व्यवस्था की दिक्कत:अपडेट के बाद पोर्टल में नहीं दिख रहा प्रॉपर्टी टैक्स का ऑप्शन, एक हफ्ते में नहीं हुआ ठीक

जींद2 महीने पहले
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जींद. प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरेे जाने के कारण खाली पड़ी खिड़की। - Dainik Bhaskar
जींद. प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरेे जाने के कारण खाली पड़ी खिड़की।

नगर परिषद में पिछले एक सप्ताह से लोगों का प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं हो पा रहा है। यूएलबी (अर्बन लोकल बॉडी) के टैक्स जमा करने वाले पोर्टल पर इसका ऑप्शन ही नहीं आ रहा है। प्रतिदिन लोग प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने के लिए नगर परिषद कार्यालय आते हैं। फिर लौट जाते हैं। हाल ही में स्थानीय शहरी निकाय निदेशालय ने पोर्टल अपडेट किया था। तबसे समस्या है

अपग्रेडेशन के दौरान नए वित्त वर्ष का प्रॉपर्टी टैक्स का अनुमानित लक्ष्य और पिछले एरिया का ब्यौरा भी पोर्टल पर अपडेट किया गया था, लेकिन अपडेट होने के बाद से ही नगर परिषद में प्रॉपर्टी टैक्स के बिल भरना बंद हो गए हैं। ऑप्शन नहीं होने की वजह से किसी भी टैक्स नहीं भर जा रहा है। नगर परिषद में प्रतिदिन 50 से 70 लोग प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए आते हैं। प्रतिदिन 15 से 50 हजार तक का प्रॉपर्टी टैक्स व एरिया नगर परिषद के पास जमा होता है।

यहां बता दे कि जींद शहर में 70 हजार से अधिक प्रॉपर्टी है। इन सभी से नगर परिषद द्वारा हर साल 3 करोड़ रुपए का प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने का लक्ष्य रखा जाता है, लेकिन हर साल केवल 70 लाख से एक करोड़ रुपए के बीच ही प्रॉपर्टी टैक्स जमा हो पाता है। फिलहाल भी नगर परिषद की तरफ से 46 करोड़ रुपए का बकाया लोगों से वसूल किया जाना है, लेकिन लोग प्रॉपर्टी टैक्स व एरियर जमा कराने में ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

  • प्रतिदिन 70 से 100 लोग भरने के लिए आते हैं नगर परिषद में प्रॉपर्टी टैक्स भरने
  • तीन करोड़ प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का लक्ष्य पर 70 लाख रुपए तक ही हो पाता है जमा

700 से ज्यादा ऑब्जेक्शन, अब किए जा रहे ठीक
पिछले कई दिनों से पोर्टल अपडेट किया जा रहा था, जिसके चलते प्रॉपर्टी आईडी में गलतियों को ठीक करने के लिए आब्जेक्शन नहीं लग पा रहे थे। लगभग 700 से ज्यादा आब्जेक्शन विभाग के पास आए हुए हैं, जिनको अब एक-एक करके ठीक करने का काम किया जा रहा है।

24 तक दो काउंटरों पर ठीक होगी आईडी
प्रॉपर्टी आईडी में आई खामियों को अब केवल दो जगहों पर कैंप लगाकर दूर किया जाएगा। यह काम भी केवल 24 मई तक किया जाएगा। उसके बाद लोगों को नगर परिषद में आकर खामियां ठीक करवानी होंगी। अब केवल रानी तालाब स्थित पुराने कार्यकारी आवास और रोहतक रोड स्थित सैनी धर्मशाला में ही किया जाएगा। यह काम भी 24 मई तक होगा। उसके बाद नगर परिषद में लोगों को आकर यह काम करवाना होगा।

नरवाना में ईओ का नंबर नहीं रजिस्टर्ड, अटकीं फाइलें
नरवाना नगर परिषद के ईओ डॉ. सुरेश चौहान के निलंबन के बाद कार्यभार जींद के ईओ राजेंद्र प्रसाद के पास हैं। उनको कार्यभार ग्रहण किए एक माह हो चुका है, लेकिन उनका मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड न होने से आईडी नहीं बनी है। इसके चलते लोगों की प्रॉपर्टी आईडी बनने में दिक्कत आ रही है। लगभग 200 फाइलें अटकी पड़ी है। प्रॉपर्टी आईडी न बनने के कारण लोगों की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। ईओ की आईडी व मोबाइल रजिस्टर्ड जिला नगर आयुक्त कार्यालय की आईडी से होता है, लेकिन जिले में जिला नगर आयुक्त का पद भी लंबे समय से खाली पड़ा हुआ है। ऐसे में अब डीसी जींद की आईडी से ईओ की आईडी बनाने के लिए पत्र भेजा गया है। उसके बाद उनका नंबर भी रजिस्टर्ड होगा, तभी प्रॉपर्टी आईडी का काम शुरू हो सकेगा।

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