आक्रोश:किसानों ने घेरा लघुसचिवालय, एक घंटा धूप में धरने के बाद सुरक्षा घेरा तोड़कर अंदर घुसे

सिरसा2 महीने पहले
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सिरसा। बरसात व गुलाबी सुंडी से नष्ट फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर डीसी से मिलने की जिद में लघुसचिवालय में घुसते किसान। - Dainik Bhaskar
सिरसा। बरसात व गुलाबी सुंडी से नष्ट फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर डीसी से मिलने की जिद में लघुसचिवालय में घुसते किसान।
  • बारिश और गुलाबी सुंडी से बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किया घेराव

जिले के गांव रोड़ी के सैकड़ों किसान गुलाबी सुंडी व बेमौसमी बरसात से बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर लघु सचिवालय पहुंचे किसान इस बार पर अड़ गए कि डीसी खुद नीचे आकर ज्ञापन ले और उनकी मांग पर सुनवाई करें। डीसी मीटिंग में होने के कारण नीचे नहीं आए तो किसान भड़क गए।

गुस्साए किसानों ने गेट के बाहर पुलिस व सीआरपीएफ के जवानों का सुरक्षा घेरा तोड़ दिया। जबरदस्ती गेट खोलकर किसानों की भीड़ डीसी दफ्तर में घुस गई। इसके बाद डीसी ने किसानों के बीच पहुंच उनका मांगपत्र लिया, तो किसान शांत हुए। डबवाली, कालांवाली, रोड़ी और बड़ागुढा क्षेत्र में कॉटन की फसल पर गुलाबी सुंडी अटैक कर रही है।

7 एकड़ में नरमा की फसल को चट कर गई गुलाबी सुंडी

केस 1 किसान अर्षदीप पुत्र बलविंद्र सिंह ने बताया कि उसने 7 एकड़ में नरमा की खेती की। लेकिन पहले बरसात तो अब गुलाबी सुंडी से पूरी फसलें बर्बाद हो गई। अब गेहूं फसल के लिए खर्च कहां से लाएंगे। इसलिए सरकार से उचित मुआवजा की मांग करने डीसी ऑफिस पहुंचे हैं।

53 हजार रुपये प्रति एकड़ ठेके पर लेकर बोया था कॉटन

केस 2 नछतर सिंह बताया कि उसके पास 8 एकड़ में नरमा है। जिसमें तीन एकड़ जमीन 53 हजार रुपये प्रति एकड़ ठेके पर है । नरमा का सारा रकबा गुलाबी सुंडी से नष्ट हो गया है। इसलिए पीडि़त किसान डीसी से मिलने पहुंचे हैं, लेकिन डीसी उनके बीच नहीं पहुंचे।

नरमा बेचकर करनी थी पोती की शादी, फसल हो गई नष्ट

केस 3 गांव रोड़ी के किसान वीर सिंह ने बताया कि उसने 8 एकड़ में नरमा उगाया। उस नूं बड़ी आस सी कि इस बार नरमा उत्पादन अच्छा होगा। जिस नाल पोती दी शादी करेगा, लेकिन गुलाबी सुंडी ने उसके परिवार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

सिकंदर रोड़ी की अगुवाई में पहुंचे थे किसान

किसान नेता सिकंदर सिंह रोड़ी ने की अगुवाई में गांव के सैकड़ों किसान लघु सचिवालय पहुंचे। जहां उन्होंने कहा कि उसके गांव के खेतों में बरसात और गुलाबी सुंडी का प्रकोप है। नरमा- कपास की शत- प्रतिशत फसलें तबाह हो गई। लेकिन किसी प्रशासनिक अधिकारी ने फसलों का जायजा तक नहीं लिया है।

उन्होंने कहा कि अगर कृषि विभाग के अधिकारी समय पर किसानों को सही सलाह देते, तो शायद कुछ हद तक फसलों को बचाया जा सकता था। मगर अब किसान पूरी फसलों को खो चुके हैं। जिससे किसान आह्त हैं, प्रशासन उनकी मांग का शीघ्र समाधान करवाए।

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