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करार हुआ:देश में सबसे पहले बॉयोटेक्नोलॉजी में पीजी लेवल पर एमबेडिड कोर्स शुरू करेगी सीडीएलयू

सिरसा13 दिन पहले
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  • सीडीएलयू का लाइफ साइंस सेक्टर स्किल डिवलेपमेंट काउंसिल के साथ हुआ करार

सीडीएलयू के बॉयोटेक्नोलॉजी विभाग में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशानिर्देश की अनुपालना करते हुए स्नातकोत्तर सत्र के पाठ्यक्रम को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप तैयार किया है और स्नातकोत्तर सत्र पर सेन्ट्रल मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डिवलेपमेंट एण्ड इंटरप्रन्योरशिप के अन्तर्गत स्थापित लाइफ साइंस सेक्टर स्किल डिवलेपमेंट काउंसिल के साथ मंगलवार को ब्लेंडिड मोड कार्यक्रम में सांझा करार पत्र किया गया। ऐसा करके सीडीएलयू ने एमबेडिड पाठ्यक्रमों की शुरूआत करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक की अध्यक्षता में इस कार्यक्रम का आयोजन हुआ।

चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय की तरफ से कुलसचिव डॉ. राकेश वधवा और लाइफ साइंस सेक्टर स्किल डिवलेपमेंट काउंसिल की तरफ से काउंसिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजीत मदान ने इस एमओयू पर हस्ताक्षर किए। बॉयोटेक्नोलॉजी विभाग की अध्यक्षा एवं लाइफ साइंस संकाय की अधिष्ठाता प्रो. प्रियंका सिवाच ने इस कार्यक्रम का संचालन किया। इस एमओयू से चौ. देवी लाल विश्वविद्यालय सिरसा एमबेडिड कोर्सिज के मामले में देशभर के अग्रणी विश्वविद्यालयों की श्रेणी में आ गया है। बी फार्मेसी आदि में तो एमबेडिड कोर्सिज होते थे, लेकिन बॉयोटेक्नोलॉजी विषय में स्नातकोत्तर स्तर पर एमबेडिड कोर्स की शुरूआत करने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा बना है। प्रो. सिवाच ने बताया कि भविष्य में एमएसी बायटेक के साथ साथ विद्यार्थियों को लाइफ साइंस सेक्टर स्किल डिवलेपमेंट काउंसिल द्वारा ‘क्वालिटी कंट्रोल माइक्रोबायोलोजिस्ट’ का स्किल सर्टिफिकेट भी मिलेगा और कहीं न कहीं यह सर्टिफिकेट विद्यार्थियों को उधमी बनने में और रोजगार प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा।

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