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  • The First Two Mills Were At A Distance Of 100 Meters, After Agreeing In A Quarter Of An Hour, The Two Farmers Organizations Put Up A Dharna On The Track In The Third Place

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रोष प्रदर्शन:पहले 100 मीटर की दूरी पर थे दो धरने, सवा घंटे में सहमति के बाद दोनों किसान संगठनों ने तीसरी जगह ट्रैक पर लगाया धरना

सिरसा14 दिन पहले
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ऐलनाबाद स्टेशन पर रेलवे ट्रैक पर धरना देते किसान और यहां समाज सेवी संस्था ने संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर चाय पानी का लंगर लगाया। - Dainik Bhaskar
ऐलनाबाद स्टेशन पर रेलवे ट्रैक पर धरना देते किसान और यहां समाज सेवी संस्था ने संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर चाय पानी का लंगर लगाया।
  • जिलाभर में पांच जगह रोके रेलवे ट्रैक, भारी पुलिसबल रहा तैनात, आपसी फूट देखकर किसान नेता राजपाल के छलक पड़े आंसू

संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर रेल रोको आंदोलन के तहत किसानों ने गुरुवार को जिलेभर में अलग- अलग 5जगहों सिरसा, ऐलनाबाद, कालांवाली, डिंग व डबवाली में रेलवे ट्रैक रोका। इधर सिरसा में एक बार फिर किसानों की रेल ट्रैक रोकने के मामले में फूट उजागर हुई। यहां पर रेलवे स्टेशन के पास दोनों गुट ट्रैक रोककर बैठे, मगर दोनों ही गुट 100 मीटर के दायरे में अलग अलग जगह पर ट्रैक रोककर विरोध जताते दिखे।

किसानों की फूट के चलते हो रही आलोचना को देखकर दोनों गुटों के कुछ किसानों ने एकजुटता दिखाते हुए किसान नेताओं को वापस एक करने का प्रयास किया। सवा घंटे की मिन्नतों के बाद दोनों गुट एक जगह बैठने पर राजी हो गए।

आखिर में फैसला हुआ कि दोनों ही गुट अपनी जगह से खड़े होकर तीसरी नई जगह पर एक साथ ट्रैक रोककर बैठेंगे। इस पर सबकी सहमति बन गई और दोपहर को दोनों ही गुटों के नेताओं ने कृषि बिल के विरोध में एक साथ धरना देते हुए रेलवे ट्रैक शाम 4 बजे तक रोके रखा।

एक गुट फाटक पर, दूसरा सौ मीटर दूर स्टेशन के पास रोककर बैठा ट्रैक

गुरुवार को सिरसा में 12 बजे से पहले ही किसान ट्रैक पर एकत्रित होना शुरू हो गए थे। किसानों के दोनों गुटों ने 100 मीटर के फासले पर दो जगह धरना लगाया। एक गुट ने रेलवे फाटक के पास ट्रैक रोका, तो दूसरे गुट ने रेलवे स्टेशन के पास खड़े रेल डिब्बे पर फूल मालाएं चढ़ाकर रेल रोको अभियान का आगाज किया। हिस्सा लेने आए किसान असमंजस में थे कि आखिर वह किसके समर्थन में बैठे।

नहीं आई ट्रेन, 12 बजे से पहले ट्रैक चेक करने वाले इंजन को रोकने का प्रयास

सिरसा जिले में निर्धारित स्थानों पर किसान सुबह ही रेलवे ट्रैक पर पहुंचना शुरू हो गए थे, लेकिन दिनभर रेल की सिटी कहीं भी सुनाई नहीं दी। हालांकि करीब 11 बजे सिरसा रेलवे स्टेशन पर एक रेल इंजन पहुंचा था। जिसको किसानों ने रोकने का प्रयास किया, मगर जब समय देखा तो 12 बजे नहीं थे। इसलिए उसे जाने दिया गया। किसानों ने निर्धारित समय के अनुसार 4 घंटे ही रेलवे ट्रैक को जाम किया।

26 ड्यूटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में 1 हजार पुलिस कर्मी तैनात किए

जिला प्रशासन की ओर से किसानों के रेल रोको आंदोलन को लेकर पूरी सतर्कता बरती गई। जिला उपायुक्त की ओर से इस आंदोलन के मद्देनजर 26 ड्यूटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में करीब एक हजार पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था। वहीं गश्ती दल भी दिनभर अलर्ट नजर आया, ताकि आंदोलन की आड़ में कोई शरारती तत्व माहौल को बिगाडऩे की कोशिश न कर पाए।

23 फरवरी के समागम में भी किसान एकजुट किए जाएंगे: कमेटी

रेल रोको आंदोलन के दौरान 100 मीटर के दायरे में रेलवे ट्रैक पर लगे दो धरनों को एक करने के लिए को सूझवान किसानों की एक कमेटी आगे आई। जिसमें स्वर्ण सिंह विर्क, रिटायर्ड एसडीओ किसान राजपाल सिंह रामनगरिया व सुच्चा सिंह ने अलग- अलग बैठे किसानों के दोनों गुटों को समझाने के प्रयास किए।

इस दौरान प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा गुट के किसान जिद पर अड़ गए, कि उनके साथ कोई अभद्रता हुई, तो उसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। जिस पर स्वर्ण सिंह विर्क के नेतृत्व में कमेटी ने यह भरोसा दिलाया कि इस आंदोलन को बिगाड़ने वाले को बाजू पकड़ बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। वहीं 23 फरवरी के समागम में भी सारे किसान एकजुट किए जाएंगे।

उन्हें समझाते हुए किसान राजपाल सिंह भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि मैं वाहेगुरु तो सिवा किसे पार्टी या संगठन दा समर्थक नहीं हां। मैं किसान हां ते किसानां दे आंदोलन नाल खड़ां हां। असीं आपसी गुटबाजी बनाके अपना नुकसान करांगे। आंदोलन नू मजबूत करन वास्ते सानू एकजुट होणा पवेगा।

नहीं तां साडा आंदोलन कमजोर हो जाएगा, ऐसा कहते हुए उनके आंसू छलक आए, जिसके बाद धरनारत किसानों ने एकजुटता पर सहमति जताई। ट्रैक पर धरनारत किसान करीब 50 कदम आगे आए, जबकि दूसरे गुट के किसानों ने 100 कदम आगे बढ़ा दिए। दोपहर सवा एक बजे किसान एक एकजुट हुए। विर्क ने आगामी 23 फरवरी को किसान महासमागम एकजुटता के साथ सिरे चढ़ाने का दावा किया है।

इधर... ऐलनाबाद, डिंग, कालांवाली और डबवाली में भी रोके गए रेलवे ट्रैक

जिलाभर में पांच जगह रेलवे ट्रैक रोके गए थे। जिसमें कालांवाली, ऐलनाबाद, डिंग और डबवाली सहित सिरसा शामिल रहा। कालांवाली क्षेत्र के गांव देसूमलकाना, दादू, तख्तमल, तिलोकेवाला, सुखचैन, लक्कडवाली, ओढां, जगमालवाली सहित कई गांवों के सैकंडों किसान स्थानीय रेलवे स्टेशन पर एकत्रित हुए।

इस दौरान उन्होंने रेलवे ट्रैक पर दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक धरना देकर केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष प्रदर्शन करते हुए तीन कृषि कानूनों को वापिस लेने और किसानों पर दर्ज किए गए मामलों को रद्द करने की मांग की।

धरने के दौरान किसान नेता गुरनाम सिंह पक्का शहीदां, गुरदास सिंह लक्कडवाली, गुरनाम सिंह देसूमलकाना, कुलदीप सिंह गदराना, रेशम सिंह जगमालावाली, शिंगारा सिंह दादू, ज्योति सरां, कौर सिंह ओढां, मनजीत सिंह ओढां, गुरनाम सिंह तख्तमल व अन्य ने बताया कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान पिछले कई दिनों से दिल्ली में धरना लगाकर शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे है।

इधर ऐलनाबाद में रेलवे स्टेशन पर भी किसानों ने धरना दिया। हालांकि 12 से 4 बजे तक इस ट्रैक पर कोई भी सवारी अथवा मालगाड़ी के आने का समय नहीं है,मगर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर क्षेत्र के किसानों ने सांकेतिक रूप से ट्रैक पर धरना दिया। 12 बजने के साथ ही किसान आंदोलन से जुड़े हुए लोग ट्रैक पर बैठ गए तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

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