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ग्रामीण अंडरपास निर्माण की मांग:एनएच बाईपास के चलते 5 गांवों का शहर से कटा सीधा कनेक्शन, रिस्क उठा रॉन्ग साइड से इंट्री कर रहे ग्रामीण

जींद2 महीने पहले
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दात्तासिंह वाला से जींद होकर दिल्ली की तरफ जाने वाले नेशनल हाईवे बाईपास की वजह से चार गांवों के 10 हजार लोगों का जींद शहर से सीधा कनेक्शन कट गया है। अहिरका, कैर खेड़ी, रूपगढ़, जीतगढ़ गांवों के लोगों को कई-कई किलोमीटर के चक्कर लगाकर या फिर रांग साइड से चलते हुए जान जोखिम में डालकर शहर में आना पड़ रहा है। इसके चलते कई बार हादसे भी हो चुके हैं। ग्रामीणों की मांग है कि अपोलो चौक से आगे निकलकर जो सड़क अहिरका की तरफ आती थी, उसके सामने हाईवे पर छोटा अंडरपास बनाया जाए, ताकि उन्हें आने-जाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आए।

नेशनल हाईवे बाईपास नरवाना रोड पर राधा स्वामी सत्संग ब्यास के आगे से शुरू होकर यह कैथल रोड, हैबतपुर, सफीदों रोड, गोहाना रोड से होते हुए रोहतक की तरफ गतौली के पास जाकर खत्म होता है। इस दौरान मुख्य रास्तों पर फ्लाईओवर बनाए गए हैं। कैथल रोड पर शहर में अपोलो चौक से आगे लिंक मार्ग अहिरका गांव की तरफ जाता है और अहिरका, कैर खेड़ी, रूपगढ़, जीतगढ़ गांव के लोग इसी रास्ते से शहर में आते और जाते थे लेकिन हाईवे के निर्माण के बाद गांव और शहर का कनेक्शन कट गया है। लिंक मार्ग को हाईवे में तो मिला दिया गया है लेकिन क्रॉसिंग के लिए रास्ता नहीं छोड़ा गया है।

गांव में इंट्री के लिए 300 मीटर राॅन्ग साइड चलना पड़ता
गांव अहिरका निवासी अजमेर सिंह ने बताया कि अहिरका की दूरी कैथल रोड से मात्र तीन से चार किलोमीटर है लेकिन गांव में जाने के लिए कैथल रोड से करीब छह किलोमीटर तक नरवाना रोड पर चलने के बाद शुगर मिल के पास क्रॉसिंग है, वहां से वाहन घुमाकर वापस छह किलोमीटर आना पड़ेगा, उसके बाद गांव में इंट्री हो सकेगी। इसके अलावा कैथल रोड से करीब 300 से 400 मीटर रांग साइड में चलने के बाद गांव की सड़क पर इंट्री करनी पड़ती है, इससे हादसे का भी डर बना रहता है और जान जोखिम में रहती है। नेशनल हाईवे की तरफ से यहां क्रॉसिंग नहीं दी गई है। चार किलोमीटर के सफर की बजाय हर रोज 10 से 12 किलोमीटर अतिरिक्त सफर तय करने को मजबूर हैं।

नरवाना रोड से भी गांव में इंट्री के लिए नहीं दिया रास्ता : मोहन
अहिरका निवासी मोहन भोला ने कहा कि कैथल रोड के अलावा गांव में इंट्री नरवाना रोड पर राधा स्वामी सत्संग ब्यास से भी होती है और यहां पर गांव की तरफ जाने वाली सड़क के सामने क्रॉसिंग नहीं दी गई है। यहां भी रांग साइड से चलकर ही गांव की सड़क पर इंट्री हो पाती है। इससे ग्रामीणों को काफी दिक्कतें होती हैं।

कैर खेड़ी जाने के लिए भी यही था रास्ता : अजय
कैर खेड़ी गांव निवासी अजय रेढ़ू, सुमित रेढ़ू ने कहा कि शहर से गांव कैरखेड़ी जाने के लिए पहले वह कैथल रोड से लिंक रोड पर अहिरका होते हुए सीधे कैर खेड़ी चले जाते थे लेकिन हाईवे बनने के बाद उन्हें रांग साइड से चलकर ही अहिरका होते हुए कैर खेड़ी जाना पड़ता है। इसी तरह की स्थिति रूपगढ़ एवं जीतगढ़ गांव के ग्रामीणों के साथ हो रही है।

छोटी हाइट का अंडरपास बनने से हो सकता समाधान
अजमेर घनघस, मोहन भोला, अजय रेढ़ू ने बताया कि अहिरका की तरफ जाने वाली सड़क के सामने हाईवे के नीचे छोटी हाइट का अंडरपास बना दिया जाए तो उनकी समस्या का समाधान हो सकता है। इन गांवों से ज्यादातर बाइक, रिक्शा, आटो, कार चालक ही शहर की तरफ आते हैं। बड़ा व्हीकल एकाध ही आता है, इसलिए यहां पर छोटी हाइट का अंडरपास बना दिया जाए तो ग्रामीणों की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।

कैथल रोड का धीमी गति से चल रहा निर्माण कार्य
वहीं कैथल रोड पर नेशनल हाईवे द्वारा सड़क का काफी धीमी गति से निर्माण किया जा रहा है। इससे यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वाहनों के गुजरने के लिए किसी तरह का सर्विस रोड भी नहीं दिया गया है तो किसी तरह का संकेतक भी नहीं लगा है। इससे वाहन चालक पहले कैथल रोड पर शहर में प्रवेश करते हैं तो आगे रास्ता बंद होने से वापस आते हैं और सफीदों या नरवाना रोड से होकर जाते हैं।

  • अगर ग्रामीणों की इस तरह की मांग आती है तो इस मामले में नेशनल हाईवे के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी और जो भी समाधान हो सकेगा, उसे करवाने का प्रयास किया जाएगा। उनकी अपील है कि रांग साइड से न गुजरें, इससे हादसा हो सकता है और जान भी जा सकती है। -डॉ. मनोज कुमार, जिला उपायुक्त, जींद।
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