झज्जर में जान की कीमत पर बच्चों की पढ़ाई:कोट स्कूल 2105 कंडम घोषित; क्लासें अभी जर्जर भवन में लग रही हैं

झज्जर3 महीने पहले
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कोट गांव में खस्ताहाल स्कूल को लेकर रोष जताते ग्रामीण। - Dainik Bhaskar
कोट गांव में खस्ताहाल स्कूल को लेकर रोष जताते ग्रामीण।

हरियाणा के झज्जर के गांव कोर्ट के राजकीय स्कूल में बच्चे जर्जर हो चुकी इमारत में पढ़ने को विवश हैं। बिल्डिंग को पीडब्ल्यूडी ने सितंबर 2015 में कंडम घोषित कर दिया था और उसके बाद भी आज तक उसमें बच्चे पढ़ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई बड़ा हादसा हो जाता है, तो आखिर उसका जिम्मेदार कौन होगा।

आपको बता दें कि 15 अगस्त को शिक्षा मंत्री कवर पाल गुर्जर साथ लगते गांव सिकंदरपुर में ध्वजारोहण करने आए थे। तब गांव कोर्ट के ग्रामीणों ने उनसे मुलाकात की थी और लिखित रूप में एक मांग पत्र भी दिया था। जिसमें उन्होंने आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कोई काम नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे यहां शिक्षा ग्रहण करने आते हैं तो मां-बाप को एक अलग सा डर बना रहता है कि कहीं कोई बच्चा हादसे का शिकार न हो जाए।

स्कूल के कई कमरों की छत तक गिर चुकी है।
स्कूल के कई कमरों की छत तक गिर चुकी है।

ग्रामीणों ने बताया कि हमें नहीं पता कि पैसा कहां रुका हुआ है, लेकिन हमारे बच्चों को लगातार खतरा बना रहता है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों और प्रिंसिपल ने जुगाड़ करके बच्चों के पढ़ने की व्यवस्था कि कई साल पहले भी गांव के प्राइमरी स्कूल की बिल्डिंग गिर जाने से कई बच्चे जख्मी हो गए थे।

बुजुर्ग ग्रामीण रामवीर ने बताया कि 2011 में जब भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री थे और सांसद दीपेंद्र सिंह थे तब प्राइमरी स्कूल की बिल्डिंग गिरी थी, लेकिन फिर भी सरकार में स्कूल का कोई विकास नहीं हुआ। समस्या 2011 से बनी हुई है। उन्होंने बताया कि स्कूल का रिजल्ट भी शत-प्रतिशत रहता है। पिछली बार जब बच्चों के इम्तिहान हुए थे तो गांव की एक छात्रा सिमरन में 93 प्रतिशत अंक लेकर गांव का नाम रोशन किया था

इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी मदन लाल चोपड़ा से बात की गई तो उन्होंने कहा मामला गंभीर है इस विषय में प्रिंसिपल से बात कर डीपीसी को पत्र लिखकर मामले को सुलझाया जाएगा साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी जॉइनिंग अभी हुई है