की, मगर कोई कोरोना केस नहीं आया।

करीब दो माह तक लोगों ने धैर्य बनाए रखा, खेतों में उगाई सब्जियां गांव में मिल बांटकर खाई। ताकि लॉकडाउन में किसी को बाहर से सब्जी न लानी पड़े। जिससे उनका पूरा गांव सुरक्षित है।

गांव बुढ़ीमेड़ी में लाेगों ने कार्यक्रमों से बनाई दूरी

ऐलनाबाद खंड के गांव बुढ़ीमेड़ी में 1250 की आबादी है। अभी एक भी कोरोना का केस नहीं है। गांव के सरपंच सुखबाज सिंह ने बताया कि लोगों ने साथ दिया और जागरुकता अभियान जारी रखा। ग्रामीणों को मास्क, सैनेटाइजर भी उपलब्ध करवाए। लॉकडाउन में एक भी शादी नहीं हुई। आस-पास के गांवों में सामाजिक कार्यक्रमों में भी ग्रामीण नहीं गए। जिससे गांव के लोग कोरोना से सुरक्षित हैं।

जिले के 7 गांव माखा, मूसली, बुढ़ीमेड़ी, ढाणी साधा सिंह, डोगरांवाली, मोडी व जोड़ियां में कोरोना का एक भी केस सामने नहीं आया है। जहां ग्रामीणों ने कोरोना संक्रमण से बचाव के नियमों की पालना को बेहतर तरीके से सुनिश्चित किया, जिससे पूरे गांव सुरक्षित हैं। ग्रामीणों के सराहनीय प्रयास है।
-डॉ. बुधराम, उप सिविल सर्जन, सिरसा।

खबरें और भी हैं...