पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

कार्यक्रम:सीडीएलयू के अंग्रेजी विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर अनु शुक्ला ने फैकल्टी ओरिएंटेशन कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि किया संबोधित

सिरसाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

किसी भी शैक्षणिक संस्थान की पहचान वहां के विद्यार्थियों से होती है। विद्यार्थियों के संपूर्ण विकास का ज़िम्मा प्राध्यापकों का होता है। एक अच्छे प्राध्यापक को विद्यार्थियों की रूचि के अनुसार अध्यापन शैली विकसित करनी चाहिए। ये विचार चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा के अंग्रेजी विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर अनु शुक्ला ने मानविकी संकाय द्वारा आयोजित फैकल्टी ओरिएंटेशन कार्यक्रम में उद्घाटन स्तर में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए व्यक्त किए। प्रोफेसर शुक्ला ने कहा की विद्यार्थियों की छिपी हुई प्रतिभा को तराशने का कार्य एक अच्छा प्राध्यापक करता है। उन्होंने प्राध्यापकों को अधिक से अधिक अध्यापन शील होने की सलाह दी।

अध्यापक को राष्ट्र निर्माता की संज्ञा दी

उन्होंने कहा की भारतीय शिक्षा पद्धति विश्व की श्रेष्ठ शिक्षा पद्धति है। अध्यापन के महत्व को समझते हुए ही अध्यापक को राष्ट्र निर्माता की संज्ञा दी गई है। प्रोफेसर शुक्ला ने कहा की वर्तमान समय में फैकल्टी डिवलेपमेंट जैसे कार्यक्रम समय की मांग है और अधिक से अधिक भारतीय शिक्षकों को प्रशिक्षित करके अंतर्राष्ट्रीय स्तर के गुणवत्तापूर्वक शिक्षा के मानकों को अर्जित किया जा सकता है। इस अवसर पर मानविकी संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर उमेद सिंह ने मुख्यतिथि व वक्ताओं का स्वागत किया।

इसके उपरांत विभिन्न तकनीकी स्तरों में अलग-अलग विषयों पर बोलते हुए पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के प्राध्यापकों ने अपने विचार रखे। विभागाध्यक्ष डॉ. सेवा सिंह बाजवा ने कहा की प्राध्यापकों को नैतिक शिक्षा के मूल्यों के बारे में जानकारी देते हुए विद्यार्थियों में सहयोग, करुणा, समानता, सहानुभूति, सहनशीलता, परित्याग, कृतज्ञता, स्वच्छता, देशभक्ति, उत्तरदायित्व एवं मैत्री जैसे मूल्यों की उत्पत्ति एवं विकास पर बल देना चाहिए।

ताकि वे शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात मानवीय गुणों से ओतप्रोत होकर अच्छे नागरिक बन सकें। विद्यार्थी समाज में रहते हुए नैतिक मूल्यों के बल बूते पर समाज का उत्थान करने में सहयोग दे सकें। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के प्राध्यापक डॉ. अमित सांगवान ने भारतीय शिक्षा पद्धति के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा की किस प्रकार तकनीक की मदद से शिक्षा का अंतरराष्ट्रीयकरण किया जा सकता है।

उन्होंने अध्यापकों को समय के साथ नवीनतम ज्ञान अर्जित करने की सलाह दी। इस अवसर पर पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के प्राध्यापक डॉ. रविंद्र ने ई-लर्निंग में प्रयुक्त होने वाले सॉफ्टवेयर के बारे में व्यवहारिक ज्ञान दिया। उन्होंने प्रोप्रोफ्स, इजीएलएमएस आदि सॉफ्टवेयर के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. राजाराम, डॉ. सीमा, डॉ. चरणजीत, रमनदीप, सुनीता, रामदेव, राहुल मौजूद थे।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज व्यक्तिगत तथा पारिवारिक गतिविधियों के प्रति ज्यादा ध्यान केंद्रित रहेगा। इस समय ग्रह स्थितियां आपके लिए बेहतरीन परिस्थितियां बना रही हैं। आपको अपनी प्रतिभा व योग्यता को साबित करने का अवसर ...

और पढ़ें