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600 वालंटियर दे रहे घर द्वार शिक्षा:कक्षा पहली और दूसरी के बच्चों के प्रारंभिक भाषा शिक्षण के लिए ‘हर घर स्कूल’ अभियान शुरू

सिरसा7 दिन पहले
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हर घर स्कूल अभियान के तहत पढ़ाई करते बच्चे। - Dainik Bhaskar
हर घर स्कूल अभियान के तहत पढ़ाई करते बच्चे।

कोविड महामारी की वजह से अप्रैल से ही स्कूल स्कूल बंद हैं। ऐसे में बच्चों का पढ़ना-लिखना जारी रहे। इसके शिक्षा विभाग द्वारा ’हर घर स्कूल’ नामक अभियान शुरू किया है। इसके तहत कक्षा पहली एवं दूसरी के बच्चों को प्रारंभिक भाषा शिक्षण में दक्ष बनाया जाएगा। समग्र शिक्षा एवं लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (एलएलएफ) के माध्यम से संचालित अभियान के तहत बच्चों की भाषाई दक्षता को बेहतर बनाने का कार्य किया जा रहा है।

स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने गांवों में 600 वॉलंटियर्स की ड्यूटियां लगाई हैं, जो हर गांव में 3 वॉलंटियर्स बच्चों घर द्वार तक शिक्षा देने में जुटे हैं। इस अभियान के तहत बच्चों के पढ़ने-लिखने के लिए सरल और सुनियोजित अभ्यास पुस्तिका और पठन पुस्तिका एलएलएफ के सहयोग से उपलब्ध कराई गई है। वहीं जिन बच्चों के माता-पिता के पास एंड्रायड फोन नहीं है। उन्हें वॉलंटियर्स प्रतिदिन बच्चों को खुद के मोबाइल के जरिए पढ़ाते हैं।

प्रारंभिक भाषा और साक्षरता कौशल स्कूलों में भविष्य के सभी सीखने के आधार हैं। बच्चों का शुरूआती वर्षों में अच्छी तरह से विकास नहीं किया गया तो बच्चों को पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम उनके लिए और जटिल बन जाएंगे। इसलिए छात्रों में शुरूआती साक्षरता कौशल विकसित करने के लिए शिक्षण को मजबूत करना महत्वपूर्ण है।

एलएलएफ प्रोग्राम के माध्यम से यहीं कौशल बच्चों में उत्पन्न किया जा रहा है। बच्चों को उनके घर द्वार तक चार्ट, फ्लैश कार्ड, फोटोज व किताबों की किट देकर पढ़ाया जा रहा है।

पहली से दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए हर घर स्कूल अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान में 600 वॉलिंटियर बच्चों को चार्ट, फ्लैश कार्ड व किताबों के जरिए पढ़ाई करवाते हैं। बच्चों को हिंदी भाषा की पकड़ बनाने के लिए प्रयोग करके भी सिखाया जा रहा।'' -शशि सचदेवा, एपीसी, समग्र शिक्षा सिरसा।

ग्रुप में प्रतिदिन भेजे जा रहे कंटेंट

एलएलफ की कंटेंट कोऑर्डिनेटर प्रतिभा द्वारा प्रतिदिन एबीआरसी व बीआरपी के बने वाट्स-अप ग्रुप में शिक्षा से संबंधित कंटेंट भेजे जाते हैं। वहीं टीचरों के भी वाट्स-अप ग्रुप बनाए गए हैं। जिसमें एबीआरसी व बीआरपी टीचरों को गाइड करके आगे बच्चों तक पहुंचा रहे हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए वॉलंटियर्स की ड्यूटियां लगाई गई हैं। ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न हो। बच्चों को प्रतिदिन 2 से 3 घंटे तक वॉलंटियर्स उन्हें फोन के माध्यम से या पाठ्य पुस्तकों के जरिए शिक्षा देते हैं।

वर्ण अक्षर, शब्द और वाक्य को पढ़ना सिखाया

अभियान के अंतर्गत पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों को विभिन्न क्रियाओं के माध्यम से हिंदी वर्ण अक्षर, शब्द ओर वाक्य को पढ़ना सिखाया है। प्रारंभिक भाषा और साक्षरता कौशल के लिए स्कूलों में अलग से पुस्तकें भी दी जा रही हैं। एलएलएफ की तरफ से दी जाने वाली पुस्तकों में वर्ण, अक्षर, कविता व कहानियों को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया जाता है। ताकि बच्चे उसमें दिलचस्पी लेकर पढ़े व जल्दी सीखे।

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