हवा हुई दूषित:आंखों में जलन, अस्थमा रोगियों की ओपीडी में 40% इजाफा, पटाखों के साथ पराली जलाने से हालात बिगड़े

सिरसाएक महीने पहले
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सिरसा। आंखों की जांच करते हुए चिकित्सक। - Dainik Bhaskar
सिरसा। आंखों की जांच करते हुए चिकित्सक।
  • 30 दिन में आग लगाने की आई थी 49 लोकेशन, अब 2 दिन में हरसेक ने 42 जगह बताईं, ~80 हजार जुर्माना लगाया

दिवाली पर फोड़े पटाखों और पड़ोसी राज्य पंजाब में जलाई जा रही पराली का असर जिला में साफ दिखने लगा है । शनिवार सुबह से आसमान में (स्मॉग) के गुबार छाए हैं । पॉल्यूशन पीएम 2.5 का स्तर 320 माइकोग्राम दर्ज किया गया। जबकि पीएम 10 का लेवल 317 तक पहुंचा । धुएं ने सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन, पानी आना, रड़क जैसी की दिक्कतों को बढ़ा दिया है । अस्पतालों में ऐसे रोगियों की ओपीडी में 40 फीसदी इजाफा देखा गया । इसके अलावा अस्थमा रोगियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। आसमान में फैला यह जहरीला धुआं सांस के रोगियों के लिए भी घातक है। सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सरकारी अवकाश के चलते बंद हैं।

इसलिए लोग निजी अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं। धुंए से वायु क्वालिटी इंडेक्स बिगड़ने लगा है। इसका कारण पटाखे ही नहीं बल्कि खेतों में जलाए गए फसलों के फाने भी हैं । इसके अलावा पड़ोसी राज्य पंजाब में पराली जलाने का असर सिरसा में दिखना शुरू हो गया है।

जिला में आग की 91 लोकेशन आ चुकी हैं, दीपावली के बाद दो दिन में 42 लोकेशन आई, जिनमें 32 खेतों में आग लगाए जाने की पुष्टि कृषि विभाग की टीमों ने की है । जिसके आरोपी किसानों को 80 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है । हालांकि पिछले साल6नवंबर तक आगजनी की 325 से ज्यादा लोकेशन हरसके ने कैद की थी ।

विभाग की टीमों ने की 32 जगह आग लगाने की पुष्टि

जिसके मुकाबले इस बार काफी कम लोगों ने पराली को जलाया है । बेशक जिले में पराली जलाने के मामले कम आए हैं, लेकिन आसमान में छाए धुएं (स्मॉग) के गुबार से आबोहवा जहरीली होने लगी है । जिला में वायु की क्वालिटी दिनों दिन बिगड़ रही है । जिसका कारण पड़ोसी राज्य पंजाब में दीपावली पर फोड़े गए पटाखे और धान की पराली में आग लगाना सामने आया है । जिसके धुएं ने सिरसा की हवा को जहरीला किया है । वहीं सिरसा में काफी किसान पराली जलाते हुए पकड़ में आए हैं, जिनको विभाग ने जुर्माना लगाया है । पराली जलाना पूर्णत्या प्रतिबंधित किया गया है और खेतों में नजर रखने को सेटेलाइट से मॉनीटरिंग जारी है।

आंखों में एलर्जी, जलन के रोगियों की बढ़ी ओपीडी

सिरसा के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक ने बताया कि आसमान में छाए धुएं (स्मॉग) ने आमजन की मुश्किलों को बढ़ा दिया है । इससे सांस लेने में तकलीफ और आंखों में एलर्जी के मरीज काफी परेशान हैं । उनके पास आंखों में जलन, पानी आना, रड़क और लाली के मरीजों की ओपीडी में 40 फीसदी इजाफा हो गया है । पहले उनके पास प्रतिदिन 50 मरीज आते थे, लेकिन दीपावली के बाद ओपीडी 70 से 80 पहुंची है । आंखों में जलन होने से आई प्राब्लम बढ़ जाती है। जिसके लिए आंखों को पानी से धोएं और चश्मा लगाकर रखें

। इसके अलावा अस्थमा रोगियों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। क्योंकि आसमान में फैला यह जहरीला धुआं सांस के रोग से प्रभावित के लिए भी घातक हो सकता है। पराली और पटाखों का धुआं सबसे खतरनाक होता है। हार्ट के मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होती है। हार्ट के मरीजों को कमरों के अंदर ही रहना चाहिए। ऐसे मौसम में मास्क लगाए रखें। जिन मरीजों ने हार्ट व अस्थमा की दवाई बंद की हुई है वे उसे रेगूलर करें।

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