पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Haryana
  • Hisar
  • Sirsa
  • In The Grain Market Of Sirsa, The Farmers Remained Standing Even In The Rain, Despite The Factionalism, The Workers Showed Up With The Chadhuni Group, The Traders Also Supported

किसान महापंचायत:सिरसा की अनाज मंडी में बारिश में भी डटे रहे किसान, गुटबाजी के बावजूद चढ़ूनी ग्रुप के साथ दिखा मजदूर, व्यापारियों का भी समर्थन

सिरसा7 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
सिरसा। मंच पर बैठे किसान नेता और पदाधिकारी। - Dainik Bhaskar
सिरसा। मंच पर बैठे किसान नेता और पदाधिकारी।
  • संगठन के पदाधिकारियों के जनसंपर्क अिभयान ने दिखाया असर-महापांचयत में उमड़ी किसानों की भीड़
  • किसान नेता चढ़ूनी बोले- जब सरकार ने आवाम से टकराने की कोशिश की है, तब-तब सरकार को मुंह की खानी पड़ी

कृषि बिल को खत्म करवाने के लिए आंदोलन चला रहे किसान नेताओं के संगठन सरकार के खिलाफ लड़ाई मजबूत करने में जुटे हुए है। इसलिए सभी नेता अपने अपने संगठनों के साथ रैली और पंचायत करने में जुटे हुए है। हालांकि किसान संगठनों में आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने और खुद को प्रमुख आंदोलनकारी बताने की होड़ शुरू से ही लगी हुई है। संयुक्त मोर्चा भी बड़े नेता अपना अलग अलग संगठन बनाकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। ऐसे में इसका असर सिरसा जिला के संगठनों में भी साफ दिख रहा है। यहां भी किसानों के तीन गुट बने हुए हैं। जो एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाकर एक दूसरे के कार्यक्रम का बहिष्कार करते रहे है और खुद को श्रेष्ठ बताते रहे है।

ऐसे में रविवार को सिरसा में आयोजित हुई चढ़ूनी ग्रुप की किसान महापंचायत महत्वपूर्ण हो जाती है। जन समर्थन के लिहाज से जिला के किसान चढ़ूनी ग्रुप के साथ जुड़े दिखे। किसानों की भी अच्छी खासी भीड़ जुटी हुई थी। पहले जहां यह लग रहा था कि महापंचायत पर किसानों की गुटबाजी का असर दिखेगा। मगर चढ़ूनी ग्रुप के नेताओं का जनसंपर्क अभियान का नतीजा ही था कि किसानों की भीड़ उमड़ी।

जानिए... किसान महापंचायत के मंच से संगठन के पदािधकारियों और नेताओं ने ये किए बड़े ऐलान

अनाज मंडी में आयोजित महासम्मेलन में हजारों किसानों, मजदूरों, व्यापारियों व कर्मचारियों ने शिरकत की। जिसमें सुबह से ट्रैक्टर- ट्रॉलियों, गाडियों व अन्य वाहनों पर सवार होकर किसान पहुंचना शुरू हो गए । दोपहर तक हजारों की संख्या में किसान एकजुट हुए। जज्बा ऐसा कि बारिश भी उनके हौसले नहीं डिगा पाई । इस दौरान मंच से किसान नेताओं ने तीन बड़े ऐलान किए पहला पंजाब से किसानों को चुनाव लड़ाएंगे, दूसरा 27 सितंबर को भारत बंद रखा जाएगा, तीसरा कृषि कानून रद्द करवाने तक जारी रहेगा आंदोलन।

वहीं मोर्चा के नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि किसान कृषि कानून नहीं चाहते, लेकिन मोदी सरकार जबरन थौंपना चाहती है। जब-जब सरकार ने आवाम से टकराने की कोशिश की है, तब-तब सरकार को मुंह की खानी पड़ी है। उन्होंने कहा कि करनाल में हुआ घटनाक्रम सरकार के मुंह पर एक तमाचा है। किसानों के कार्यक्रमों में लाखों लोगों की भीड़ ये दर्शाती है कि बहुत जल्द सरकार सत्ता से वंचित होने वाली है। चढ़ूनी ने कहा कि करनाल में प्रशासन ने सरकार के इशारे पर जिस प्रकार किसानों पर बर्बरतापूर्ण लाठियां भांजी, उससे सरकार की जहां किरकिरी हुई है, वहीं लोगों में सरकार के प्रति रोष और बढ़ गया है।

उन्होंने कहा कि जितना समय सरकार तीनों काले कानूनों को रद्द करने में लगाएगी, उतनी ही अधिक शक्ति के साथ किसान सरकार से टकराएगा। चढ़ूनी ने कहा कि ये आरएसएस की विचारधारा वाले लोग हैं, जो इतनी आसानी से नहीं मानने वाले। इन्हें जब तक इनकी असलियत नहीं दिखाई जाएगी, ये अपनी हरकतों से बाज नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन की शुरूआत हो चुकी है। अब इस सरकार को आइना दिखाने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा।

इस मौके पर डा. दर्शनपाल ने कहा कि पूरे भारत में आज तीनों किसान विरोधी काले कानूनों के खिलाफ किसानों का संघर्ष जारी है। इस मौके पर बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि अकेला किसान वर्ग ही ऐसा था, जोकि देश की अर्थव्यवस्था को संभाल रहा था, लेकिन तीन काले कानून बनाकर सरकार ने उसकी भी कमर तोडऩे का काम किया है।

किसानों ने छका पिज्जा का लंगर

महासम्मेलन में एक चीज और देखने को मिली। किसानों की आरे से महासम्मेलन में आए किसानों के लिए पिज्जा का लंगर लगाया गया, जिसकी चहुंओर चर्चा रही। इसके साथ-साथ जलेबी, हलवा, फ्रुट और चाय भी किसानों को लंगर में दिए गए।

अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय महासचिव अंजान चौटाला परिवार पर जमकर बरसे

स्वामीनाथन आयोग में किसानों के एकमात्र प्रतिनिधि रहे और अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय महासचिव अतुल कुमार अंजान चौटाला परिवार पर जमकर बरसे। संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत में सिरसा पहुंचे अतुल अंजान ने किसान सभा की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि सिरसा कथित तौर पर आचरण विहीन गुंडों का अड्डा हो गया है। किसानों के वोट लेकर और उपमुख्यमंत्री की कुर्सी पाकर अरबों रुपये कमाने वाले दुष्यन्त चौटाला यहां नहीं घूम सकते और रात को भेष बदलकर अपने घर आते हैं।

रणजीत चौटाला और दुष्यन्त चौटाला ने अपने घर की नाकेबंदी करवा रखी है और लोगों को वहां से गुजरने तक का अधिकार नहीं है, जबकि इंग्लैंड की महारानी के घर के सामने से कोई-भी आदमी जा सकता है और अपनी अर्जी दे सकता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार का खेल कांडा और चौटाला परिवार ने कर रखा है, वैसा ही खेल दिल्ली में मोदी ने कर रखा है । किसान नेता अतुल अंजान ने हरियाणा के किसानों की तारीफ करते हुए कहा कि यहां के किसान भाजपा और जजपा के मंत्रियों को घूमने नहीं दे रहे हैं और लोकतांत्रिक तरीके से उनका विरोध कर रहे हैं।

कर्मचारियों, व्यापारियों और मजदूरों ने दिया समर्थन

इस सम्मेलन में संयुक्त किसान मोर्चा के नेता गुरनाम सिंह चढूनी, जोगेंद्र सिंह उगराहा, डॉ. दर्शनपाल, कांता आलडिया, सुमन हुडा, विरेंद्र हुडा, सुरजीत सिंह फूल, अतुल अंजान, बलकरण बराड, जरनैल रतिया, सिंकदर रोडी, हरविंद्र थिंद, भूपिंद्र वैदवाला, जसकरण कंग, ज्योति बराड़, आत्मजीत, रोशन सुचान, दिलप्रीत ढिल्लों, जपराज, सुखा, करतार चीमा, रुपिंद्र हांडा, मनदीप मावी ने किसानों को संबोंधित किया । इस कर्मचारियों, व्यापारियों और मजदूरों ने भी दिया पंचायत को दिया समर्थन।

खबरें और भी हैं...