डबवाली अग्निकांड के 26 साल:महज सात मिनट में 442 की मौत, शॉर्ट सर्किट से सिलेंडर में लगी आग से लाक्षागृह बन गया पंडाल

सिरसा6 महीने पहले
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26 साल पहले हरियाणा से सिरसा जिले के डबवाली कस्बे के इतिहास में 23 दिसंबर काले दिन के रूप में दर्ज हो गया था। इस दिन देश का सबसे भयंकर और दर्दनाक अग्निकांड हुआ, जिसका ताप 500 से अधिक परिवारों ने झेला। इस आगजनी को याद कर लोग आज भी सहम जाते हैं। हादसा उस वक्त हुआ जब 23 दिसंबर 1995 को कस्बे के DAV स्कूल में क्रिसमस और नए साल के जश्न की तैयारी चल रही थी। महज 7 मिनट में 442 लोग स्कूल परिसर में जिंदा जल गए थे और इनमें से 173 मासूम बच्चे शामिल थे।

हर साल जब लोग क्रिसमस और नए साल के जश्न की तैयारियां कर रहे होते हैं तो डबवाली के लोग इसका आकलन कर रहे होते हैं कि इस अग्निकांड के बाद अब वो किस स्थिति में हैं। आग की भेंट चढ़े उनके अपनों को न्याय मिला या नहीं। सरकार और प्रशासन ने जो वादे किए थे, उन पर अमल हुआ या नहीं। ढाई दशक बीत जाने के बाद भी यहां मृतक स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों की याद में बने स्मारक को सरकारी दर्जा तक नहीं मिला है। तस्वीरों में देखें पूरी घटना की कहानी...

उस कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र जिसमें यह अग्निकांड हुआ।
उस कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र जिसमें यह अग्निकांड हुआ।
सिरसा के डबवाली अग्निकांड में मारे गए मृतकों की तस्वीरें।
सिरसा के डबवाली अग्निकांड में मारे गए मृतकों की तस्वीरें।
बोर्ड पर डबवाली हादसे की लगी तस्वीरों को देखते हुए पीड़ित।
बोर्ड पर डबवाली हादसे की लगी तस्वीरों को देखते हुए पीड़ित।
ये हादसे से कुछ देर पहले की तस्वीर है। इसमें DAV स्कूल के बच्चे कार्यक्रम पेश करते नजर आ रहे हैं।
ये हादसे से कुछ देर पहले की तस्वीर है। इसमें DAV स्कूल के बच्चे कार्यक्रम पेश करते नजर आ रहे हैं।
26 साल पहले हुए डबवाली अग्निकांड के बाद बचाव कार्य में लगे लोगों की तस्वीर।
26 साल पहले हुए डबवाली अग्निकांड के बाद बचाव कार्य में लगे लोगों की तस्वीर।