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एक्यूआई में नहीं सुधार:उड़ती धूल, सड़क-डंपिंग जोन में जल रहे कूड़े और खेतों में फानों की आग से बढ़ा प्रदूषण का स्तर, 323 पहुंचा एक्यूआई

जींद2 महीने पहले
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जींद के अनूपगढ़ के पास खेताें में फानाें में लगाइ गई आग का दृश्य - Dainik Bhaskar
जींद के अनूपगढ़ के पास खेताें में फानाें में लगाइ गई आग का दृश्य

शहर में सरेआम जगह-जगह जलाया जा रहा कूड़ा, पुराना हांसी रोड पर कचरे के डंपिंग जोन में लग रही आग के कारण कूड़े से उठता जहरीला धुआं और खेतों में फूंके जा रहे गेहूं के फानों के कारण प्रदूषण के स्तर में कोई सुधार नहीं हो पाया है। शुक्रवार को एक्यूआई 323 रहा। पिछले सप्ताह 200 चल रहा था। बीते तीन से दिनों से यह 300 से पार है। वहीं चार मई को 363 तक पहुंच गया था।

200 से ज्यादा एक्यूआई सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है। 300 से 400 के बीच का एक्यूआई खतरनाक माना जाता है। वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग के अनुसार 11 मई तक इसी तरह धूल भरी आंधी चलने की संभावना है। दो से तीन दिन तक लू से राहत मिलेगी लेकिन उसके बाद फिर से मौसम तपाने का काम करेगा और पारा 43 डिग्री तक पहुंचा। बता दें कि पिछले 15 दिनों से हवा में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी है तो वाहनों पर चलते समय आंखों में हलकी जलन महसूस होती है। शुक्रवार को एक्यूआई 323 रहा तो एक मई से ही प्रदूषण का स्तर 300 से ज्यादा चल रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार एक सप्ताह तक धूल भरी आंधी चलने के कारण प्रदूषण का स्तर कम होने की संभावना नजर नहीं आ रही। इसके अलावा शहर में गोहाना रोड, पटियाला चौक, सफीदों रोड समेत कई जगहों पर खुले में कचरा जलाया जा रहा है तो पुराना हांसी रोड पर बने कचरा डंपिंग साइट पर भी पिछले कई दिनों से कचरे से जहरीला धुआं निकल रहा है, जो हवा को प्रदूषित कर रहा है।

11 मई तक धूल भरी आंधी चलने की आशंका, उसके बाद बढ़ेगा तापमान 43 डिग्री तक पहुंचेगा पारा

तीन दिन लू से राहत, उसके बाद तपाएगा
पांडू-पिंडारा कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेश ने बताया कि 11 मई तक मौसम शुष्क रहने के साथ बदलता रहेगा। 11 मई तक धूल भरी आंधी चलती रहेगी। लू से राहत मिल सकती हैं। इसके लू पूरे महीने तपा सकती हैं। अधिकतम तापमान 40 से 43 तक रहने की संभावना है तो न्यूनतम तापमान 23 से 26 डिग्री तक रह सकता है। 10 से साढ़े 17 किमी की स्पीड से हवाएं चलने का अनुमान है।

कपास की बिजाई के लिए सही समय : डॉ. राजेश ने बताया कि कपास की फसल बिजाई के लिए यह सही समय है। किसानों को सलाह है कि बिजाई से पहले खेतों की गहरी जोताई करें। मिट्टी पर सूरज की रोशनी लगने दें। बीमारी से बचाव के लिए बीजोपचार करें। मूंग की फसल में आवश्यकतानुसार तापमान को देखते हुए पानी दिया जा सकता है।

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