सीआरएसयू की 2 छात्राओं का शोध:जींद का भूजल स्तर गिर रहा है नीचे, भारतीय भू-वैज्ञानिक संस्था दोनों छात्राओं के शोध को शोध-पत्रिका में प्रकाशित करेगी

जींद6 दिन पहले
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चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में भूगोल विभाग की एमएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा सलिता व हिमानी के शोध पत्रों को भारतीय भू-वैज्ञानिक संस्था शोध पत्रिका में प्रकाशित करेगी। छात्राओं के शोध के प्रकाशन की मंजूरी भी मिल चुकी है। छात्राओं ने यह शोध डा. सितेंद्र मलिक के निर्देशन में तैयार किए हैं। यह शोध जींद जिले में गिरते भू जल स्तर और उसको प्रभावित करने वाले कारकों पर था। इस अध्ययन में छात्राओं ने 1987 से 2017 तक के आंकड़ों का प्रयोग किया।

शोध में पाया गया कि पिछले 30 साल में धान की फसल के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में बेतहाशा वृद्धि, निरंतर नलकूपों की संख्या में वृद्धि, अधिक पानी की आवश्यकता वाली फसलों की बुवाई, वर्षा की कमी व भूमिगत जल का गैर जरूरी कार्यों में प्रयोग गिरते भू जल स्तर के प्रमुख कारण है। जिसके परिणामस्वरूप जींद जिले का भूजल स्तर हर साल 22 सेंटीमीटर की दर से नीचे गिर रहा है। यह समस्या जींद जिले केंद्रीय भाग में सबसे अधिक है।

यूनिवर्सिटी कुलपति डॉ. रणपाल सिंह ने दोनों छात्राओं की सराहना की। कुलसचिव प्रोफेसर लवलीन मोहन ने बताया की यूनिवर्सिटी प्रशासन शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयत्नशील है और यह उसी का परिणाम है। शोध कार्य के निर्देशक और भूगोल विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सितेंद्र मलिक ने बताया कि हरियाणा की किसी भी यूनिवर्सिटी में भूगोल विषय में मास्टर डिग्री करने वाले विद्यार्थियों द्वारा प्रकाशित शोध पत्रों में इसका इम्पैक्ट फैक्टर सबसे ज्यादा है।

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