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तैयारी:रेल रोको आंदोलन में एकजुट हुए किसान संगठन, एक बार फिर दो फाड़, आज अलग-अलग जगह मनाई जाएगी अजीत सिंह की जयंती

सिरसा10 दिन पहले
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अजीत सिंह की जयंति को लेकर दशहरा ग्राउंड में तैयारियां जोरों को लेकर जुटे लोग। - Dainik Bhaskar
अजीत सिंह की जयंति को लेकर दशहरा ग्राउंड में तैयारियां जोरों को लेकर जुटे लोग।
  • जिला प्रशासन ने दशहरा ग्राउंड और भावदीन टोल पर नियुक्त किए 7 ड्यूटी मजिस्ट्रेट, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस भी तैनात

कृषि बिल के विरोध में आंदोलन कर रहे जिला के किसान संगठनों में आपसी एकजुटता नहीं हो पा रही है। रेल रोको आंदोलन में वरिष्ठ किसानों के प्रयास से एकजुट किए गए किसान संगठन एकबार फिर अलग-अलग कार्यक्रम करने पर ही अड़े हुए हैं। दोनों ने अपने कार्यक्रम तय कर लिए हैं।

एकजुट होने के नाम पर संगठन एक दूसरे पर ही अलग होने का आरोप लगाते दिखते है। शहीद भगत सिंह स्टेडियम में धरने पर बैठे पक्का मोर्चा के किसान नेता सिरसा के दशहरा ग्राउंड में शहीद भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह के जन्मदिवस पर समागम का आयोजन कर रहे हैं।

वहीं भावदीन टोल पर धरना देने वाले किसान टोल पर ही जन्मदिवस मनाकर चाचा अजीत सिंह को याद करेंगे। इससे भी बड़ी बात यह है कि जिला प्रशासन से किसी भी संगठन ने इस कार्यक्रम की अनुमति नहीं ली है। सुरक्षा की दृष्टि से अब पुलिस प्रशासन ने खुद ही सुरक्षा का प्लान तैयार किया है।

सुरक्षा के लिहाज से जिला प्रशासन ने दोनों ही कार्यक्रम स्थल पर 7 ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। इसके अलावा दो कंपनी जवानों की तैनात रखने के आदेश दिए गए हैं। इस कार्यक्रम में जिलाभर के किसान भाग लेंगे। इसके लिए दोनों ही संगठनों ने गांव गांव जाकर प्रचार कर रखा है। अब जिला के किसानों को समझ नहीं आ रहा है कि वे कौनसे संगठन के साथ जाकर कार्यक्रम में भाग ले।

सिरसा के किसानों संगठनों की आपसी फूट की चर्चा लंबे समय से चल रही है। कई बार मनाने के प्रयास हुए हैं मगर वे सिरे नहीं चढ़ पाए हैं। यही वजह रही कि 22 फरवरी को होने वाली किसान नेता राकेश टिकैत की रैली भी इन संगठनों की फूट की वजह से कैंसिल हो गई थी।

दोनों संगठनों को एकजुट करने का भी किया जा रहा प्रयास, मगर दोनों संगठन के नेता तैयार नहीं

सिरसा जिला में दोनों ही गुटों से अलग होकर किसान आंदोलन का समर्थन कर रहे कुछ किसानों से जुड़ी संस्थाएं और अन्य संगठन के नेता लगातार प्रयास कर रहे हैं कि दोनों संगठन एक ही जगह कार्यक्रम करें और एकता का संदेश दे। हरियाणा किसान सभा के नेता रोशन सूचान का कहना है कि उनका प्रयास है कि दोनों संगठन एक होकर शहीद भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह के जन्मदिवस पर होने वाला पगड़ी संभाल जट्‌टा कार्यक्रम मिलकर एक ही जगह करें।

मगर अभी तक दोनों संगठन के नेता ऐसा करने को तैयार नहीं है। 18 फरवरी को रेल रोको आंदोलन में भी दोनों संगठन ने दो जगह धरना लगाया था। जिसकी मध्यस्थ करते हुए वरिष्ठ किसान नेताओं ने दोनों संगठनों को एकबारगी एकजुट कर दिया था। इस संबंध में टोल पर धरना दे रहें किसान संगठन के नेता हरविंद्र थिंद का कहना है कि संयुक्त मोर्चा का कहना है कि जहां कहीं बैठे हो।

वहीं समागम बनाओ। रही एकजुट होने की बात तो जब पक्का मोर्चा ने कार्यक्रम तय किया था तो हमसे पूछा भी नहीं गया। समागम के लिए हमारे को निमंत्रण ही नहीं दिया। इसलिए हम हमारा कार्यक्रम कर रहे हैं। सभी संगठन हमारे साथ हैं। इधर दशहरा ग्राउंड में कार्यक्रम कर रहे पक्का मोर्चा के नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा का कहना है कि बड़ा प्रोग्राम है। इसलिए यहां होना है। वो लोग तो टोल पर धरने पर बैठे हैं।

समागम में पीली पगड़ी पहनकर आएंगे किसान, शहीद भगत सिंह के भांजे

हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने बताया कि शहीदे आजम भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह की जयंती को लेकर दशहरा ग्राउंड में तैयारियां पूरी है। कार्यक्रम में संयुक्त मोर्चे से जुड़े कई दिग्गज किसान नेता दलबीर सिंह राजेवाल, कुलवंत सिंह संधू, रूलदू सिंह, मनजीत धनेर, डाॅ. दर्शनपाल, जोगेंद्र सिंह उम्रा व शहीद भगत सिंह के भांजे प्रो. जगमोहन सिंह शिरकत करेंगे।

इसके अलावा पंजाबी गायिका रूपिंद्र हांडा में कार्यक्रम में पहुंचेंगी। समागम में आने वाले किसान पीली पगड़ी पहनकर आएंगे। महिलाएं पीली चुन्नी। भारूखेड़ा ने बताया कि प्रदेशभर से हजारों की संख्या में किसान कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

​​​​​​​भारूखेड़ा ने बताया कि अंग्रेजों के समय में वर्ष 1907 में अंग्रेजों द्वारा बनाए गए कानूनों को रद्द करवाने के लिए 9 माह तक किसानों का आंदोलन चला था, जिसमें चाचा अजीत सिंह ने अह्म योगदान दिया था। वो आंदोलन अब तक का सबसे बड़ा आंदोलन था, लेकिन इस बार भी केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीन कालू कानूनों के विरोध में किसान आंदोलनरत हैं।

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