सरकार के फैसले के विरोध:रोडवेज कर्मियों ने 6 घंटे तक धरना देकर किया गुस्से का इजहार, 27 को राजस्थान रोडवेज की हड़ताल का कर्मियों ने किया समर्थन, होगा चक्का जाम

सिरसाएक महीने पहले
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बस स्टैंड में नारेबाजी करते रोडवेज कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
बस स्टैंड में नारेबाजी करते रोडवेज कर्मचारी।

सरकार द्वारा जारी किए गए सर्विस रूल-2016 के विरोध में कर्मचारियों ने गुरुवार को रोडवेज परिसर में सुबह 9 बजे से लेकर 3 बजे तक धरना लगाकर रोष का इजहार किया।

प्रदर्शन की अध्यक्षता रोडवेज वर्कर्स यूनियन प्रधान मदनलाल खोथ, डबवाली डिपो प्रधान पृथ्वी चाहर ने संयुक्त रूप से की। जबकि मंच संचालन रोडवेज वर्कर्स यूनियन के चेयरमैन सुरजीत अरोड़ा ने किया। इस मौके पर यूनियन के चेयरमैन सुरजीत अरोड़ा, जिला प्रधान मदनलाल खोथ व सर्व कर्मचारी संघ जिला सचिव राजेश भाकर ने संयुक्त रूप से बताया कि सरकार द्वारा सर्विस रूल 2016 का हवाला देते हुए फरमान जारी किया गया है कि कर्मचारी अपने परिवार पर विशेष तौर पर नजर रखें कि कहीं वे किसी राजनीतिक गतिविधि में तो शामिल नहीं हो रहे हैं। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार कर्मचारियों पर रोक लगा सकती है, लेकिन उनके परिवार के लोगों पर नहीं। उन्होंने बताया कि यह निर्णय सर्विस रूल 2016 में हैं, उस वक्त भी इसका विरोध किया गया था।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार इस नियम को लागू कर कर्मचारियों में भय की स्थिति पैदा करना चाहती है, जोकि बर्दाश्त योग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी के परिवार के लोग ही नहीं, बल्कि कर्मचारी भी सरकार की नीतियों का विरोध कर सकते हंै। इस मौके पर सरदार जोगेन्दर सिंह, रोडवेज यूनियन नेता, चिमनलाल रिछपाल, आत्माराम, रामकुमार चुरनिया, सुरेश बाजेकां, कृष्ण सैनी, भीम चक्कां, बनारसी दास, फायर से राजेश झाझड़ा, राजेन्द्र, ऑल हरियाणा पावर कार्पोरेशन वर्कर यूनियन के राज्य उप प्रधान अविनाश कम्बोज उपस्थित थे।

27 अक्टूबर को पूरे राजस्थान में राजस्थान रोडवेज का चक्का जाम रहेगा। हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी राजस्थान के कर्मचारियों के चक्का जाम का समर्थन करते हैं। क्योंकि सरकारें अपने स्वार्थ के लिए कर्मचारियों को बार-बार प्रताडि़त कर रही है, जोकि बर्दाश्त योग्य नहीं हैं।

कर्मचारियों की मांगें : कोरोना महामारी के दौरान बसें खड़ी रहने के कारण विभाग को हुए घाटे की भरपाई के लिए सरकार दो हजार करोड़ रुपए का पैकेज दिया जाए। विभाग में बसे बढ़ाने खाली बड़े पदों पर पक्की भर्ती करने की मांग को दरकिनार कर विभाग को सिकोड़ा जा रहा है। विभाग में किलोमीटर स्कीम व स्टेज कैरिज स्कीम 2016 रद्द करने प्रदेश की आबादी अनुसार विभाग में 14000 सरकारी बसें शामिल करने, निजीकरण ठेका प्रथा व आउटसोर्सिंग पॉलिसी पर पूर्ण रोक लगाने सरकार द्वारा 2004 के बाद भर्ती सभी कर्मचारियों पर पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने परिचालकों का वेतनमान अपग्रेड करने विभाग में कार्यरत सभी कर्मचारियों को 5000 जोखिम भत्ता देने, महंगाई अनुसार वर्दी व जूतों के रेट बढ़ाने कर्मशाला कर्मचारियों को चालक परिचालकों के समान रात्रि भत्ता देने विभाग में 1992 से 2003 के मध्य लगे कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से पक्का करने हरियाणा रोडवेज मैं 2016 में भर्ती कच्चे कर्मचारियों को सभी विभागों सहित पक्का करने, कर्मशाला सहित सभी श्रेणियों के खाली पड़े पदों पर तुरंत पक्की भर्ती की जाए।

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