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3 किसानों को रिहा करने की मांग:रात को डेढ़ घंटा और दिन में प्रशासन के साथ किसानों की 4 घंटे की बातचीत बेनतीजा, टिकैत बोले- थाने में झोपडि़यां बनाकर डालेंगे डेरा

टोहाना8 दिन पहले
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  • आज तीन जिलों के किसान करेंगे टोहाना थाने का घेराव, किसान टोहाना में लगाएंगे पक्का मोर्चा

विधायक देवेंद्र सिंह बबली व किसानों के बीच हुए प्रकरण के दौरान गिरफ्तार किए गए 3 किसानों को रिहा करने की मांग को लेकर किसानों की प्रशासन के साथ लगातार बैठकों का दौर जारी है। बीती रात करीब डेढ़ घंटा और दिन में प्रशासन के साथ किसानों की चार घंटे की हुई बातचीत बेनतीजा रही है।

जिस कारण किसानों ने अब निर्णय लिया है कि टोहाना में पक्का मोर्चा लगाया जाएगा। जिसके लिए किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि थाने में ही झोपडिय़ां बनाकर यहीं पर डेरा डाल लो। हालांकि किसान नेता बार-बार मीडिया के माध्यम से अपनी बात कह रहे थे लेकिन प्रशासन ने मीडिया से दूरी बनाए रखी।

किसानों ने इसके अलावा यह भी निर्णय लिया गया है कि 7 जून को तीन जिलों हिसार, जींद व फतेहाबाद के सभी किसान अपने अपने क्षेत्र के थानों का नहीं बल्कि टोहाना में थाने का घेराव करेंगे। जिससे प्रशासन के हाथ पांव फूल गए तथा प्रशासन अलर्ट हो गया।

अंबाला से आना था एक हजार गाड़ियों का काफिला

स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा कि गिरफ्तार किसानों की रिहाई के लिए प्रशासन के साथ रात 1 बजे से ढाई बजे तक बातचीत हुई। जिसमें प्रशासन कोई निर्णय नहीं ले सका बस यही कहता रहा कि उच्चाधिकारियों से बात कर बताएंगे।

उन्होंने बताया कि रविवार को भी जब प्रशासन की ओर से कोई बातचीत नहीं की गई तो उन्हें बताया कि अंबाला से दिल्ली जाने वाला एक हजार गाडिय़ों के काफिले को टोहाना बुला लेते हैं तो प्रशासन ने सुबह 11 बजे बैठक शुरू की। करीब चार घंटे की यह बातचीत भी बेनतीजा रही। शायद प्रशासन ने यह सोचा होगा कि अंबाला वाला काफिला तो दिल्ली चला गया लेकिन प्रशासन यह जान ले कि ऐसा काफिला कभी भी आ सकता है। बेनतीजा बैठकों से स्पष्ट है कि सरकार किसानों के साथ टकराव चाहती है।

कोई पिला रहा था शिकंजी तो कोई चाय

विभिन्न गांवों व गुरुद्वारों की संगतों ने सेवा शुरू कर दी। कोई शिकंजी पिला रहा तो कोई चाय व दूध वाला शर्बत। गुरुद्वारों से लंगर की सेवा शुरू कर दी गई। कोई तरबूज लेकर आया। नगर परिषद द्वारा पीने के पानी के टैंकर लगा दिए गए। शौचादि के लिए सुलभ शौचालय की व्यवस्था की गई तथा थाना सदर परिसर में लगातार सफाई भी जारी रखी।

सारी रात चलती रही गीतों व चुटकुलों की महफिल

शनिवार देर रात 10 बजे तक गिरफ्तार किसानों की रिहाई की बात सिरे न चढऩे पर थाना सदर परिसर में ही धरने की घोषणा कर दी गई। जिस पर किसान गद्दे ले आए तथा आसपास के गांवों से किसान लंगर ले आए। उसके बाद सारी रात धरने में शामिल महिलाओं ने गीतों व पुरुषों ने चुटकुलों से महफिल जमाए रखी।

इस बीच जिसे जहां जगह मिली वहीं पर कमर सीधी कर ली। सुबह होते ही किसानों द्वारा थाना परिसर में ही 40 गुणा 100 फुट यानि 4 हजार वर्ग फुट का टैंट लगा दिया गया और उसके बाद 10 बजे से धरने पर विभिन्न स्थानों से आए किसानों ने अपने विचार व्यक्त करने शुरू कर दिए जो देर शाम तक जारी रहे। इस बीच बड़े नेताओं ने भी किसानों को संबोधित कर एकजुट होने व निर्णय होने तक डटे रहने के लिए आह्वान किया।

प्रदर्शनकारी किसानों व महिलाओं ने गीतों के जरिए कसे तंज

धरने पर टोहाना के गांवों से आई महिलाएं व किसान अपने गीतों, बातों व भाषणों में विधायक व सत्ता पर कटाक्ष करते दिखे। धरने पर बैठी महिलाओं ने सुबह महिलाओं ने एक गीत गाया, जिसके बोल थे कि हाल किसान का बताया न जांदा। कभी बादलां ने मारया, कदे पाले न मारया, कदे ओले न मारया। हाल किसान का बताया न जांदा। कदे मोदी ने मारया, कदे खट्टर ने मारया, अब धोखा दुष्यंत का सहाया न जांदा। जोकि बार-बार गाया। इस पर धरने पर बैठ टिकैत मुस्कुराते भी रहे।

हिसार और भिवानी में घेराव का ऐलान किया किसानों ने

हिसार के लांधड़ी चिकनवास टोल पर ऐलान हुआ कि यहां से सैकड़ों किसान सोमवार को टोहाना में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उधर भिवानी में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर टोहाना प्रकरण को लेकर जिले के किसान-मजदूर अपने अपने क्षेत्रों के थानों पर धरना व प्रदर्शन करेंगे। 7 जून को सदर थाना भिवानी, तोशाम, सिवानी, बहल, लोहारू, जुई व बवानीखेड़ा में धरने दिए जाएंगे।

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