ई-नेम पोर्टल से खरीद-फरोख्‍त का विरोध:जुलाना की नई अनाज मंडी में आढ़तियों की आज हड़ताल, किसी भी फसल की नहीं होगी खरीद

जुलाना14 दिन पहले
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आढ़तियों की हड़ताल के चलते जुलाना की अनाज मंडी 19 सितंबर को पूरी तरह से बंद रहेगी। किसी भी फसल की खरीद आढ़ती नहीं करेंगे। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान कैलाश सिंगला, राजपाल लाठर, जगबीर सिंह ढिगाना, राजेश, बलबीर बल्हारा व विक्रम मलिक सहित आढ़तियों ने कहा कि सरकार ने एमएसपी पर बिकने वाली फसल को छोड़कर प्राइवेट फसल की खरीद फरोख्त ई-नेम पोर्टल के जरिए होगी।

जो बिल्कुल भी व्यवहारिक नहीं है, क्योंकि ई-नेम एक बहुत ही जटिल प्रक्रिया है, जिसमें फसलों की खरीद फरोख्त कंप्यूटर द्वारा की जाएगी और खरीदार को फसल का भुगतान माल उठाने से पहले सीधे किसान के बैंक खाते मे करना होगा। इससे किसानों का तो नुकसान होगा ही अपितु हरियाणा की मंडियों से आढ़तियों का नामोनिशान मिट जाएगा।

इससे हरियाणा के सभी आढ़तियों में सरकार के प्रति गहरा रोष है। इसके अलावा सरकार आढ़तियों को पूरा कमीशन नहीं दे रही है। हरियाणा में 4 प्रतिशत मार्केट फीस लगाई जा रही है जबकि दिल्ली व राजस्थान में यह एक प्रतिशत है। सरकार ई नेम पोर्टल के माध्यम से आढ़तियों एवं किसानों के हितों का हनन कर रही है जिसके चलते आढ़तियों में रोष बना हुआ है।

अक्टूबर से होगी खरीद शुरू
जिले में सभी मंडियों व नरवाना ब्लाक के सब सेंटरों में धान की खरीद होगी। पिछले साल 13 लाख क्विंटल धान जींद मंडी में आई थी। इस बार इससे ज्यादा आने की उम्मीद है। जींद अनाज मंडी के मार्केट कमेटी सचिव संजीव कुमार ने बताया कि प्राइवेट व सरकारी दोनों जगह बासमती व नान बासमती खरीद होती है। फिलहाल एक अक्टूबर से खरीद शुरू होगी। एजेंसियां भी अलॉट नहीं हुई है।

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